अगर मचाडो देना चाहें, तो स्वीकार करने को तैयार; अभी भी नोबेल के सपने देख रहे ट्रंप

Jan 09, 2026 09:47 pm ISTUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अभी भी नोबेल पुरस्कार जीतने की उम्मीद है। पुरस्कार विजेता वेनेजुएला की नेता विपक्ष मचाडो से मिलने से पहले ट्रंप ने कहा कि अगर वह इसे साझा करने के लिए तैयार हैं, तो वह इसे स्वीकार करेंगे।

अगर मचाडो देना चाहें, तो स्वीकार करने को तैयार; अभी भी नोबेल के सपने देख रहे ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का शांति के नोबेल पुरस्कार से प्रेम किसी से छिपा नहीं है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति को उठाने के बाद ट्रंप अब 2025 नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और वेनेजुएला की विपक्ष की नेता मारिया कोरेना मचाडो से मिलने वाले हैं। इस मुलाकात से पहले ट्रंप ने कहा कि अगर मचाडो वह पुरस्कार साझा करना चाहें, तो वह उसे स्वीकार कर लेंगे।

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फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि मचाडो के जल्दी ही अमेरिका आने की उम्मीद है, जहां पर वह उनके साथ मुलाकात करेंगे। हालांकि, अभी तक इस मामले में वाइट हाउस और मचाडो के ऑफिस की तरफ से कोई जानकारी सामने नहीं आई है। वेनेजुएला की नेता विपक्ष के साथ आगामी मुलाकात के लिए उत्सुक ट्रंप ने कहा, “मेरी जानकारी के मुताबिक वह अगले हफ्ते किसी समय आ रही हैं। मैं उनसे मिलने के लिए उत्साहित हूं।”

दूसरी तरफ, वेनेजुएला में अमेरिका की दखलअंदाजी के बाद उत्साहित मचाडो ने एक इंटरव्यू में ट्रंप की तारीफ की। हालांकि उन्होंने कहा कि नोबेल शांति पुरस्कार के लिए उनका नाम घोषित होने के बाद से उनकी ट्रंप से कोई बातचीत नहीं हुई है। गौरतलब है कि मादुरो के शासन काल के दौरान मचाडो ने उनका जमकर विरोध किया था। ट्रंप भी उनकी तारीफ कर चुके हैं।

ट्रंप और उनका नोबेल प्रेम

ट्रंप पहले भी कई बार नोबेल जीतने की अपनी इच्छा का सार्वजनिक मंचों पर जता चुके हैं। इतना ही नहीं ट्रंप को खुश करने के लिए इजरायल और पाकिस्तान जैसे कई देशों ने भी खुले आम इस पुरस्कार के लिए उनका समर्थन किया था। हालांकि, इसके बाद भी उन्हें यह पुरस्कार नहीं मिला। नोबेल कमेटी पर सवाल उठाते हुए ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने 8 में से 7 युद्ध रुकवाए हैं। ऐसे में नोबेल जीतने के लिए उनसे अच्छा उम्मीदवार कोई नहीं है। हालांकि, ट्रंप के इस दावे को लेकर नोबेल कमेटी की तरफ से एक बयान जारी किया गया था कि ट्रंप के सत्ता में आने के कुछ दिनों के बाद ही 2025 नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकन बंद हो गए थे, इस वजह से ट्रंप को 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार नहीं दिया जा सकता। कमेटी की इस सफाई के बाद भी ट्रंप उस पर अपनी भड़ास निकालते हुए नजर आए थे।

Upendra Thapak

लेखक के बारे में

Upendra Thapak

उपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।

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