
दुनिया में बदनाम हो गया देश; बांग्लादेशी पत्रकार ने क्यों कहा ऐसा? यूनुस सरकार के खोल दिए धागे
रियाज अहमद ने कहा कि हादी की हत्या पर जनता का गुस्सा और दुख स्वाभाविक है, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने इस मौके का फायदा उठाकर हिंसा भड़काई। उन्होंने कहा कि शोक और सहानुभूति व्यक्त करने वाली बड़ी भीड़ में कुछ असामाजिक तत्वों ने हिंसक रूप धारण कर लिया।
बांग्लादेश में हाल ही में युवा राजनीतिक कार्यकर्ता और इंकलाब मंच के प्रमुख नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद देशव्यापी अशांति और हिंसा ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उसकी मौत के बाद शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों में कुछ जगहों पर हिंसा भड़क गई। इस दौरान देश के प्रमुख मीडिया संस्थानों और सांस्कृतिक केंद्रों पर हमले हुए। इस घटना ने न केवल जनता के बीच गहरा आक्रोश पैदा किया, बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता और आगामी राष्ट्रीय चुनावों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। इसको लेकर वरिष्ठ पत्रकार और ढाका ट्रिब्यून के संपादक रियाज अहमद ने इस हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि यह अशांति देश की कानूनी व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करती है और 12 फरवरी 2026 को होने वाले आम चुनावों से पहले एक खतरनाक मिसाल पेश करती है।
असामाजिक तत्वों ने हिंसा भड़काई
न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में रियाज अहमद ने कहा कि हादी की हत्या पर जनता का गुस्सा और दुख स्वाभाविक है, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने इस मौके का फायदा उठाकर हिंसा भड़काई। उन्होंने कहा कि शोक और सहानुभूति व्यक्त करने वाली बड़ी भीड़ में कुछ असामाजिक तत्वों ने हिंसक रूप धारण कर लिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यूनुस सरकार को ऐसे कृत्यों को कभी बर्दाश्त नहीं करना चाहिए। रियाज अहमद ने आगे कहा कि सरकार बेहतर योजना बनाकर इस अशांति को रोक सकती थी। अगर पहले से सावधानी बरती जाती तो ऐसी घटनाओं से बचा जा सकता था। उन्होंने दो प्रमुख समाचार पत्रों (प्रथम आलो और द डेली स्टार) तथा सांस्कृतिक संस्थानों पर हुए हमलों को देश के लिए 'बहुत बुरी मिसाल' बताया। इस हिंसा की बांग्लादेश के अंदर और बाहर भी कड़ी निंदा हुई है। उन्होंने कहा कि केवल निंदा काफी नहीं है, अधिकारियों को स्थिति पर पूरा नियंत्रण हासिल करना चाहिए।
बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव
बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को आम चुनाव होने हैं। ऐसे में रियाज अहमद ने चेतावनी दी कि इस समय प्रेस पर हमलों के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से पत्रकारों में डर फैल सकता है और चुनाव के दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक हैं। अगर इन हमलों का मकसद स्वतंत्र प्रेस के समर्थकों में डर पैदा करना है, तो हमलावरों ने कुछ हद तक सफलता हासिल कर ली है। हालांकि, उन्होंने कहा कि स्वतंत्र मीडिया के लिए मजबूत जनसमर्थन के साथ-साथ सरकार को भी ठोस कार्रवाई करनी होगी। रियाज अहमद ने अधिकारियों से हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें सजा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि निर्णायक कार्रवाई से मीडिया कर्मियों को भरोसा मिलेगा और वे चुनाव से पहले स्वतंत्र रूप से काम कर सकेंगे।
उस्मान हादी को 12 दिसंबर को मारी गई थी गोली
बता दें कि उस्मान हादी एक युवा राजनीतिक कार्यकर्ता और पिछले साल जुलाई के विद्रोह से जुड़ा प्रमुख नेता था। उसे 12 दिसंबर 2025 को ढाका के बिजोयनगर इलाके में रिक्शा से जाते समय करीब से गोली मार दी गई थी। सिर में गोली लगने के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया। इलाज के दौरान उसकी 18 दिसंबर को मौत हो गई। उसकी मृत्यु के बाद समर्थकों ने न्याय की मांग करते हुए राजधानी सहित देशभर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए। शुक्रवार को पार्थिव शरीर के ढाका पहुंचने पर जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ। इस दौरान मीडिया और सांस्कृतिक संस्थानों पर हमले की खबरें भी सामने आईं। उसकी जनाजा नमाज शनिवार को अदा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। वहीं, परिवार की इच्छा के अनुसार, उसे राष्ट्रीय कवि काजी नजरुल इस्लाम की कब्र के पास दफनाया गया।

लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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