
डोनाल्ड ट्रंप ने एक नक्शा पोस्ट किया और डर गया कनाडा, बोला- हम खाने की प्लेट में हैं
कनाडा को लेकर कई बार डोनाल्ड ट्रंप कह चुके हैं कि उसे ग्रेटर अमेरिका का हिस्सा होना चाहिए। दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम में मार्क कार्नी ने कहा कि आज के दौर में कुछ देश आर्थिक सहयोग को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा टैरिफ को फायदा उठाने का उपकरण बना दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर AI से तैयार एक फोटो शेयर की, जिसमें कनाडा, वेनेजुएला और ग्रीनलैंड को अमेरिकी झंडे में रंगा दिखाया गया है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी सेना अगवा करके लाई है और उनके खिलाफ मुकदमा चल रहा है। ग्रीनलैंड पर तो अमेरिका दावा ही कर रहा है और फोर्स से हथियाने के साथ ही प्रति व्यक्ति 1 लाख अमेरिकी डॉलर तक का लालच भी दे रहा है। इस तरह ऐसे दो देशों के साथ अपने नक्शे को भी अमेरिकी झंडे में रंगा देखकर कनाडा भी चिंतित है। उसकी यह चिंता दावोस में भी दिखी, जहां कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने साफ कहा कि छोटे और मध्यमवर्गीय ताकत वाले देशों को एकजुट होना चाहिए।
कनाडा को लेकर कई बार डोनाल्ड ट्रंप कह चुके हैं कि उसे ग्रेटर अमेरिका का हिस्सा होना चाहिए। दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम में मार्क कार्नी ने कहा कि आज के दौर में कुछ देश आर्थिक सहयोग को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा टैरिफ को फायदा उठाने का उपकरण बना दिया है। इस तरह सप्लाई चेन बाधित हो रही है और कुछ देश इस स्थिति का फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने अमेरिका या डोनाल्ड ट्रंप का नाम नहीं लिया। लेकिन खुलकर संकेत दे दिया। उन्होंने कहा कि मिडल पावर्स को मिलकर काम करना चाहिए क्योंकि हम टेबल पर नहीं हैं तो फिर मेन्यू में होंगे।
मार्क कार्नी की चिंताओं को इससे भी समझा जा सकता है कि उसने एक अरब डॉलर की रकम अपने दक्षिणी बॉर्डर को मजबूत करने पर खर्च की है। इसके अलावा वह उत्तरी सीमा को भी मजबूत करने के लिए अरबों डॉलर की रकम आने वाले सालों में खर्च करने वाला है। माना जा रहा है कि ग्रीनलैंड और वेनेजुएला को लेकर अमेरिकी नीति देखकर कनाडा भी आशंकित है। उसे लग रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप की बात कभी भी हकीकत में बदल सकती है।
ग्रीनलैंड पर किया डेनमार्क का समर्थन
ऐसी स्थिति में तैयारी करना जरूरी है। यही वजह है कि अब वह चीन, रूस और भारत जैसे देशों से एकजुटता की अपील कर रहा है। इसके अलावा ग्रीनलैंड और डेनमार्क का भी समर्थन किया है। मार्क कार्नी ने कहा कि हम डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ हैं। इन दोनों देशों के पास ही अधिकार है कि वे ग्रीनलैंड का भविष्य तय कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम अपनी रक्षा स्थिति मजबूत करने के लिए निवेश कर रहे हैं।

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