ईरान युद्ध के बीच अमेरिका ने अब यहां किया हमला, जानें कहां शुरू किया ज्वाइंट ऑपरेशन
ईरान के साथ चल रहे तनाव और मध्य पूर्व में इजरायल के साथ संघर्ष के बीच अमेरिका ने लैटिन अमेरिका में एक नया मोर्चा खोल दिया है। यूएस साउथर्न कमांड ने इक्वाडोर में डिजाइनेटेड टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशंस के खिलाफ इक्वाडोर की सेना के साथ संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया है।

ईरान के साथ चल रहे तनाव और मध्य पूर्व में इजरायल के साथ संघर्ष के बीच अमेरिका ने लैटिन अमेरिका में एक नया मोर्चा खोल दिया है। यूएस साउथर्न कमांड (SOUTHCOM) ने इक्वाडोर में डिजाइनेटेड टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशंस (नार्को-आतंकवादी संगठनों) के खिलाफ इक्वाडोर की सेना के साथ संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया है। यह अभियान ड्रग ट्रैफिकिंग और इससे जुड़े आतंकवाद को जड़ से खत्म करने पर केंद्रित है।
SOUTHCOM ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि 3 मार्च को इक्वाडोर और अमेरिकी सैन्य बलों ने ये ऑपरेशन लॉन्च किए। उन्होंने कहा कि यह लैटिन अमेरिका और कैरेबियन के साझेदारों की नार्को-आतंकवाद के खिलाफ प्रतिबद्धता का एक शक्तिशाली उदाहरण है। हम मिलकर उन नार्को-आतंकवादियों का सामना करने के लिए निर्णायक कार्रवाई कर रहे हैं, जिन्होंने पूरे गोलार्ध में नागरिकों पर लंबे समय से आतंक, हिंसा और भ्रष्टाचार फैलाया हुआ है।
SOUTHCOM कमांडर जनरल फ्रांसिस एल. डोनोवन ने इक्वाडोर की सशस्त्र सेना की सराहना की और कहा कि उन्होंने इस लड़ाई में अटूट समर्पण दिखाया है तथा साहस और दृढ़ता से नार्को-आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई की है। जनरल डोनोवन हाल ही में इक्वाडोर के राष्ट्रपति डेनियल नोबोआ से मिले थे, जहां उन्होंने सुरक्षा सहयोग और नार्को-आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका के समर्थन की पुष्टि की।
बता दें कि यह कार्रवाई ट्रंप प्रशासन के दूसरे कार्यकाल में दक्षिण अमेरिका पर फोकस वाले आक्रामक रुख का हिस्सा है। इसमें वेनेजुएला में सैन्य ऑपरेशन के जरिए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर अमेरिका लाना भी शामिल है, जहां उन्हें नार्कोटेररिज्म के आरोप में मुकदमा चलाया जा रहा है।
वर्तमान में अमेरिका मध्य पूर्व में ईरान के खिलाफ इजरायल के साथ उलझा हुआ है, जिससे कई क्षेत्रों में तनाव चरम पर है। इस नए अभियान से कुछ लोग नाराज हैं और सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि यह अमेरिकी साम्राज्य का एक और 'हास्यास्पद युद्ध' है, जिसमें स्थानीय लोगों पर रातोंरात आतंकवादी का ठप्पा लगाया जा रहा है। कुछ का मानना है कि यह ईरान और एपस्टीन जैसे मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश है।
गौरतलब है कि ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में सीमा पार ड्रग्स के खिलाफ सख्त नीति अपनाई गई है, जिसमें ऑपरेशन सदर्न स्पीयर के तहत कैरेबियन और पूर्वी प्रशांत में संदिग्ध जहाजों पर हमले शामिल हैं। इक्वाडोर में यह पहली बार है जब अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस ने जमीन पर इक्वाडोर की कमांडोज को सलाह और सहायता दी है, जबकि मुख्य ऑपरेशन इक्वाडोर की सेना कर रही है।
लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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