दुनियाभर में इस धर्म की तेजी से घट रही आबादी, रिपोर्ट में खुलासा; हिंदुओं की कितनी हिस्सेदारी?
रिपोर्ट 201 देशों और इलाकों में 2,700 से अधिक जनगणनाओं और सर्वे पर आधारित है। इसमें घटते जन्म दर और वयस्क होने पर धर्म बदलने की प्रवृत्ति को ईसाई धर्म की आबादी कम होने का कारण बताया गया है।

दुनियाभर में ईसाइयों की वैश्विक आबादी कम होती जा रही है। यह खुलासा हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट में हुआ है। प्यू टेम्पलटन ग्लोबल रिलिजियस फ्यूचर्स प्रोजेक्ट की नई रिपोर्ट के मुताबिक ईसाई धर्म अब भी दुनिया का सबसे बड़ा धर्म है, लेकिन इसकी वैश्विक हिस्सेदारी घट रही है। रिपोर्ट में एक और दिलचस्प खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक ईसाई धर्म का केंद्र यूरोप और अमेरिका से हटकर उप सहारा अफ्रीका की ओर बढ़ रहा है।
रिपोर्ट 201 देशों और क्षेत्रों में 2,700 से अधिक जनगणनाओं और सर्वे पर आधारित है। रिपोर्ट के आंकड़ों की बात करें तो 2020 तक दुनिया में लगभग 2.3 अरब लोग, यानी 28.8 प्रतिशत आबादी, खुद को ईसाई मानते थे। इससे पहले 2010 से 2020 के बीच ईसाइयों की संख्या 2.1 अरब से बढ़कर 2.3 अरब हुई, यानी 6 प्रतिशत वृद्धि हुई। हालांकि इसी अवधि में वैश्विक आबादी और गैर ईसाइयों की संख्या 15 प्रतिशत बढ़ने से ईसाई हिस्सेदारी 31 प्रतिशत से घटकर 28.8 प्रतिशत रह गई है।
रिपोर्ट में ईसाई धर्म की आबादी कम होने के पीछे घटते जन्म दर और वयस्क होने पर धर्म बदलने की प्रवृत्ति को प्रमुख कारण बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक बीते सालों में हर एक ईसाई व्यक्ति पर, 3.1 लोग ईसाई धर्म छोड़ कर चले गए। यह भी दिलचस्प है कि इनमें से अधिकतर लोगों ने किसी और धर्म को नहीं अपनाया, बल्कि उन्होंने खुद को सभी धर्मों से अलग कर लिया।
वहीं भौगोलिक बदलाव की बात की जाए तो यूरोप में ईसाइयों की संख्या घटकर 50 करोड़ रह गई है, जो 9 प्रतिशत कम है। वहीं उत्तर अमेरिका में भी यह घटकर लगभग 23 करोड़ हो गई है। इसके उलट उप सहारा अफ्रीका में ईसाइयों की संख्या 31 प्रतिशत बढ़कर 69 करोड़ पहुंच गई। 2020 तक 31 प्रतिशत ईसाई अफ्रीका में, 22 प्रतिशत यूरोप में, 24 प्रतिशत लैटिन अमेरिका और कैरिबियन में और 10 प्रतिशत उत्तर अमेरिका में रह रहे थे। वहीं 41 देशों में कम से कम 5 प्रतिशत अंक का बड़ा बदलाव दर्ज हुआ, जिनमें अधिकतर जगहों पर ईसाई आबादी घट गई।
हिंदुओं की हिस्सेदारी कितनी?
2020 में वैश्विक धार्मिक परिदृश्य को देखें तो रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में इस समय 28.8 प्रतिशत ईसाई हैं। वहीं दुनिया की 25.6 फीसदी आबादी मुस्लिम है। इसके बाद 24.2 फीसदी ऐसे लोग हैं, जो खुद को किसी धर्म का नहीं बताते। वहीं हिंदुओं की वैश्विक आबादी में 14.9 प्रतिशत हिस्सेदारी है और बौद्ध 4.1 प्रतिशत है। इस तरह 75.8 प्रतिशत लोगों ने खुद को किसी ना किसी धर्म से जुड़ा बताया, जबकि 24.2 प्रतिशत लोग खुद को नास्तिक मानते हैं।
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