पाकिस्तान-अफगानिस्तान में सुलह कराने के प्रयास तेज, रूस और चीन ने संभाला मोर्चा
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच स्थित 2,611 किलोमीटर लंबी सीमा को डूरंड लाइन के नाम से जाना जाता है। अफगानिस्तान की मौजूदा सरकार तालिबान इसे मानता नहीं है। साथ ही इस समझौते को खत्म करने की मांग उठाता रहा है।
चीन और रूस ने दोनों देशों से टकराव समाप्त करने और मतभेदों को राजनयिक माध्यमों से सुलझाने का आग्रह किया। रूसी विदेश मंत्रालय विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने एक बयान में कहा कि दोनों ओर से लोग हताहत हुए हैं, जिनमें नागरिक भी शामिल हैं। हम अपने मित्र देशों, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से इस खतरनाक टकराव को रोकने और सभी मतभेदों को राजनीतिक और राजनयिक माध्यमों से सुलझाने के लिए बातचीत की मेज पर लौटने का आह्वान करते हैं। उधर, चीन ने भी पाकिस्तान और अफगानिस्तान से युद्धविराम के लिए बातचीत करने की अपील की। इनके अलावा भी कई अन्य देशों ने भी दोनों पक्षों से संयम बरतने और तत्काल युद्धविराम की अपील की है।
डूरंड रेखा के आसपास अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच ताजा संघर्ष के बाद कई देशों ने संयम बरतने और तत्काल युद्धविराम की अपील की है। रातभर दोनों ओर से हमलों में सैन्य ठिकानों और नागरिक ढांचे को नुकसान तथा हताहतों की खबरें हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने स्थिति पर चिंता जताई है। उनके प्रवक्ता के मुताबिक सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह और मतभेद कूटनीति से सुलझाने की अपील की गई।
बातचीत को तैयार
तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने कंधार में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हमने बार-बार शांतिपूर्ण समाधान पर जोर दिया है और अब भी चाहते हैं कि यह मसला बातचीत के जरिये हल हो। पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच मौजूदा विवाद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को लेकर बना हुआ है। पाकिस्तान कई वर्षों से से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार से प्रतिबंधित टीटीपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग रह है। इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है।
सीमा विवाद
ब्रिटिश शासन के दौरान खींची गई विवादित सीमा रेखा ‘डूरंड रेखा’ समय-समय पर दोनों देशों के बीच गोलीबारी और राजनयिक तनाव का केंद्र बनी हुई है। डूरंड लाइन को लेकर लंबे समय से विवाद जारी है। दोनों देश एक-दूसरे पर हमले और आतंकियों को छिपाने का आरोप लगाते रहते हैं।
सफेद झंडे लहराए
इस्लामाबाद में दो वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि सीमा की कुछ चौकियों पर अफगानिस्तान की सेना ने सफेद झंडे लहराए थे, जिसे आमतौर पर गोलीबारी रोकने के अनुरोध के रूप में देखा जाता है।
2611 किलोमीटर लंबी सीमा
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच स्थित 2,611 किलोमीटर लंबी सीमा को डूरंड लाइन के नाम से जाना जाता है। अफगानिस्तान की मौजूदा सरकार तालिबान इसे मानता नहीं है। साथ ही इस समझौते को खत्म करने की मांग उठाता रहा है। इसका नाम ब्रिटिश भारत के विदेश सचिव सर हेनरी मोर्टिमर डूरंड के नाम पर रखा गया था।
डूरंड रेखा को लेकर लंबे समय से विवाद
तनाव ऐसे समय बढ़ा है जब दोनों देशों के बीच डूरंड रेखा को लेकर लंबे समय से विवाद जारी है। करीब 132 साल पहले यह सीमा 19वीं सदी में ब्रिटिश हुकूमत द्वारा खींची गई थी। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच स्थित 2,611 किलोमीटर लंबी सीमा को डूरंड लाइन के नाम से जाना जाता है, जिसे काबुल ने औपचारिक तौर पर मान्यता नहीं दी है।
लेखक के बारे में
Himanshu Jhaबिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।
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