मिसाइलों से फाइटर जेट तक... ट्रंप के ईरान युद्ध में 120 दिन में धुआं-धुआं हो गए 320407 करोड़

लाइव हिन्दुस्तान, वाशिंगटन
Follow us on Google News
share

ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका को मात्र चार महीनों में करीब 33.4 अरब डॉलर का खर्च आया है। 28 फरवरी से 29 जून तक चले अभियान में इस रकम का दो-तिहाई से ज्यादा हिस्सा हथियार और गोला-बारूद पर लगा है।

US Iran war Cost
प के ईरान युद्ध में 4 महीने में उड़ गए $33.4 अरब

अमेरिका और ईरान के बीच आज भी तनाव है। दोनों देश एक दूसरे को लगातार देख लेने की धमकी दे रहे हैं। इस बीच एक ऐसा रिपोर्ट सामने आया है, जिससे कई सवाल उठ रहे हैं। पेंटागन की निगरानी रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका को सिर्फ चार महीने में करीब 33.4 अरब डॉलर ( 3,20,407 करोड़ भारतीय रुपये ) का खर्च आया है। इसमें से दो-तिहाई से ज्यादा रकम हथियार और गोला-बारूद पर लगी है। यह अनुमान 28 फरवरी से 29 जून तक का है।

रिपोर्ट में अमेरिका और इजरायल के ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की लागत बताई गई है। मुख्य महानिरीक्षक की इस रिपोर्ट में 30 जून तक की अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का ब्योरा है। कुल 33.4 अरब डॉलर में से 22.3 अरब डॉलर हथियार और गोला-बारूद पर खर्च हुए। 7.4 अरब डॉलर युद्ध से जुड़े दूसरे खर्चों में लगे। करीब 3.7 अरब डॉलर के सैन्य उपकरण भी नष्ट हो गए। इन आंकड़ों में क्षतिग्रस्त इमारतों और ठिकानों की मरम्मत का खर्च शामिल नहीं है।

कहां खर्च हुए पैसे?

बताया जा रहा है कि सबसे बड़ी रकम गोला-बारूद पर गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारी इस्तेमाल से अमेरिकी रणनीतिक भंडार कम हो गए। देश के हथियार बनाने वाले उद्योग की सीमाएं भी सामने आईं। पेंटागन अधिकारी बताते हैं कि अब खरीद और उत्पादन तेज करने की कोशिश हो रही है। जरूरी सामान और चुनिंदा गोला-बारूद का स्टॉक भी बढ़ाया जा रहा है, ताकि अगले संघर्ष में जल्दी इस्तेमाल हो सके।

युद्ध में अमेरिका ने क्या-क्या खोया?

रिपोर्ट में भारी नुकसान का जिक्र है। पांचवीं पीढ़ी का एफ-35ए लड़ाकू विमान दुश्मन की फायरिंग से क्षतिग्रस्त हुआ। युद्ध में एफ-35ए के क्षतिग्रस्त होने का यह पहला मामला बताया गया है। जून के अंत तक अमेरिका के चार एफ-15ई लड़ाकू विमान और एक ए-10 हमलावर विमान भी खो गए। सात केसी-135 ईंधन भरने वाले विमान, सात हेलीकॉप्टर और 30 से ज्यादा ड्रोन क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गए। इनको बदलने में सालों लग सकते हैं।

ईरानी हमलों से ठिकानों को नुकसान

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक खाड़ी इलाके में अमेरिकी ठिकानों पर सैकड़ों इमारतें क्षतिग्रस्त या नष्ट हुईं। इराक, कुवैत, सऊदी अरब और यूएई में अमेरिकी राजनयिक इमारतों को भी नुकसान पहुंचा। इनकी अनुमानित लागत 184 मिलियन डॉलर है। बड़े बुनियादी ढांचे की मरम्मत का खर्च इसमें नहीं जोड़ा गया है।

गोला-बारूद की कमी का सवाल

रिपोर्ट में अमेरिकी रक्षा उद्योग की तेजी से आपूर्ति करने की क्षमता पर चिंता जताई गई है। 22.3 अरब डॉलर का गोला-बारूद खर्च युद्ध की सबसे बड़ी लागत है। इससे रक्षा उद्योग की कमजोरियां भी उजागर हुईं। पेंटागन कह रहा है कि वह उत्पादन का समय कम करने और जरूरी सामान का भंडार बढ़ाने पर काम कर रहा है।

बता दें कि रिपोर्ट आने से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका इतिहास में सबसे बेहतर हथियार बना रहा है। अगस्त में उन्होंने दावा किया था कि गोला-बारूद भारी मात्रा में है। सितंबर में उन्होंने मध्यम से उच्च श्रेणी के गोला-बारूद को लगभग असीमित बताया था। दूसरी ओर महानिरीक्षक की रिपोर्ट इन दावों के बाद भी बड़ी मात्रा में दोबारा स्टॉक भरने की जरूरत बता रही है।

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap

देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।

देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।

मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

Hindi Newsविदेश न्यूज़ट्रंप के ईरान युद्ध में 4 महीने में उड़ गए 320407 करोड़, कहां गया US का पैसा?