ईरान पर ट्रंप का रूस वाला दांव, रिपब्लिकन से बोले- अभी उठाओ ये कदम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस पर सख्त प्रतिबंधों वाले विधेयक में ईरान को शामिल करने का खुला समर्थन करते हुए रिपब्लिकन सांसदों को तुरंत कार्रवाई करने को कहा है।

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर रूस वाला दांव चलने को तैयार हैं। यही कारण है कि उन्होंने रूस पर प्रस्तावित सख्त प्रतिबंध विधेयक में ईरान को शामिल करने का खुला समर्थन किया है। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों से आग्रह किया कि तेहरान को रूसी सैंक्शन्स बिल के दायरे में तुरंत लाया जाए। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी सीनेट में रूस-ईरान के बढ़ते संबंधों को लेकर चिंता बढ़ रही है। ट्रंप ने रविवार को अपने सोशल प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा कि रिपब्लिकन को ईरान को रशियन सैंक्शन्स बिल में जोड़ना चाहिए। लिंडसे यही करना चाहते थे, और ऐसा होने वाला था।
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने पहले भी स्पष्ट किया था कि ईरान द्वारा अमेरिका-ईरान मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) का पालन न करने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने दोहराया कि वॉशिंगटन की सबसे बड़ी प्राथमिकता ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। ट्रंप के इस पोस्ट में ‘सैंक्शनिंग रशिया एक्ट’ का जिक्र है, जो दिवंगत रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम का तैयार किया हुआ विधेयक था।
60 से अधिक सीनेटरों का विधेयक
दरअसल, गुरुवार को 60 से अधिक अमेरिकी सीनेटरों ने रूस और उसके समर्थकों पर व्यापक प्रतिबंध लगाने के लिए संशोधित विधेयक पेश किया। इस नए संस्करण में पहले के व्यापक (ब्लैंकेट) टैरिफ प्रस्ताव की जगह रूसी ऊर्जा के दुनिया के सबसे बड़े खरीदारों को लक्षित करने वाले सटीक और प्रभावी कदम उठाए गए हैं। विधेयक को सीनेटर लिंडसे ग्राहम की हालिया मौत के महज कुछ दिनों बाद पेश किया गया।
विधेयक के मुख्य स्पॉन्सर सीनेटर जीन शाहीन, रिचर्ड ब्लूमेंथल और डार्लिन ग्राहम ने इसे 'सीनेटर लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एक्ट ऑफ 2026' नाम दिया है। इसका उद्देश्य यूक्रेन में रूस के युद्ध को आर्थिक समर्थन देने के लिए रूसी तेल और गैस की भारी खरीदारी को जिम्मेदार ठहराना है। स्पॉन्सर सीनेटरों की आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, लिंडसे ग्राहम ने अपनी मौत से ठीक पहले यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की थी और संशोधित मसौदे पर वाइट हाउस की मंजूरी हासिल कर ली थी। गौरलतब है कि ग्राहम और ब्लूमेंथल ने इस बिल को पहली बार अप्रैल 2025 में पेश किया था।
विधेयक में प्रमुख संशोधन
बदले हुए विधेयक में अब 500 प्रतिशत टैरिफ प्राधिकार की जगह रूस के कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के शीर्ष पांच खरीदारों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रावधान किया गया है। हालांकि, उन देशों को छूट दी गई है जो रूस के प्राकृतिक गैस निर्यात का 15 प्रतिशत से कम आयात करते हैं और आयात कम करने के लिए ठोस कदम उठा रहे हैं। इसके अलावे विधेयक में नये प्रावधान भी जोड़े गए हैं, जैसे...
- रूसी तेल प्रतिबंध से बचने में मदद करने वाले शीर्ष पांच देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार
- राष्ट्रीय हित प्रमाणन संबंधी छूट
- रूस के 'शैडो फ्लीट' को निशाना बनाने वाला द्विदलीय SHADOW फ्लीट सैंक्शन्स एक्ट
-रूस-चीन रक्षा औद्योगिक सहयोग को लक्षित करने वाला STOP Russia-China Act
ट्रंप का पहले का स्टैंड
जनवरी 2026 में ट्रंप ने उन देशों पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक का समर्थन किया था जिसमें रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर पाबंदी का प्रस्ताव था। अब उनका ताजा बयान ईरान को भी इसी रणनीति में शामिल करने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है। जानकारों का मानना है कि ट्रंप का यह रुख रूस-ईरान के बढ़ते सैन्य और आर्थिक सहयोग को देखते हुए अमेरिकी विदेश नीति में सख्ती का संकेत देता है।
लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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