
खुद को बचाने के लिए हमें बलि का बकरा बनाने की कोशिश; एपस्टीन फाइल्स पर क्लिंटन की टीम
एपस्टीन फाइल्स से जुड़े नए खुलासे के बाद पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की टीम ने ट्रंप प्रशासन पर निशाना साधा है। एक बयान में कहा गया कि मौजूदा वाइट हाउस प्रशासन अपने आप को बचाने के लिए पूर्व राष्ट्रपति को बलि का बकरा बना रहा है। यह मामला बिल के बारे में नहीं है।
एपस्टीन फाइल्स को लेकर हुए नए खुलासे ने अमेरिका की राजनीति में एक नया भूचाल ला दिया है। इन नई फाइलों से ट्रंप का नाम गायब है, तो वहीं पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की लड़कियों के साथ पूल में नहाते हुए और कई अन्य तस्वीरें सामने आई हैं। इस पूरे मामले पर क्लिंटन की टीम ने मौजूदा वाइट हाउस प्रशासन के ऊपर आरोप लगाया है कि वह पूर्व राष्ट्रपति को बलि का बकरा बनाने की कोशिश कर रहा है, ताकि उन जानकारियों से लोगों का ध्यान हटाया जा सके, जो छिपा दी गईं, या वह नहीं चाहते कि सामने आएं।
सोशल मीडिया साइट एक्स पर क्लिंटन के प्रवक्ता ने एक बयान जारी करते हुए पूर्व राष्ट्रपति का पक्ष रखा। उन्होंने लिखा, "वाइट हाउस कई महीनों तक इन फाइलों को छिपाकर रखने की कोशिश करता रहा, यह बिल क्लिंटन को बचाने के लिए नहीं था, यह सब अपने आप को बचाने के लिए था... या उस सच से ध्यान हटाने के लिए जिसे वह आगे लाने से डरते हैं, या जिसे हमेशा के लिए छिपा देना चाहते हैं। वह 20 साल पुरानी धुंधली तस्वीरों को जारी करके चाहें कुछ भी कह लें, लेकिन यह मामला बिल क्लिंटन का नहीं है। न पहले कभी था, न अब है और न ही कभी होगा।"
बिल क्लिंटन के प्रवक्ता ने मौजूदा वाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूजी वाइल्स के बयान को कोट करते हुए कहा कि उन्होंने कहा था कि एपस्टीन के मामले में राष्ट्रपति ट्रंप बिल क्लिंटन को लेकर गलत थे। वाइल्स ने माना था कि ट्रंप के बार-बार दावा करने के बाद भी यह साबित नहीं हुआ कि क्लिंटन कभी भी एप्सटीन के कैरेबियन द्वीप पर गए थे।
दरअसल, एपस्टीन फाइल्स के खुलासे के बाद सबसे बड़ा नाम बिल क्लिंटन का ही सामने आया है। अमेरिका की सत्ता संभालने वाले बिल पर पहले भी इस तरह के आरोप लग चुके हैं। हालांकि, क्लिंटन की तरफ से पहले ही यह साफ कर दिया गया है कि जब तक उन्हें एपस्टीन के काले कारनामों के बारे में पता नहीं था, केवल तब तक ही वह उसके साथ दोस्ती बनाकर रखे थे। 2005 में जैसे ही उन्हें एपस्टीन के बारे में पता चला, उन्होंने उससे सभी संबंध खत्म कर लिए।
क्लिंटन के प्रवक्ता, उरेना ने इस मामले में कहा, "यहां दो तरह के लोग हैं। पहले वह लोग हैं, जिन्हें कुछ भी पता नहीं था और जैसे ही एपस्टीन के अपराध सामने आए... उन्होंने उससे दूरी बना ली। दूसरा समूह वह हैं, जो सब कुछ जानते हुए भी उससे संबंध बनाए रखने के लिए उत्सुक थे। हम पहले समूह में हैं। दूसरे समूह के लोग चाहें कितनी भी देर करें, सच्चाई बदलेगी नहीं... यह एक न एक दिन सामने आ ही जाएगी। मागा समर्थक बलि का बकरा नहीं बल्कि जवाब चाहता है।"
गौरतलब है कि एपस्टीन मामले में अमेरिकी न्याय विभाग की तरफ से 3 लाख पेजों की फाइल सार्वजनिक की गई है। लेकिन ट्रंप के विरोधियों का मानना है कि केवल उन फाइलों को सार्वजनिक किया गया है, जिन्हें ट्रंप प्रशासन बाहर लाना चाहता था। इसमें उन फाइलों को सार्वजनिक किया ही नहीं गया, जिनमें खुद राष्ट्रपति ट्रंप का नाम है। न्याय विभाग की तरफ से बताया गया कि अभी भी कई बड़े हिस्से बाकी हैं, जिन पर जांच की जा रही है। इसके अलावा पीड़ितों की पहचान छिपाने के लिए भी कई तस्वीरों और पेजों को काला कर दिया गया है। ट्रंप विरोधियों का मानना है कि इसी का इस्तेमाल करके कई फाइलों में से राष्ट्रपति के नाम को हटा दिया है।

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Upendra Thapakलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




