खार्ग को कर दिया खत्म; ईरान पर ट्रंप का बड़ा दावा; लेकिन 'इसे' छोड़ दिया

Mar 16, 2026 10:44 pm ISTDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खार्ग द्वीप पर हमला कर वहां के सभी सैन्य ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। ट्रंप ने कहा कि हमने खार्ग द्वीप पर हमला किया और उसे पूरी तरह तबाह कर दिया। 

खार्ग को कर दिया खत्म; ईरान पर ट्रंप का बड़ा दावा; लेकिन 'इसे' छोड़ दिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खार्ग द्वीप पर हमला कर वहां के सभी सैन्य ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। ट्रंप ने कहा कि हमने खार्ग द्वीप पर हमला किया और उसे पूरी तरह तबाह कर दिया। हमने द्वीप पर तेल पाइपलाइनों और तेल ढांचे वाले क्षेत्र को छोड़कर सब कुछ नष्ट कर दिया। हमने जानबूझकर पाइपलाइनों और तेल सुविधाओं को नहीं छुआ।

ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ईरान या कोई अन्य पक्ष होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही में बाधा डालता है, तो अमेरिका इस फैसले पर पुनर्विचार कर सकता है और तेल ढांचे को भी निशाना बना सकता है। उन्होंने कहा कि हम ऐसा नहीं करना चाहते थे, लेकिन हम ऐसा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि महज पांच मिनट की सूचना पर भी यह काम हो जाएगा। लेकिन इसे फिर से बनाने में बहुत लंबा समय लगेगा।

राष्ट्रपति ट्रंप ने आगे बताया कि अमेरिकी बलों ने 30 से अधिक खदान बिछाने वाले जहाजों और संबंधित सैन्य सुविधाओं को नष्ट कर दिया है, जिससे ईरान की होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों को धमकी देने की क्षमता को बुरी तरह कुचल दिया गया है। इस दौरान ट्रंप ने अन्य देशों से अपील की कि वे इस क्षेत्र में अमेरिका की मदद करें। उन्होंने कहा कि हम अन्य देशों को, जिनकी अर्थव्यवस्था हमारी तुलना में होर्मुज जलडमरूमध्य पर कहीं अधिक निर्भर है, दृढ़ता से प्रोत्साहित करते हैं कि वे आएं और जलडमरूमध्य के मामले में हमारी मदद करें।

दरअसल, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की आशंकाओं के बीच कहा है कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अन्य देश इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए युद्धपोत भेजें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सहयोगी देश मदद नहीं करते हैं तो नाटो के लिए भविष्य 'बहुत खराब' हो सकता है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अब तक ऑस्ट्रेलिया और जापान ने स्पष्ट किया है कि वे फिलहाल अपने जहाज भेजने की योजना नहीं बना रहे हैं। ब्रिटेन ने कहा है कि वह विकल्पों पर विचार कर रहा है, जबकि चीन ने संघर्ष को तत्काल समाप्त करने का आह्वान किया है। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री ने कहा है कि जो देश जलडमरूमध्य के सुरक्षित उपयोग को लेकर बातचीत करना चाहते हैं, उनके साथ तेहरान चर्चा के लिए तैयार है।

ब्रिटेन की समुद्री एजेंसी के अनुसार पिछले तीन दिनों में कोई नई घटना सामने नहीं आई है, लेकिन जलडमरूमध्य पर खतरा अभी भी 'गंभीर' बना हुआ है। युद्ध शुरू होने के बाद से फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी के आसपास कम से कम 20 जहाजों पर हमले हो चुके हैं।

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap

देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।

देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।

मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।

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