टेक टैक्स हटाओ, वरना फ्रेंच वाइन-शैंपेन पर 100% टैरिफ; ट्रंप ने फ्रांस को दी खुली धमकी

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस द्वारा लगाए गए डिजिटल सेवा कर को हटाने की मांग करते हुए फ्रांसीसी शराब और शैंपेन पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की सख्त चेतावनी दे दी है। जी7 शिखर सम्मेलन शुरू होने से महज कुछ घंटे पहले आई इस धमकी ने फ्रांस-अमेरिका के बीच व्यापार तनाव को नया मोड़ दे दिया है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस द्वारा लगाए गए डिजिटल सेवा कर (Digital Services Tax) को तुरंत हटाने की मांग करते हुए फ्रांसीसी शराब, शैंपेन और अन्य वाइन उत्पादों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की कड़ी चेतावनी दी है। यह धमकी जी-7 शिखर सम्मेलन शुरू होने से महज कुछ घंटे पहले आई है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार तनाव एक बार फिर बढ़ गया है।

न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से सीधे कहा है कि अमेरिकी टेक कंपनियों पर लगाया गया यह कर तुरंत समाप्त किया जाए, अन्यथा फ्रांस से आने वाले सभी शैंपेन, वाइन और संबंधित उत्पादों पर भारी टैरिफ लगाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। ट्रंप ने कहा कि मैक्रों को बस यह बिक्री कर खत्म करना है। अगर वे ऐसा कर देते हैं तो उन पर इस तरह का कोई दबाव नहीं रहेगा।

डिजिटल सेवा कर विवाद क्या है?

फ्रांस ने वर्ष 2019 में बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों पर तीन प्रतिशत का डिजिटल सेवा कर लागू किया था। इस कर का दायरा उन कंपनियों पर है जो फ्रांस में राजस्व कमाती हैं, जिसमें फेसबुक, अमेजन, एप्पल, गूगल (अल्फाबेट) जैसी अमेरिकी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। फ्रांस का तर्क है कि ये कंपनियां देश में भारी मुनाफा कमाती हैं लेकिन कर चुकाने से रणनीतिक रूप से बचती हैं। ट्रंप प्रशासन इसे अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ भेदभावपूर्ण नीति मानता है।

फ्रांसीसी वाइन उद्योग पर संकट

फ्रांसीसी वाइन और स्पिरिट निर्यातकों के महासंघ (FEVS) के अनुसार, अमेरिका फ्रांसीसी वाइन और स्पिरिट का सबसे बड़ा आयातक देश है। पिछले साल कुल निर्यात का करीब 21 प्रतिशत हिस्सा अमेरिका के पास था। हालांकि, पहले से ही अमेरिकी बाजार में फ्रांसीसी वाइन पर 15 प्रतिशत शुल्क (पहले 10 प्रतिशत) लग रहा है। पिछले वर्ष अमेरिका को फ्रांसीसी वाइन और स्पिरिट के निर्यात में 21 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई थी। यदि ट्रंप अपनी धमकी पर अमल करते हैं तो फ्रांसीसी वाइन उद्योग को और गहरा झटका लग सकता है। फ्रांस की अर्थव्यवस्था में वाइन और शैंपेन निर्यात महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और लाखों लोगों की आजीविका इससे जुड़ी हुई है।

ट्रंप की पुरानी रणनीति

हालांकि यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने फ्रांसीसी शराब पर टैरिफ की धमकी दी हो। जनवरी में ट्रंप ने ‘गाजा शांति बोर्ड’ में शामिल होने के निमंत्रण को अस्वीकार करने पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी। अपने पहले कार्यकाल (2017-2021) के दौरान भी 2019 में डिजिटल सेवा कर लागू होने पर ट्रंप ने शैंपेन और फ्रांसीसी पनीर पर टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। कनाडा इसका ताजा उदाहरण है, जहां अमेरिकी दबाव के बाद कनाडा ने अपना डिजिटल सेवा कर समाप्त कर दिया था। अब फ्रांस पर भी यही दबाव बनाया जा रहा है।

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap

देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।

देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।

मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।

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