सीजफायर के बाद ट्रंप का टैरिफ वार, ईरान को हथियार देने वाले देशों पर 50% टैक्स

Apr 08, 2026 05:49 pm ISTDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान को सैन्य हथियार आपूर्ति करने वाले किसी भी देश पर तुरंत 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया जाएगा।

सीजफायर के बाद ट्रंप का टैरिफ वार, ईरान को हथियार देने वाले देशों पर 50% टैक्स

ईरान के साथ अमेरिका में युद्धविराम लागू होने के बावजूद दोनों देशों के बीच जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। दावे और प्रतिदावे का दौर जारी है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान को सैन्य हथियार आपूर्ति करने वाले किसी भी देश पर तुरंत 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि ईरान को हथियार बेचने या सप्लाई करने वाले किसी भी देश द्वारा अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले सभी सामानों पर 50% का शुल्क तत्काल प्रभाव से लागू होगा। इसमें कोई छूट या अपवाद नहीं दिया जाएगा।

इससे पहले ट्रंप ने बुधवार कहा था कि अमेरिका ईरान के साथ मिलकर उसके उस संवर्द्धित यूरेनियम को 'खोदकर निकालने' का काम करेगा, जो पिछले साल गर्मियों में अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों के दौरान जमीन में दब गया था। राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर कहा कि 'यूरेनियम का संवर्धन नहीं किया जाएगा' और जून में हुए हमलों के बाद से इस सामग्री को छुआ तक नहीं गया है। हालांकि ईरान ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।

इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि यदि अमेरिका ईरान के साथ समझौता कर लेता है तो वह जमीन में दबी इस सामग्री को निकाल लेगा और इसके एक बड़ा अभियान होने की उम्मीद है। ट्रंप ने कहा कि हम ईरान के साथ टैरिफ और प्रतिबंधों में राहत के बारे में बातचीत कर रहे हैं।

बता दें कि और ईरान के बीच 39 दिनों तक चले युद्ध के बाद दो सप्ताह के लिए युद्धविराम लागू हो गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति ने युद्धविराम की घोषणा करते हुए इसे 'विश्व शांति के लिए एक बड़ा दिन' बताया है। इस बीच वार्ता की मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार तड़के बताया कि यह युद्धविराम तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। गौरतलब है कि इस घोषणा से कुछ ही घंटे पहले ट्रंप ने धमकी दी थी कि यदि ईरान ने होर्मुज नहीं खोला, तो 'आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी'।

ईरानी सरकारी मीडिया ने समझौते के लिए एक 10-सूत्रीय प्रस्ताव का विवरण दिया है, जो आगामी वार्ता का आधार बनेगा- अमेरिका ईरान के खिलाफ आगे कोई सैन्य आक्रमण नहीं होगा, होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण बना रहेगा, यूरेनियम संवर्धन के ईरान के अधिकार को स्वीकार किया जाएगा, ईरान पर अमेरिका के सभी प्राथमिक और माध्यमिक प्रतिबंध हटाए जाएंगे, ईरान के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी प्रस्तावों को समाप्त किया जाएगा, अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के प्रस्तावों को रद्द किया जाएगा, युद्ध से हुए नुकसान के लिए ईरान को मुआवजे का भुगतान किया जाएगा, क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू बलों की वापसी होगी, क्षेत्र में ईरान समर्थित समूहों पर हमले बंद किए जाएंगे।

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap

देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।

देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।

मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।

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