मैंने लाखों-करोड़ों लोगों को बचाया… अब ट्रंप को चाहिए 8 नोबेल पुरस्कार, भारत का भी लिया नाम
ट्रंप ने यह भी कहा है कि इतिहास में नोबेल शांति पुरस्कार के लिए उनसे अधिक योग्य कोई नहीं है। उन्होंने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें पदभार संभालने के तुरंत बाद 2009 में यह पुरस्कार मिल गया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चाहतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में ट्रंप ने एक बार 8 वैश्विक युद्धों को रुकवाने का दावा करते हुए कहा है कि उन्हें हर जंग खत्म करवाने के बदले एक नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने लाखों करोड़ों लोगों की जान बचाई और इसीलिए वे नोबेल के हकदार हैं। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच बनी युद्ध जैसी स्थिति को सुलझाने और मध्यस्थता का दावा भी किया, जिसे भारत पहले ही खारिज कर चुका है।
मंगलवार को वाइट हाउस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने दावा कि भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु जंग शुरू होने वाली थी, जिसे उन्होंने रोका। उन्होंने कहा, "मैंने 10 महीनों में आठ ऐसे युद्ध खत्म किए जो शायद कभी खत्म नहीं पाते। पाकिस्तान और भारत। वे एक-दूसरे से लड़ रहे थे। आठ विमान गिराए गए थे। मेरी राय में, वे परमाणु युद्ध करने वाले थे।”
शहबाज शरीफ का जिक्र
वहीं ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का जिक्र करते हुए कहा, “पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यहां आए थे और उन्होंने कहा, राष्ट्रपति ट्रंप ने 10 मिलियन लोगों को बचाया और शायद उससे भी कहीं ज्यादा।" ट्रंप ने कुछ दिन ही पहले एक कार्यक्रम में यही बातें कही थी।
हर युद्ध के लिए मिलना चाहिए नोबेल
ट्रंप ने आगे दावा किया कि उन्हें हर युद्ध के लिए नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, "लेकिन मैं ऐसा नहीं कहता। मैंने लाखों-करोड़ों लोगों को बचाया। ऐसा नहीं है कि नॉर्वे फैसले नहीं लेता, ठीक है? यह नॉर्वे में है। नॉर्वे फैसले लेता है।” वहीं ट्रंप ने वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया मचाडो का जिक्र करते हुए कहा, इसीलिए मैं मारिया का इतना सम्मान करता हूं, जो उन्होंने किया। उन्होंने कहा, मुझे नोबेल पुरस्कार नहीं मिलना चाहिए। उन्हें मिलना चाहिए।" बता दें कि मचाडो ने हाल ही में अपना नशांति पुरस्कार पदक ट्रंप को दिया था, जिसके बाद नोबेल फाउंडेशन की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आई थी।
भारत ने किया है फैक्ट चेक
गौरतलब है कि ट्रंप ने कई बार भारत-पाकिस्तान संघर्ष को रोकने का श्रेय खुद को दिया है। उन्होंने पिछले साल 10 मई से लेकर अब तक लगभग 80 बार यह दावा किया है। बीते साल 10 मई को ट्रंप सोशल मीडिया पर घोषणा की थी कि अमेरिका की मध्यस्थता में हुई बातचीत के बाद दोनों देश पूर्ण व तत्काल संघर्ष विराम पर सहमत हो गए हैं। हालांकि भारत किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप से लगातार इनकार करता रहा है। भारतीय सेना ने बताया है कि भारत के हमलों से त्रस्त होकर पाकिस्तान ने युद्धविराम की मिन्नतें की थीं जिसके बाद दोनों देशों के बीच DGMO स्तर पर हुई वार्ता के बाद संघर्षविराम पर सहमति बनी थी।

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Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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