अल नीनो ने बढ़ाई इस देश की मुश्किलें, 115000 से अधिक लोग बूंद-बूंद पानी को तरसे

लाइव हिन्दुस्तान, कोलंबो
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अल नीनो के कारण श्रीलंका के कई इलाकों में सूखा और गहरा गया है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि देश के सात जिलों में 1 लाख 15 हजार से अधिक लोग पीने के पानी की कमी से जूझ रहे हैं।

EL Ninio
श्रीलंका में अल नीनो का असर

अल नीनो का असर दिखने लगा है। बढ़ते तापमान और कम बारिश के कारण श्रीलंका के कई इलाकों में सूखा और गहरा गया है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि द्वीप राष्ट्र में 1 लाख 15 हजार से अधिक लोग पीने के पानी की कमी से जूझ रहे हैं। मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक अजीत विजेमन्ना के अनुसार अल नीनो की स्थिति विकसित हो रही है और यह मौजूदा मौसम पैटर्न को और प्रभावित कर सकती है।

आपदा प्रबंधन केंद्र (DMC) के अनुसार, देश के 25 प्रशासनिक जिलों में से सात जिलों में 1,15,586 लोग अल नीनो से जुड़े मौसम पैटर्न से प्रभावित हुए हैं। केंद्र की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि भीषण गर्मी और बारिश की कमी ने कई क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता को गंभीर चुनौती बना दिया है। डीएमसी अधिकारी प्रगीथ दाननसुरिया ने बताया कि फिलहाल 1,15,534 लोग पेयजल संकट से प्रभावित हैं।

जलस्तर में लगातार में गिरावट

सिंचाई अधिकारियों के अनुसार, उत्तर-मध्य अनुराधापुरा जिले में करीब 3500 एकड़-फीट क्षमता वाले एरुवेवा जलाशय का जलस्तर गिरकर लगभग 1000 एकड़-फीट रह गया है। मध्य क्षेत्र के मटाले और पूर्वोत्तर क्षेत्र के नंदिकदल समेत कई इलाकों में जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। लंबे सूखे का असर अब सिर्फ पेयजल तक सीमित नहीं रहा। जलीय जीवन और वन्यजीव भी प्रभावित हो रहे हैं।

पूर्वोत्तर में स्थित मुल्लैथिवु झील में हजारों छोटी मछलियां मृत पाई गई हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि खारे और मीठे पानी के मिश्रण से उनकी मौत हुई। कई इलाकों में प्राकृतिक जल स्रोत सूख रहे हैं, जिससे जंगली जानवर पानी के वैकल्पिक स्रोतों की तलाश में पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं।

सूखे से कृषि क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित

सूखे ने कृषि क्षेत्र को भी नुकसान पहुंचाया है। धान, नारियल, केला और अमरूद जैसी फसलें पानी की कमी से क्षतिग्रस्त हुई हैं। किसानों की चिंता बढ़ गई है क्योंकि कई क्षेत्रों में सिंचाई के पारंपरिक स्रोत भी कमजोर पड़ गए हैं। विजेमन्ना ने कहा कि सितंबर के अंत से कुछ बारिश की संभावना है। अगर यह पूर्वानुमान सही रहा तो मौजूदा हालात में कुछ राहत मिल सकती है। फिलहाल प्रशासन प्रभावित जिलों में पानी की आपूर्ति और राहत उपायों पर नजर बनाए हुए है।

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap

देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।

देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।

मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।

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