'रूस से तेल नहीं खरीदेगा भारत'; डोनाल्ड ट्रंप ने फिर किया दावा, भड़की कांग्रेस
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर से दावा किया है कि भारत ने रूस से तेल खरीदना कम कर दिया है। वह धीरे-धीरे इसे कम कर रहे हैं। इससे पहले भी ट्रंप इस तरह का दावा कर चुके हैं। हालांकि विदेश मंत्रालय ने इस दावे को खारिज कर दिया था।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से दावा किया है कि भारत, रूस से तेल खरीद बंद कर देगा। उन्होंने कहा कि भारत अब और तेल नहीं खरीदेगा, उन्होंने पहले ही इसको कम कर दिया है और अब वह इसे और कम कर देंगे। ट्रंप का यह दावा ऐसे समय में सामने आया है, जब कुछ घंटे पहले ही भारतीय विदेश मंत्रालय ने उनके द्वारा किए गए दावे का खंडन किया था। हालांकि ट्रंप के इस बयान के बाद कांग्रेस पार्टी भड़क गई है। कांग्रेस की तरफ से कहा गया है कि ट्रंप हमारे लिए निर्णय ले रहे हैं, यह देश का अपमान है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की की मेजबानी कर रहे डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से भारत द्वारा की जा रही रूसी तेल खरीद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "भारत अब रूस से तेल नहीं करेगा। वह धीरे-धीरे इसे कम करेंगे। वह पहले ही इसे कम कर चुके हैं। वह इसे पूरी तरह से कम कर देंगे। वह 38 प्रतिशत तेल खरीदते थें, अब वह ऐसा नहीं करेंगे।"
कांग्रेस भड़की
ट्रंप के इस बयान के बाद कांग्रेस पार्टी की तरफ से टिप्पणी सामने आई है। कांग्रेस पार्टी के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्रंप के इस बयान की वीडियो साझा करते हुए लिखा गया, "ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति के सामने भारत की ओर से फैसला ले लिया है। ट्रंप ने ऐलान किया गया है कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा। आखिर नरेंद्र मोदी ने भारत के फैसले लेने का हक ट्रंप को क्यों दे दिया है? सीजफायर से लेकर तेल ना खरीदने का फैसला ट्रंप क्यों ले रहे हैं? यह देश का अपमान है।
गौरतलब है कि ट्रंप लगातार इस बात को बढ़ावा दे रहे हैं कि भारत ने रूसी तेल की खरीद को कम कर दिया है। हालांकि भारत ने हमेशा इस दावे को खारिज कर दिया है।
क्या है सच्चाई
रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत ने अक्तूबर में भारत ने रूसी तेल खरीद को बढ़ाया है। त्योहारी सीजन में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए रिफाइनरियां पूरी तरह से काम पर लौट आई हैं। गौरतलब है कि जून में भारत ने रूस से करीब 20 लाख बैरल तेल प्रतिदिन खरीदा था, जो कि मांग में कमी की वजह से सितंबर में 16 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया था। हालांकि अक्तूबर में यह वापस से 18 लाख प्रति बैरल हो गया है।
ये आंकड़े अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 15 अक्टूबर के उस बयान से पहले के हैं जिसमें उन्होंने दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रूसी कच्चे तेल के आयात को रोकने पर सहमत हो गए हैं। हालांकि, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी बातचीत की जानकारी नहीं है।

लेखक के बारे में
Upendra Thapakउपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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