ईरान पर हमले को अमेरिका तैयार, ना माना तो 2026 के अंत में तबाही पर विचार: NYT

Deepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, वॉशिंगटन
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आने वाले दिनों में ईरान पर बड़े सैन्य हमला कर सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका की योजना है कि पहले छोटे हमले करके ईरान को दबाव में लिया जाए। अगर इन हमलों के बाद वह अपनी परमाणु हथियार महत्वाकांक्षा त्याग देता है तो ठीक।

ईरान पर हमले को अमेरिका तैयार, ना माना तो 2026 के अंत में तबाही पर विचार: NYT

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आने वाले दिनों में ईरान पर बड़े सैन्य हमला कर सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका की योजना है कि पहले छोटे हमले करके ईरान को दबाव में लिया जाए। अगर इन हमलों के बाद वह अपनी परमाणु हथियार महत्वाकांक्षा त्याग देता है तो ठीक। लेकिन अगर ईरान इसके बाद भी परमाणु हथियार बनाने की जिद करता है उसके खिलाफ बड़े हमले किए जाएं। हालांकि इससे पहले अमेरिका और ईरान के बीच गुरुवार को जेनेवा मे एक बैठक होने वाली है। इस बैठक को दोनों देशों के बीच युद्ध से बचने के आखिरी उपाय के रूप में देखा जा रहा है।

निशाने पर क्या-क्या
अमेरिका की योजना इन हमलों के जरिए ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई को सत्ता से उखाड़ फेंकना है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी हमलों की जद में, ईरान की इस्लामिक गार्ड कोर से जुड़ी बिल्डिंग्स, परमाणु ठिकाने और बैलेस्टिक प्रोग्राम से संबंधित जगहें हैं। हालांकि इसको लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। मामले से परिचित लोगों ने न्यूयॉर्क टाइम्स अखबार को बताया कि डोनाल्ड ट्रंप पूरी तरह से इस पक्ष में हैं कि अगर दोनों देशों के बीच बातचीत विफल रहती है तो ईरान को सैन्य दबाव का एहसास कराया जाए।

तैयारी पूरी, लेकिन अंतिम फैसला अभी नहीं
हालांकि ट्रंप के खेमे में अभी इस बात को लेकर शक है कि क्या केवल हवाई हमलों से ही यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। अंदरूनी सूत्रों के हवाले से जानकारी दी गई है कि अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। लेकिन तैयारियां बड़े पैमाने पर चल रही हैं। दर्जनों फाइटर जेट, बॉम्बर और एयरक्राफ्ट लदे बड़े अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर ईरान से बेहद कम दूरी पर तैनात किए गए हैं।

ट्रंप ने मीटिंग में क्या पूछा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाइट हाउस के सिचुएशन रूम में बुधवार को उपराष्ट्रपति जेडी वांस, सेक्रेट्री ऑफ स्टेट मार्को रुबियो, जनरल डैन कैने और सीआईए के हेड जॉन रैटक्लिफ के साथ मीटिंग की। मीटिंग की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि ट्रंप ने जनरल से पूछा था कि क्षेत्र में मौजूद फोर्सेज के साथ सेना क्या कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक जनरल केन ईरान पर किसी भी हमले में सफलता का वादा करने की हालत में नहीं थे। हालांकि वेनेजुएला में हुए ऑपरेशन के दौरान वह कहीं ज्यादा आश्वस्त थे।

पहले क्या थी अमेरिकी तैयारी
पहले अमेरिका ईरान के अंदर ईरानी निर्माण के ठिकानों को नष्ट करने के लिए विशेष बलों के हमलों का इस्तेमाल करने पर विचार कर रहा था। ईरान के यह ठिकाने बेहद सुरक्षित माने जाते हैं और हमलों की पहुंच से दूर जमीन में कहीं हैं। हालांकि, यह योजनाबद्ध कमांडो हमले फिलहाल स्थगित कर दिए गए हैं।

क्या हो सकता है विकल्प
वहीं, ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि वे यूरेनियम बनाने की अपनी क्षमता को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। जबकि ट्रंप के मुख्य वार्ताकारों ने कहा है कि राष्ट्रपति किसी भी चीज को स्वीकार करने के लिए इच्छुक नहीं हैं सिवाय इसके कि ईरान में सभी तरह के संचालन का पूर्ण अंत हो। हालांकि, एक नया प्रस्ताव दोनों पक्षों के लिए शान बनाए रखने की संभावना हो सकती है।

US Iran Rift

रिपोर्टों के अनुसार, दोनों पक्षों द्वारा एक नया प्रस्ताव विचाराधीन है जो ईरान को केवल चिकित्सा अनुसंधान और उपचार के उद्देश्यों के लिए बहुत सीमित परमाणु समृद्धि कार्यक्रम बनाए रखने की अनुमति देगा। ऐसा माना जा रहा है कि यह समझौता सैन्य संघर्ष के लिए एक विकल्प प्रदान कर सकता है।

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लेखक के बारे में

Deepak Mishra

मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

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