इस देश में अजान पर लगेगा बैन, बुर्के पर भी रोक; मंत्री बोले- इस्लामाबाद नहीं बनने देंगे

लाइव हिन्दुस्तान
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यहां की सरकार ने इसी साल एक कानून पारित कर सार्वजनिक स्थानों पर चेहरे को पूरी तरह ढकने वाले बुर्के पर प्रतिबंध लगा दिया है। वहीं स्कूलों में नमाज के लिए बने कमरों को तुरंत हटाने के आदेश दिए हैं।

Denmark to ban azaan amid fears of Islamisation

यूरोप के देश में जल्द ही अजान पर बैन लगाने की तैयारी चल रही है। यह देश है डेनमार्क। यहां की सरकार ने बीते कुछ दिनों में ‘इस्लामीकरण’ का हवाला देते हुए ऐसे कई उपाय लागू किए हैं। अब अजान पर प्रतिबंध लगाने की चर्चा दुनियाभर में सुर्खियों में है। देश के इमिग्रेशन मिनिस्टर यानी आव्रजन मंत्री का इस मामले को लेकर सख्त रवैया भी चर्चा में आ गया है।

इमिग्रेशन मिनिस्टर मोर्टन बोडस्कोव ने हाल ही में अपने एक बयान में कहा है कि डेनमार्क को इस्लामाबाद का हिस्सा नहीं बनने दिया जाएगा। द डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक सोशल डेमोक्रेट्स पार्टी के वामपंथी नेता बोडस्कोव ने डेनिश समाचार एजेंसी रित्जाउ से बात करते हुए सरकार की नई योजना के बारे में बताया।

मंत्री बोडस्कोव ने कहा कि डेनमार्क में तेजी से 'इस्लामीकरण' हो रहा है और सार्वजनिक जगहों पर भी दिखाई दे रहा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, "अजान की आवाज डेनमार्क की छतों के पर नहीं सुनी जानी चाहिए। डेनमार्क में इसकी कोई जगह नहीं है। जब आप डेनमार्क की सड़कों पर घूमें, तो आपके मन में यह बिल्कुल भी शक नहीं होना चाहिए कि आप कहीं आप इस्लामाबाद तो नहीं आ गए हैं।"

पहले भी लगे हैं प्रतिबंध

इससे पहले डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन इस साल मार्च में हुए चुनावों के बाद तीसरी बार सत्ता में लौटी हैं। उनकी सरकार पूरे यूरोप में अवैध प्रवासियों को लेकर सबसे सख्त नीतियां अपनाने के लिए जानी जाती है। डेनमार्क सरकार ने इसी साल एक कानून पारित कर सार्वजनिक स्थानों पर चेहरे को पूरी तरह ढकने वाले बुर्के पर प्रतिबंध लगा दिया है। वहीं सरकार ने देश के सभी शैक्षणिक संस्थानों को वहां बने 'प्रार्थना कक्षों' को तुरंत हटाने के आदेश दिए हैं।

डेनमार्क की कुल आबादी में 5% हैं मुस्लिम

आंकड़ों की बात करें तो डेनमार्क की कुल आबादी में मुस्लिम समुदाय की हिस्सेदारी लगभग 5 प्रतिशत है। संख्या के लिहाज से यह डेनमार्क का सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय है। हाल के सालों में पूरे यूरोप और डेनमार्क में प्रवासी विरोधी भावनाएं चरम पर पहुंची हैं, जिसके चलते अजान और हिजाब जैसी धार्मिक प्रथाओं पर भी सवाल उठ रहे हैं।

पहले भी हुई थी कोशिश

डेनमार्क में अजान पर प्रतिबंध लगाने की यह कोशिश नई नहीं है। इससे पहले साल 2020 और 2025 में भी ऐसे कानून बनाने के प्रयास किए गए थे, लेकिन वे कभी संसद तक नहीं पहुंच सके। इससे पहले डेनमार्क के कई हिस्सों में नॉइस पॉल्यूशन के सख्त नियमों का हवाला देकर मस्जिदों से लाउडस्पीकर पर अजान देने पर पहले से ही रोक लगी है।

Jagriti Kumari

लेखक के बारे में

Jagriti Kumari

जागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।

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