एपस्टीन फाइल्स की वजह से ब्रिटेन में उथल-पुथल, जल्द इस्तीफा पदे सकते हैं पीएम कीर स्टारमर

Ankit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर जल्द ही अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। स्थानीय चुनावों में करारी हार के बाद उनपर इस्तीफे का दबाव बढ़ रहा है। लेबर पार्टी के नेता का नाम एपस्टीन फाइल्स में आने केबाद लोगों का विश्वास सरकार से उठ रहा है।

एपस्टीन फाइल्स की वजह से ब्रिटेन में उथल-पुथल, जल्द इस्तीफा पदे सकते हैं पीएम कीर स्टारमर

ब्रिटेन में बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल की वजह से प्रधानंत्री कीर स्टारमर अपना पद छोड़ने को तैयार हो गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने अपने करीबियों से कहा है कि वह इस्तीफा देने को तैयार हैं। डेली मेलकी रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री कीर स्टारमर अपने हिसाब से आगे का कदम उठाएंगे। उन्हें इस्तीफा कब देना है, इसका विचार भी वह खुद ही करेंगे।

क्यों खतरे में है कीर स्टारमर की सरकार

जानकारी के मुताबिक यूके की लेबर सरकार संकटों से जूझ रही है। लोगों की इस सरकार में विश्वास कम हो गया है। लेबर पार्टी के पीटर मैंडलसन का नाम एपस्टीन फाइल्स में आने केबाद लोगों ने लेबर पार्टी पर अविश्वास जताया और स्थानीय चुनावों में इसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा। इसी वजह से कीर स्टारमर पर भी इस्तीफा देने का दबाव बढ़ गया है।

गुरुवार को ब्रिटेन में क्षेत्रीय चुनाव हुए। यह चुनाव 136 क्षेत्रों में आयोजित किए गए। अंतिम नतीजों के अनुसार लेबर पार्टी ने परिषद की उन 2,200 से ज़्यादा सीटों में से लगभग 1,200 सीटें गंवा दीं, जिन पर पहले उसका कब्ज़ा था। दक्षिणपंथी 'रिफॉर्म यूके ' पार्टी स्पष्ट विजेता के तौर पर उभरी और उसने लगभग 1,400 सीटें जीतीं।

बता दें कि लेबर पार्टी के ही 80 से ज्यादा सांसदों ने उनसे पद छोड़ने की अपील की है। बीते दिनों सरकार के तीन सदस्यों के इस्तीफा देने की बात भी सामने आई थी।

निगेल फराज के नेतृत्व वाली रिफॉर्म यूके को चुनावों का सबसे बड़ा विजेता माना जा रहा है। स्काई न्यूज के अनुसार, इसने अब तक 1,422 सीटें जीती हैं। लेबर पार्टी 980 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि लिबरल डेमोक्रेट्स और कंजरवेटिव पार्टी क्रमशः 834 और 754 सीटों के साथ तीसरे और चौथे स्थान पर हैं।प्लाइड सिमरु, जो वेल्स की स्वतंत्रता के लिए प्रतिबद्ध एक मध्य-वामपंथी पार्टी है, 43 सीटों के साथ वेल्स सेनेड में सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। रिफॉर्म यूके 34 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर है जबकि लेबर पार्टी नौ सीटों के साथ बहुत पीछे तीसरे स्थान पर है। वेल्स में 27 साल सत्ता में रहने के बाद लेबर पार्टी ने पहले ही हार स्वीकार कर ली थी।

स्टारमर ने इस्तीफा देने से कर दिया था इनकार

वहीं स्कॉटलैंड में, स्कॉटिश नेशनल पार्टी ने सबसे अधिक 58 सीटें जीतीं लेकिन बहुमत के लिए आवश्यक 65 सीटों से पीछे रह गई। लेबर और रिफॉर्म यूके 17-17 सीटों पर बराबरी पर हैं जबकि कंजर्वेटिव पार्टी की सीटें घटकर 12 रह गईं। अपनी पार्टी के लिए निराशाजनक नतीजों के बावजूद, स्टारमर ने इस्तीफा देने से मना करते हुए कहा था कि वह पीछे नहीं हटेंगे और देश को अराजकता में नहीं धकेलेंगे।

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लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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