ईरान में तख्तापलट? खामेनेई की अंतिम विदाई में चल गए थे विदेश मंत्री पर पत्थर; राष्ट्रपति को भी धमकी

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

अमेरिका और ईरान में युद्ध के बीच ईरान के अंदर भी कट्टरपंथी भड़के हुए हैं। उन्होंने गलिबाफ और राष्ट्रपति पेजेश्कियन पर तख्तापलट का आरोप लगाया है। खामेनेई के जनाजे में विदेश मंत्री अराघची पर पत्थरबाजी हो गई थी।

iran coup
ईरान में तख्तापलट की साजिश

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका लगातार होर्मुज के आसपास के इलाकों पर हमले कर रहा है। वहीं ईरान भी पड़ोसी खाड़ी देशों में अमेरिकी बेसों को निशाना बना रहा है। ईरान के अंदर भी सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। बाहरी चुनौती के बीच ईरान की इस्लामिक सरकार को कट्टरपंथियों की धमकी मिल रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कट्टरपंथी ईरान में तख्तापलट करने की धमकी दे रहे हैं। मारे गए सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामेनेई की अंतिम विदाई में जो भीड़ दिखी थी, उसे देखकर डोनाल्ड ट्रंप भी हैरान रह गए थे। हालांकि सब लोग केवल मातम ही नहीं मना रहे थे बल्कि उस भीड़ में बड़ी संख्या में सत्ता विरोधी भी शामिल थे जो कि राष्ट्रपति और विदेश मंत्री के खिलाफ नारे लगा रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक विदेश मंत्री अराघची जब खामेनेई के ताबूत के पास खड़े थे तभी उनपर पत्थर चले और उन्हें वहां से जाना पड़ा।

अमेरिका के सामने घुटने टेकने का आरोप

अब देश के कट्टरपंथियों ने राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के खिलाफ विरोध तेज कर दिया है। कट्टरपंथियों का कहना है कि सुप्रीम लीडर की मौत के बाद ईरान को समझौते का रास्ता नहीं बल्कि खून के बदले खून का रास्ता चुनना चाहिए थे। उनका आरोप है कि इस्लामिक सरकार ने अमेरिका के सामने घुटने टेक दिए।

खामेनेई के जनाजे में विरोध प्रदर्शन

खामेनेई के जनाजे के दौरान जब राष्ट्र्पति मसूद पेजेश्कियन ताबूत के पास चल रहे थे, तब भी लोगों ने उनपर अपना गुस्सा निकाला और समझौतावादी होने के नारे लगाए। विदेश मंत्री अब्बास अराघची को बिकाई और गद्दार कहा गया। साथ ही जब लोग पत्थरबाजी करने लगे तो उन्हें वहां से जाना पड़ा। कट्टरपंथी गुट का मानना है कि ईरान का नेतृत्व खामनेई की मौत का बदला नहीं लेना चाहता बल्कि समझौते के जरिए सरेंडर कर रहा है।

सुप्रीम लीडर का 'गायब' होना, असंतोष की वजह

अमेरिका से तनाव और देश के अंदर चुनौतीपूर्ण माहौल के बीच भी नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई सामने नहीं आ रहे हैं। उनकी जनता की नजरों से दूरी भी असंतोष की बड़ी वजह है। लोगों का कहना है कि क्या मोजतबा शासन नहीं कर सकते या फिर उनके आसपास के लोगों ने सत्ता का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है।

तख्तापलट की साजिश

अमेरिका के एक जानका ने कहा कि मोजतबा की गैरमौजूदगी में कई नेताओं का कद बढ़ गया है। कट्टरपंथियों का कहना है कि अब गलिबाफ और उनके सहयोगियों के हाथ मेंही ईरान की बागडोर आ गई है। ऐसे में कट्टरपंथियों का कहना है कि गालिबफ और पेजेश्कियन ने मुजतबा के खिलाफ तख्तापलट की साजिश रची है। ईरान के कट्टरपंथी सांसद महमूद नबावियन ने भी सोशल मीडिया पर तख्ता पलट को लेकर आशंका जताई थी। कट्टरपंथियों का कहना है कि संसद को नजरअंदाज करके गलिबाफ और उनके साथी क्रांतिकारी संस्थानों को भी कमजोर कर रहे हैं। ईरान के सुरक्षा तंत्र से जुड़े अली बख्शी ने पेजेश्कियन को धमकी देते हुए यहां तक कहा था कि अगर अमेरिका से बदला नहीं लिया जाता है तो उनकी तलवार होगी और राष्ट्रपति का गला।

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।