मैं तो यहां मुफ्त की कॉफी के लिए आया हूं, ट्रंप की 'बोरिंग' मीटिंग में बोले जेडी वेंस; वीडियो वायरल

Jan 30, 2026 11:38 am ISTAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, वाशिंगटन
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ट्रंप की कैबिनेट मीटिंग में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने मजाकिया अंदाज में कहा 'मैं तो यहां बस मुफ्त की कॉफी के लिए आया हूं।' ट्रंप के पूछने पर यह जवाब सुनकर पूरी टीम हंस पड़ी, और यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

मैं तो यहां मुफ्त की कॉफी के लिए आया हूं, ट्रंप की 'बोरिंग' मीटिंग में बोले जेडी वेंस; वीडियो वायरल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वाइट हाउस में हुई कैबिनेट मीटिंग का एक मजेदार पल सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इसमें ट्रंप और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस मजाकिया लहजे में बात करते नजर आ रहे हैं। यह घटना 29 जनवरी को हुई। ट्रंप 2026 की अपनी पहली कैबिनेट बैठक कर रहे थे। मीटिंग खत्म होने के बाद ट्रंप ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की तरफ देखकर कहा- JD, अगर आप कुछ कहना चाहें तो बोल सकते हैं। आखिर आप अमेरिका के उपराष्ट्रपति हैं। क्या आप जल्दी से कुछ कहना चाहेंगे?

वेंस का मजेदार जवाब

ट्रंप की बात सुनते ही जेडी वेंस ने भी बिना देर किए हल्के-फुल्के अंदाज में जवाब दिया- कोई बात नहीं सर, मैं तो यहां बस मुफ्त की कॉफी के लिए आया हूं।' उनके इस मजाकिया जवाब पर पूरी कैबिनेट में हंसी छा गई और माहौल काफी हल्का हो गया। वेंस ने आगे कहा- इस ग्रुप के साथ सेवा करना सम्मान की बात है और हम अमेरिकी लोगों के लिए बहुत अच्छा काम कर रहे हैं।

ट्रंप ने पिछली बैठक को बताया बोरिंग

डोनाल्ड ट्रंप ने इस मीटिंग में स्वीकार किया कि पिछले महीने एक कैबिनेट बैठक के दौरान वे अपनी नींद से जूझते नजर आए थे, क्योंकि उनके अनुसार- वह काफी उबाऊ हो गई थी।

बैठक की शुरुआत में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि दिसंबर की उस बैठक में वे वास्तव में सोए नहीं थे, बल्कि उन्होंने अपनी आंखें इसलिए बंद कर ली थीं 'क्योंकि मैं वहां से जल्द से जल्द निकलना चाहता था।' उन्होंने आगे कहा- मैं आपको बता दूं, मैं ज्यादा सोता नहीं हूं।

इससे पहले ट्रंप के सहयोगियों ने सख्ती से दावा किया था कि राष्ट्रपति बैठक के दौरान पूरी तरह सतर्क और सजग थे। हालांकि, ट्रंप ने खुद 'न्यूयॉर्क मैगजीन' के एक रिपोर्टर के सामने यह माना कि उन्होंने अपनी आंखें बंद की थीं क्योंकि वह बैठक नरक की तरह उबाऊ थी।

क्या थी वो बैठक?

पिछले महीने की वह बैठक 2 घंटे 18 मिनट तक चली थी। हालांकि, यह उनके दूसरे कार्यकाल की सबसे लंबी बैठक नहीं थी; अगस्त में एक बैठक 3 घंटे 17 मिनट तक चली थी। इन टेलीविजन पर प्रसारित होने वाली बैठकों का अधिकांश समय सलाहकारों द्वारा राष्ट्रपति और उनकी उपलब्धियों की लंबी-चौड़ी प्रशंसा करने में बीतता है।

इस बार का बदलाव

गुरुवार को ट्रंप ने अपने कैबिनेट सदस्यों के प्रति प्रेम व्यक्त किया, लेकिन साथ ही कहा- यहां बहुत से लोग हैं और यह थोड़ा उबाऊ हो रहा था। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बार हम मेज पर बैठे हर व्यक्ति के पास (प्रशंसा के लिए) नहीं जाएंगे। अपने वादे के मुताबिक, ट्रंप ने कैबिनेट के कई प्रमुख सदस्यों को बोलने का मौका नहीं दिया, जिनमें शामिल थे:

  • पाम बोंडी (अटॉर्नी जनरल)
  • मार्को रुबियो (विदेश मंत्री)
  • क्रिस्टी नोएम (होमलैंड सिक्योरिटी सचिव)

यह चूक इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि हाल ही में मिनेसोटा में ICE की कार्रवाई और विदेशों में आक्रामक विदेश नीति जैसे गंभीर मुद्दे चर्चा में हैं। इस बार सार्वजनिक बैठक लगभग 1 घंटे 20 मिनट में समाप्त हो गई।

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की टिप्पणी

बैठक के अंत में ट्रंप ने लगभग एक औपचारिकता के तौर पर उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से कहा- जेडी, अगर आप कुछ कहना चाहें तो कह सकते हैं। आखिरकार, आप संयुक्त राज्य अमेरिका के उपराष्ट्रपति हैं। इस पर वेंस ने मजाकिया लहजे में जवाब दिया- ठीक है सर, मैं यहां मुफ्त की कॉफी के लिए हूं।

Amit Kumar

लेखक के बारे में

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डिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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