यहूदी भी तंग आ चुके हैं; नेतन्याहू पर क्यों भड़क गए थे ट्रंप? किताब में हुआ खुलासा

लाइव हिन्दुस्तान
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के ऊपर एक किताब सामने आई है। इसमें कहा गया है कि नेतन्याहू के नेतृत्व में जब इजरायल ने कतर पर हमला कर दिया तो ट्रंप इससे बुरी तरह से भड़क गए थे। उन्होंने साफ कह दिया था कि यहूदी भी नेतन्याहू से तंग आ गए हैं।

US Iran deal

अमेरिका और इजरायल के रिश्तों पर पैनी नजर रखने वाले विशेषज्ञों का मानना है कि इजरायली पीएम नेतन्याहू पिछले पांच से छह अमेरिकी राष्ट्रपतियों को ईरान पर हमला करने के लिए मनाने की कोशिश कर चुके थे। लेकिन उन्हें सफलता आखिरकार ट्रंप के साथ आकर मिली। ऐसे में कहा जा सकता है कि ट्रंप, नेतन्याहू के लिए सबसे बेहतर अमेरिकी राष्ट्रपति साबित हुए हैं। लेकिन हाल के कुछ दिनों में ट्रंप और नेतन्याहू के बीच की कुछ ऐसी बातें सार्वजनिक हो रही हैं, जिनसे यह साफ है कि ट्रंप भी नेतन्याहू से परेशान हो चुके हैं। इसी बात का खुलासा ट्रंप के ऊपर हाल ही में सामने आई एक किताब में किया गया है, जिसमें बताया गया कि कैसे एक फोन कॉल के दौरान ट्रंप नेतन्याहू से कहते हैं कि 'सभी यहूदी भी तुमसे परेशान हो चुके हैं।'

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के पहले साल के दौरान के घटनाक्रमों पर किताब लिखने वाले न्यूयॉर्क टाइम्स के पत्रकार मैग्गी हाबेर्मन और जोनाथन स्वान ने अपनी किताब रिजीम चेंज: इनसाइड द इम्पैरियल प्रेसिडेंसी ऑफ डोनालड ट्रंप' में किया है। किताब के मुताबिक, गाजा में युद्धविराम की कोशिश कर रहे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जब पता चला कि इजरायल ने हमास नेताओं को मारने के लिए कतर पर हमला किया है तो उन्होंने नेतन्याहू को फोन पर बातचीत के दौरान डांट लगाई थी।

यहूदी भी तुमसे तंग आ चुके हैं बीबी: ट्रंप

किताब के मुताबिक, फोन पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा, "हर कोई तुमसे तंज आ चुका है, बीबी। सभी यहूदी तुमसे तंग आ चुके हैं। यहां तक कि इस कॉल पर मौजूद दो यहूदी भी तुमसे तंग आ चुके हैं।" दरअसल, ट्रंप का तात्पर्य यहां कॉल पर मौजूद अमेरिकी अधिकारी स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर से था। यह फोन कॉल उस समय का है, जब राष्ट्रपति ट्रंप गाजा में युद्धविराम लागू करवाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इजरायल ने हमास के नेताओं पर हमला करने के लिए कतर के ऊपर मिसाइल मार दी थी। इस हमले में हमास के कुछ लोग मारे गए थे, जबकि एक कतरी सुरक्षाकर्मी की भी मौत हुई थी। इसके बाद कतर ने सीधे अमेरिका को इस बारे में जानकारी दी, जिसके बाद ट्रंप और नेतन्याहू के बीच में बातचीत हुई।

गौरतलब है कि इसके बाद ट्रंप ने नेतन्याहू को वाइट हाउस बुलाया और अपने सामने कतरी शासक को फोन लगवाकर नेतन्याहू से माफी मंगवाई थी।

नेतन्याहू धोखेबाज: किताब में ट्रंप

न्यूयॉर्क टाइम्स के पत्रकारों द्वारा लिखी गई इस किताब में एक जगह ट्रंप इजरायली प्रधानमंत्री को धोखेबाज बताते हुए नजर आते हैं। गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप के वाइट हाउस की गद्दी संभालने के बाद नेतन्याहू और अमेरिका के बीच में ज्यादातर समय उठापटक का दौर चलता रहता है। नेतन्याहू के कहने पर अमेरिका ईरान पर हमला करने के लिए तैयार हो गया, लेकिन अब इजरायल चाहता है कि युद्ध जारी रहे, लेकिन अमेरिका इसे खत्म करके वापस जा चुका है।

ट्रंप ने नेतन्याहू का कह दिया पागल

यह किताब ऐसे समय में सामने आई है, जब हाल ही में ईरान के साथ सीजफायर करने की कोशिश कर रहे ट्रंप ने नेतन्याहू को लेबनान पर हमला करने के लिए पागल तक कह दिया था। कथित रूप से ट्रंप ने फोन पर नेतन्याहू से झल्लाते हुए कहा, "तुम पूरी तरह से पागल हो। अगर मैं न होता तो तुम जेल में होते। मैं तुम्हें बचा रहा हूं। अब हर कोई तुमसे नफरत करता है। इस वजह से हर कोई अब इजरायल से नफरत करता है।" इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद ट्रंप ने स्वीकार किया था कि उन्होंने नेतन्याहू के साथ ऐसे बात की है। हालांकि, बाद में उन्होंने यह भी कहा कि नेतन्याहू उनके अच्छे दोस्त हैं।

बता दें, यह पूरा मामला ईरान और गाजा युद्ध से जुड़ा हुआ है। इजरायल काफी पहले से इस बात को कहता आ रहा है कि ईरान न्यूक्लियर हथियार बना रहा है। ईरान के न्यूक्लियर हथियार से सीधे तौर पर इजरायल के लिए खतरा हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल ने ही ट्रंप को इस बात का भरोसा दिलाया था कि अगर दोनों मिलकर ईरान पर हमला करते हैं, तो कुछ ही दिनों में वहां व्यवस्था फेल हो जाएगी और लोग सत्ता पर कब्जा कर लेंगे। लेकिन ईरान लगातार लड़ाई लड़ता रहा, जिससे दोनों के मंसूबों पर पानी फिर गया।

इजरायल के प्रधानमंत्री पिछले तीन सालों से युद्ध लड़ रहे हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि वह सत्ता में रहने के लिए युद्ध जारी रखना चाहते हैं क्योंकि अगर युद्ध समाप्त होते हैं, तो चुनाव होंगे और फिर उन्हें हार का सामना करना पड़ेगा। इतना ही नहीं उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप भी हैं। वहीं दूसरी तरफ ट्रंप की हालत अलग है।

Upendra Thapak

लेखक के बारे में

Upendra Thapak

उपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।

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