
ऑपरेशन सिंदूर से कांप उठा था PAK, जंग रुकवाने 60 बार लगाई थी गुहार; लॉबिंग फर्मों पर खर्चे 45 CR
अमेरिकी फॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट (FARA) के तहत हुए नए खुलासों से पता चलता है कि इस्लामाबाद को चिंता थी कि ऑपरेशन सिंदूर को सिर्फ रोका गया है और पाकिस्तानी इलाके पर हमले फिर से शुरू हो सकते हैं।
पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद जब भारत ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) के अंदर आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए ऑपरेशन सिंदूर चलाया था, तब पाकिस्तान पूरी तरह से डर गया था। आलम यह था कि पाकिस्तान ने डर के मारे अमेरिका से 60 बार जंग रुकवाने की गुहार लगाई थी। पाकिस्तान ने इसके लिए धुआंधार तौर पर लॉबिंग भी की थी और करीब आधा अरब रुपये यानी 45 करोड़ रुपये खर्च किए थे। अमेरिकी सरकार द्वारा कई दस्तावेजों को सार्वजनिक करने के बाद ये खुलासा हुआ है।
अमेरिकी फॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट (FARA) के तहत हुए नए खुलासों से पता चलता है कि इस्लामाबाद को चिंता थी कि ऑपरेशन सिंदूर को सिर्फ "रोका गया" है और पाकिस्तानी इलाके पर हमले फिर से शुरू हो सकते हैं। अमेरिकी दस्तावेजों में कहा गया है कि पाकिस्तान अमेरिकी प्रशासन में शीर्ष पदों पर बैठे लोगों से लगातार संपर्क कर रहा था और क्राइसिस मैनेजमेंट कर रहा था। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि इस दौरान पाकिस्तान अमेरिका से हथियार देने की भी गुहार लगा रहा था और अमेरिका के सामने आर्थिक मदद के लिए भी हाथ फैला रहा था।
पाक के झूठे दावे का भी पर्दाफाश
FARA के दस्तावेज ने पाकिस्तान के उस झूठे दावे का भी पर्दाफाश किया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने सीजफायर की मांग की थी। असल में, सैन्य अभियान रोकने की गुहार और अनुरोध पाकिस्तानी कमांडरों की तरफ से आया था। दरअसल, पाक के सैन्य अफसरों ने अपनी तरफ हुए नुकसान का अंदाजा लगा लिया था और भारत की मिलिट्री ताकत के सामने वे और नुकसान उठाने की हालत में नहीं थे। इसलिए, आखिरी उपाय के तौर पर, इस्लामाबाद ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मदद मांगी थी, इस डर से कि हमले फिर से शुरू हो सकते हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मई में कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ़ रोका गया है, खत्म नहीं हुआ है।

ऑपरेशन सिंदूर भारत का बड़ा सैन्य ऑपरेशन था
बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर भारत का एक बड़ा सैन्य ऑपरेशन था जो पिछले साल मई 2025 के पहले हफ्ते में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले का बदला लेने के लिए किया गया था। पहलगाम हमले में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने 26 बेगुनाहों का नरसंहार कर दिया था। इस आतंकी हमले के बाद भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत किए गए हमलों में पाकिस्तानी इलाके में 100 से ज़्यादा आतंकवादियों को खत्म कर दिया गया था, जिसके बाद 10 मई को सीज़फायर से पहले दोनों देशों के बीच कुछ समय के लिए संघर्ष हुआ था।

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