EXPLAINER: मध्यावधि चुनावों पर भारतीयों के सर्वे से डरे ट्रंप? तुरंत हटाया 'मिस्टर सिंह' वाला वीडियो; पूरा मामला
मध्यावधि चुनावों को देखते हुए डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकियों को लालच दे रहे हैं। वहीं होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने सिख समुदाय को टारगेट करते हुए एक वीडयो पोस्ट किया जिसे हटाना पड़ गया।

अमेरिका में दूसरी बार सत्ता संभालने के बाद से ही डोनाल्ड ट्रंप प्रवासियों को लेकर काफी सख्त हैं। हाल ही में अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने ऐसा सेल्फ डिपोर्टेशन को लेकर ऐसा विज्ञापन जारी किया जिसकी पूरी दुनिया में आलोचना की गई। इस विज्ञापन में सिख समुदाय को सीधे टारगेट किया गया था। ऐड में सिखों को 'मिस्टर सिह' कहकर संबोधित किया गया। निशाने पर आने के बाद होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने यूटर्न लेते हुए यह विज्ञापन हटा लिया है। दरअसल मामला अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनावों का भी है। डोनाल्ड ट्रंप एक तरफ तो अमेरिका में रहने वाले भारतीय और अन्य लोगों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हैं और दूसरी तरफ भारतीय-अमेरिकियों से वोट की भी उम्मीद करते हैं।
डीएचएस ने हटाया वीडियो
डीएचएस ने एक्स पर एक एआई जनरेटेड वीडियो पोस्ट किया था। इसमें एक सिख को ट्रक चलाते हुए दिखाया गया था और लिखा गया था, 'आप हमारी सकड़ कों को छोड़ दीजिए क्योंकि मिस्टर सिंह को वाहन चलाना नही्ं आता है।' गुरुवार को होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने वीडियो हटा लिया जिसका भारतीय समुदाय ने स्वागत किया है। मध्यावधि चुनाव को देखते हुए यह मुद्दा डेमोक्रेटिक पार्टी भी उठा रही है। कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूजम ने डीएचएस को निशाने पर लेते हुए कहा कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन सिख समुदाय को टारगेट कर रहा है और नस्वभेद को फैला रहा है।
कैलिफोर्निया के सांसद अडम शिफ ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन नफरत फैला रहा है। हिंदू अमेरिका फाउंडेशन, सिखो कोलिशन, हिंदू ऐक्शन और कोलिशन ऑफ हिंदूज ऑफ नॉर्थ अमेरिका ने भी इस वीडियो की आलोचना की। हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने कहा, हिंदू भी सिंघ हैं। वे सिख भी हैं। वे अमेरिकी भी हैं औऱ वाहन चलाने से उन्हें कोई नहीं रोक सकता।
डेमोक्रेट्स की तरफ भारतीयों का रुख
मध्यावधि चुनाव को देखते हुए डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के लिए कई फैसले उलटे पड़ सकते हैं। अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनावों में भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं का रुझान डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों की ओर है। अमेरिका में रहने वाले एशियाई और प्रशांत द्वीपसमूह मूल के समुदायों के बीच किए गए एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है। सर्वेक्षण के मुताबिक, 90 प्रतिशत से अधिक पंजीकृत एशियाई अमेरिकी और प्रशांत द्वीपसमूह (एएपीआई) मतदाता मध्यावधि चुनाव में मतदान करने की योजना बना रहे हैं, हालांकि दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों की ओर से अपेक्षित स्तर पर उनसे संपर्क नहीं किया गया है।
66 फीसदी अमेरिकी-भारतीय देना चाहते हैं डेमोक्रेट्स का साथ
सर्वेक्षण में शामिल 42 प्रतिशत एएपीआई मतदाताओं ने कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी ने उनसे संपर्क नहीं किया, जबकि 58 प्रतिशत ने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी ने भी उनसे संपर्क नहीं किया। भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं में 66 प्रतिशत ने कहा कि वे प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों के चुनावों में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को वोट देंगे।
अमेरिकियों को 5 हजार डॉलर देने का वादा
मध्यावधि चुनाव जीतने के लिए डोनाल्ड ट्रंप ने अब लोगों को लालच देना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि रिपब्लिकन पार्टी मध्यावधि चुनाव में जीत हासिल कर संसद के दोनों सदनों में नियंत्रण बरकरार रखती है तो प्रत्येक अमेरिकी वयस्क को 5,000 अमेरिकी डॉलर भेजे जाएंगे। मध्यावधि चुनाव नवंबर में होने वाले हैं।
नौकरी गई तो छोड़ना होगा अमेरिका
अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने एक नया ड्राफ्ट प्रपोजल जारी किया है। इसके मुताबिक नॉन इमिग्रेंट वर्कर की अगर नौकरी खत्म हो जाती है तो उन्हें तुरंत अमेरिका छोड़ना होगा। इससे पहले लोगों को 60 दिन का ग्रेस पीरियड दिया जाता था। इसका असर एच1-बी वीजा धारकों एल-1 वीजा धारकों याफिर ओ-1 वीजा धारकों पर पड़ने वाला है।


