टैरिफ अच्छे हैं, तो… ट्रंप के 15% वाले फैसले पर भड़के भारतीय मूल के वकील नील कटयाल

Feb 22, 2026 03:21 pm ISTUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सभी देशों के ऊपर लगाए गए 15 फीसदी टैरिफ की नील कटयाल ने आलोचना की है। उन्होंने कहा कि अगर टैरिफ इतने ही अच्छे हैं, तो ट्रंप इसे लेकर कांग्रेस के पास क्यों नहीं जाते। अगर यह सही फैसला है, तो कांग्रेस को इसे मानने में कोई आपत्ति नहीं होगी।

टैरिफ अच्छे हैं, तो… ट्रंप के 15% वाले फैसले पर भड़के भारतीय मूल के वकील नील कटयाल

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों टैरिफ के मामले पर वाशिंगटन में ही घिर गए हैं। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की तरफ से इस मामले पर लगाई गई रोक के बाद उन्होंने सभी देशों पर 15 फीसदी टैरिफ का ऐलान किया है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट में उनके खिलाफ बहस करने वाले भारतीय मूल के वकील नील कटयाल ने 15 फीसदी टैरिफ की आलोचना की है। कटयाल ने कहा कि राष्ट्रपति को कांग्रेस (अमेरिकी संसद) को दरकिनार करके ऐसे फैसले नहीं लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर ट्रंप को लगता है कि टैरिफ एक अच्छा आइडिया है, तो फिर उन्हें इसे लेकर कांग्रेस की मंजूरी लेनी चाहिए।

भारतीय मूल के अमेरिकी वकील नील कटयाल की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ फैसले को पलट दिया था। अदालत की तरफ से कहा कि किसी भी देश के ऊपर टैरिफ लगाने की शक्ति मुख्य रूप से कांग्रेस के पास होती है। इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी संविधान की धारा 122 का प्रयोग करके पहले सभी देशों के ऊपर 10 फीसदी टैरिफ लगाया और फिर उसे बाद में बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया। हालांकि, धारा 122 के प्रयोग में एक बात यह है कि यह टैरिफ केवल 150 दिनों तक के लिए ही वैध होते हैं। ट्रंप के इस फैसले को लेकर कटयाल ने एक बार फिर से उनकी आलोचना की।

सोशल मीडिया साइट पर कटयाल ने लिखा, “राष्ट्रपति के लिए 15 फीसदी टैरिफ वाले कानून (धारा 122) का सहारा लेना कठिन लगता है, जबकि हमारे मामले में उनके ही न्याय विभाग ने अदालत से कहा कि धारा 122 का यहां कोई स्पष्ट प्रयोग नहीं है, क्योंकि राष्ट्रपति द्वारा घोषित आपात स्थिति व्यापार घाटे से जुड़ी है, न की भुगतान संतुलन घाटे से।”

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कटयाल ने कहा, “अगर ट्रंप प्रशासन को लगता है कि टैरिफ इतने ही अच्छे हैं, तो उन्हें कानून के मुताबिक यह प्रस्ताव लेकर कांग्रेस के पास जाना चाहिए था। अगर टैरिफ अच्छे हैं, तो कांग्रेस को भी इसे मानने में कोई दिक्कत नहीं होगी।” नील कटयाल के इस फैसले को गीता गोपीनाथ का भी समर्थन मिला। उन्होंने कहा कि व्यापार घाटा और भुगतान संतुलन घाटा एक समान नहीं हो सकते।

ट्रंप के इस फैसले का भारत के ऊपर भी असर पड़ेगा। नई व्यापारिक डील के मुताबिक अमेरिका ने भारत के ऊपर 18 फीसदी टैरिफ का ऐलान किया था। लेकिन अब जबकि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के उस फैसले को पलट दिया है, तो अब भारत समेत सभी देशों के ऊपर 15 फीसदी टैरिफ लागू होगा। वाइट हाउस के अधिकारी के मुताबिक भारत समेत सभी देश नए 15 फीसदी टैरिफ के दायरे में ही आएंगे। हालांकि, ट्रंप प्रशासन की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के फैसले को गैर अमेरिकी करार देते हुए कहा गया कि वह जल्दी ही नए नियम को लाकर पुरानी पद्धति को फिर से बहाल करेंगे।

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