Hindi Newsविदेश न्यूज़Entire Bangladesh would be brought to a standstill if Hadi Inqilab Moncho warns Yunus
हादी के हत्यारों को भारत से लाओ, वरना पूरे बांग्लादेश को... इंकलाब मंच की यूनुस सरकार को खुली चेतावनी

हादी के हत्यारों को भारत से लाओ, वरना पूरे बांग्लादेश को... इंकलाब मंच की यूनुस सरकार को खुली चेतावनी

संक्षेप:

सिंगापुर जनरल अस्पताल में छह दिन जीवन-मृत्यु से जूझने के बाद 18 दिसंबर की रात हादी ने दम तोड़ दिया। बाद में इंकलाब मंच ने फेसबुक पोस्ट में उनकी मौत की पुष्टि करते हुए उन्हें शहीद करार दिया।

Dec 19, 2025 10:04 am ISTAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, ढाका
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बांग्लादेश की राजनीतिक उथल-पुथल के बीच एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। जुलाई विद्रोह के प्रमुख नेता और इंकलाब मंच के संयोजक शरीफ उस्मान हादी की सिंगापुर में मौत के बाद देशभर में प्रदर्शन भड़क उठे हैं। इस बीच इंकलाब मंच ने चेतावनी दी है कि अगर हादी पर गोली चलाने वाले हमलावरों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया तो पूरे देश को ठप्प कर दिया जाएगा। संगठन ने शाहबाग चौराहे पर अनिश्चितकालीन धरना देने और देशव्यापी आंदोलन की धमकी दी है।

गुरुवार को फेसबुक पर जारी एक बयान में इंकलाब मंच ने कहा कि 'अगर शरीफ उस्मान हादी अपनी चोटों से उबर नहीं पाते और शहीद होते हैं, तो यह आंदोलन देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए शुरू किया जाएगा।' संगठन ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारी तब तक शाहबाग में डटे रहेंगे, जब तक हमलावरों को न्याय के कटघरे में नहीं लाया जाता।

संगठन ने यह भी चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो पूरे देश को ठप किया जा सकता है। बयान में कहा गया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और न्याय सुनिश्चित करने की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

आरोपी भारत भाग गए?

इंकलाब मंच ने दावा किया कि यदि इस हमले के आरोपी भारत भाग गए हैं, तो बांग्लादेश सरकार को भारतीय अधिकारियों से हर कीमत पर बातचीत कर उनकी वापसी सुनिश्चित करनी चाहिए। संगठन का कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़ा हुआ है।

बयान के अंत में इंकलाब मंच ने कहा- हम अल्लाह से दुआ करते हैं कि वह शरीफ उस्मान हादी को लंबी और बरकत भरी जिंदगी अता करें। इस बयान के कुछ ही घंटों बाद सिंगापुर से खबर आई कि हादी की मौत हो गई है। इसके बाद से ही पूरे बांग्लादेश, खासतौर से राजधानी ढाका में भीड़ हिंसा पर उतारू है। कम से कम दो अखबारों के दफ्तर को आग के हवाले कर दिया है।

हमले की घटना और हादी की मौत

12 दिसंबर को ढाका के पलटन इलाके में दिनदहाड़े शरीफ उस्मान हादी पर बाइक सवार हमलावरों ने गोली चला दी थी। हादी रिक्शे पर सवार थे और जुमे की नमाज अदा करके लौट रहे थे। हमलावरों ने उनके सिर में गोली मारी, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई। पहले ढाका के एवरकेयर अस्पताल में इलाज के बाद उन्हें बेहतर उपचार के लिए सिंगापुर ले जाया गया। सिंगापुर जनरल अस्पताल में छह दिन जीवन-मृत्यु से जूझने के बाद 18 दिसंबर की रात हादी ने दम तोड़ दिया। बाद में इंकलाब मंच ने फेसबुक पोस्ट में उनकी मौत की पुष्टि करते हुए उन्हें शहीद करार दिया।

अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने भी हादी की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया और एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की। हादी जुलाई 2024 के छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह के प्रमुख चेहरों में से एक थे, जिसने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार को उखाड़ फेंका था। वे ढाका-8 सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में आगामी संसदीय चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। हादी भारत विरोधी और हसीना विरोधी बयानों के लिए जाने जाते थे।

Amit Kumar

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