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एक क्या, 10 ट्रंप आ जाएं तब भी कुछ नहीं होगा; अफगानों पर कार्रवाई से भड़का पूर्व US सैनिक

एक क्या, 10 ट्रंप आ जाएं तब भी कुछ नहीं होगा; अफगानों पर कार्रवाई से भड़का पूर्व US सैनिक

संक्षेप:

वाइट हाउस के बाहर हुई गोलीबारी में अफगान नागरिक के सामने आने पर ट्रंप प्रशासन ने अफगान प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। इसकी आलोचना करते हुए एक पूर्व सैनिक ने कहा कि यह इमीग्रेशन की विफलता है। इसे 10 ट्रंप भी सही नहीं कर सकते।

Nov 30, 2025 02:48 pm ISTUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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Donald Trump news: अमेरिका की सत्ता का केंद्र वाइट हाउस के बाहर हुई गोलीबारी के आरोप में अफगान नागरिक को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने ऐक्शन लेते हुए अफगान प्रवासियों के इमीग्रेशन पर रोक लगा दी। ट्रंप टीम के इस फैसले का पूर्व अमेरिकी सैनिक अहमद शाह मोहिबी ने जमकर विरोध किया और अमेरिकी राष्ट्रपति को अफगानिस्तान मुद्दे पर आईना दिखाने की भी कोशिश की।

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एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक मोहिबी ने बताया कि अमेरिकी सरकार ने इराक और अफगानिस्तान के युद्ध के दौरान स्पेशल इमीग्रेंट वीजा सिस्टम शुरू किया था। यह मूल रूप से उन लोगों के लिए था जो दुभाषिए या अनुवाद के रूप में वर्षों से अमेरिकी सैनिकों की मदद कर रहे थे, लेकिन धीरे-धीरे इसमें लगभग सभी को शामिल कर लिया गया।

मोहिबी ने बताया कि हालांकि वाइट हाउस के बाहर गोलीबारी करने वाला शख्स लकनवाल स्पेशल ट्रीटमेंट वीजा के तहत अमेरिका नहीं आया था। वह उस समय अमेरिका आया जब जो बाइडन ने सैनिकों को वहां से निकालने की शुरुआत की थी। वहां पर मौजूद सैनिकों की मदद करने वाले स्थानीय लोगों की जान को भी खतरा था, ऐसे में अमेरिका ने उनके लिए ऑपरेशन अलाइज वेलकम शुरू किया था। इसके तहत वह यहां आया था। इतना ही नहीं इसमें केवल बाइडन ही जिम्मेदार नहीं है। 2024 में लकनवाल ने शरणार्थी दर्जे के लिए आवेदन किया था। इसे बाद में ट्रंप प्रशासन ने मंजूरी दे दी।

पूरे अफगान समुदाय को सजा देना गलत: मोहिबी

मोहिबी ने अफगान समुदाय को सामूहिक रूप से निशाना बनाने के ट्रंप प्रशासन के फैसले का विरोध किया। उन्होंने कहा, "मेरा कहना सिर्फ इतना है कि अगर उसने बंदूक उठाई तो इसका मतलब यह नहीं है कि पूरा अफगान समुदाय ही आतंकवादी है। उसने गुनाह किया है उसे सजा मिलनी चाहिए, लेकिन पूरे अफगान समुदाय को निशाना बनाना सही नहीं है।"

मोहिबी ने कहा कि 2021 में बाइडन प्रशासन के दौरान जिस तरीके से सैनिकों को वापस बुलाया गया और उनके साथ में हजारों अफगान नागरिक भी अमेरिका आए। उसने एक दीर्घकालिक समस्या को जन्म दे दिया है। उनके अनुसार, अमेरिका का सिस्टम इस समय पर इतना बिगड़ा हुआ है कि इसे सख्त कार्रवाई के जरिए भी सही नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा, "ट्रंप प्रशासन तो चाहे घर-घर जा सकता है। लेकिन यह समस्या इतनी बद्तर हो गई है कि एक क्या 10 डोनाल्ड ट्रंप मिलकर भी इसे हल नहीं कर पाएंगे। क्योंकि यह खुले तौर पर इमिग्रेशन सिस्टम की विफलता है।"

राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा पूर्ववर्ती बाइडन पर लगाए जा रहे आरोपों पर जवाब देते हुए मोहिबी ने कहा कि इसके लिए दोनों पार्टियां ही जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा, "उन्हें पता ही नहीं है कि करना क्या है। एक तरफ लॉटरी प्रोग्राम है, दूसरी तरफ ओपन बॉर्डर। इस देश में इमीग्रेशन रिपब्लिकन या डेमोक्रेटिक समस्या नहीं है बल्कि दोनों की समस्या है। बुश से लेकर अब ट्रंप को पता ही नहीं है कि इसका करना क्या है।

Upendra Thapak

लेखक के बारे में

Upendra Thapak
उपेन्द्र पिछले कुछ समय से लाइव हिन्दुस्तान के साथ बतौर ट्रेनी कंटेंट प्रोड्यूसर जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली (2023-24 बैच) से पूरी की है। इससे पहले भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से अपना ग्रैजुएशन पूरा किया। मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के रहने वाले हैं। अंतर्राष्ट्रीय संबंधों, राजनीति के साथ-साथ खेलों में भी दिलचस्पी रखते हैं। और पढ़ें

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