वाह रे पाकिस्तान! इधर मध्यस्थ बनने का नाटक, उधर ईरान को पहुंचा रहा चीनी हथियार
अमेरिका-ईरान जंग के बीच पाकिस्तान का दोगला चेहरा बेनकाब हुआ है। एक तरफ जहां पाकिस्तान शांति मध्यस्थ बनने का ढोंग कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ चोरी-छिपे ईरान की मदद कर रहा है।

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध एक बार फिर भड़क उठा है। जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के हमले के बाद अमेरिका भड़क उठा है और ईरान पर एक बार फिर बड़ा हमला बोल दिया है। इस बीच अब पाकिस्तान और चीन को लेकर एक ऐसी खबर आई है, जिसे सुनकर अमेरिकी राश्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पारा हाई हो हो सकता है, खासकर पाकिस्तान के कारनामें सुनकर। पाकिस्ताब जहां एक तरफ अमेरिका की जी हुजूरी कर, ईरान संग चल रहे युद्ध में मध्यस्थ बनने का नाटक कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ खबर है कि वह ईरान को हथियार मुहैया करवा रहा है।
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान पर्दे के पीछे से चीन के हथियार ईरान तक पहुंचाने में मदद कर रहा है। रिपोर्ट के सामने आने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अगर यह खबर सच है तो उन्हें बहुत निराशा होगी। वहीं दूसरी तरफ चीन और पाकिस्तान ने फिलहाल रिपोर्ट को झुठलाने की कोशिश की है।
पाकिस्तान का डबल गेम
गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग में पाकिस्तान अब तक खुद को एक जिम्मेदार देश बताते हुए दोनों पक्षों के बीच शांति समझौते की मध्यस्थता का नाटक कर रहा है। लेकिन अब इस एक खुलासे ने पाकिस्तान के इस नकाब को उतार दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान को मिलने वाले हथियारों की खेप पश्चिमी चीन के उरुमकी से होते हुए पहले पाकिस्तान पहुंचेगी। पाकिस्तान पहुंचने के बाद इन हथियारों को सड़क या हवाई मार्ग से ईरान पहुंचाया जा सकता है।
क्या खरीद रहा ईरान?
रिपोर्ट के मुताबिक ईरान अपने एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने के लिए चीन से 300 से 400 'मैन-पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम' (MANPADS) खरीद रहा है। इसकी कीमत 60 से 70 मिलियन डॉलर यानी लगभग 500 से 580 करोड़ रुपये आंकी गई है। डील में चीन की QW-12 और FN-16 शोल्डर-फायर्ड मिसाइल सिस्टम शामिल हैं। यह ईरान को अमेरिकी मिसाइलों का जवाब देने में सक्षम बनाएगा।
ट्रंप क्या कह रहे?
इस बीच ओवल ऑफिस में पत्रकारों ने ट्रंप से पाकिस्तान के रास्ते चीनी मिसाइलों की ईरान सप्लाई पर सवाल पूछा। इस पर ट्रंप ने अपनी हैरानी और नाराजगी जताई है। ट्रंप ने कहा, “यह बेहद चौंकाने वाला है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मुझसे बहुत मजबूती से वादा किया था कि वे ईरान को कोई हथियार सप्लाई नहीं करेंगे। वे जानते हैं कि अगर वे ऐसा करते हैं तो मुझे बहुत निराशा होगी। वे 24 सितंबर को मुझसे मिलने आ रहे हैं।”
सफाई में जुटे चीन और पाकिस्तान
इस बीच रिपोर्ट सामने आने के बाद चीन और पाकिस्तान सफाई में जुटे हैं। पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग ISPR ने एक बयान जारी कर कहा है कि पाकिस्तान के रास्ते ईरान को हथियार सप्लाई करने की सही नहीं है। वहीं चीन के विदेश मंत्रालय ने भी रिपोर्ट को खारिज करते हुए खुद को निर्दोष बताया है।


