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US ने वेनेजुएला में जो किया, अब ताइवान में चीन वही करने जा रहा? इंटरनेट पर माहौल गरमाया

US ने वेनेजुएला में जो किया, अब ताइवान में चीन वही करने जा रहा? इंटरनेट पर माहौल गरमाया

संक्षेप:

एक पोस्ट में कहा गया कि अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला किया और मादुरो दंपति को गिरफ्तार कर लिया। यह ताइवान पर हमले और राष्ट्रपति की गिरफ्तारी के लिए परफेक्ट ब्लूप्रिंट है। इन पोस्ट्स पर हजारों लाइक्स मिल रहे हैं।

Jan 04, 2026 12:32 pm ISTNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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अमेरिकी सेना की ओर से वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने चीन में माहौल गरमा दिया है। सोशल मीडिया पर कई चीनी यूजर्स इस ऑपरेशन को ताइवान के साथ तनाव हैंडल करने का टेम्प्लेट बता रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार देर रात वीबो पर यह टॉपिक ट्रेंड करने लगा और इसे करीब 44 करोड़ व्यूज मिले। यूजर्स वेनेजुएला की स्थिति की तुलना ताइवान से कर रहे हैं, जिसे चीन अपना हिस्सा मानता है।

एक यूजर ने लिखा, 'भविष्य में ताइवान को इसी तरीके से वापस लेने का सुझाव देता हूं।' दूसरे ने कहा, 'अमेरिका अंतरराष्ट्रीय कानून की परवाह नहीं करता, तो हमें क्यों करनी चाहिए?' एक अन्य पोस्ट में कहा गया कि अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला किया और मादुरो दंपति को गिरफ्तार कर लिया। यह ताइवान पर हमले और राष्ट्रपति की गिरफ्तारी के लिए परफेक्ट ब्लूप्रिंट है। इन पोस्ट्स पर हजारों लाइक्स मिल रहे हैं और लोग खूब शेयर कर रहे हैं।

अमेरिकी कार्रवाई पर क्या बोला चीन

इस बीच, चीन के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की है और इसे संप्रभु देश पर बल प्रयोग बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना चीन की ताइवान नीति में बड़ा बदलाव नहीं लाएगी, लेकिन बीजिंग को अपनी क्षेत्रीय आक्रामकता बढ़ाने का बहाना मिल सकता है। पूर्व अमेरिकी राजनयिक रयान हास ने कहा कि बीजिंग अंतरराष्ट्रीय कानून की अनदेखी में अमेरिका जैसी छूट की मांग करने वाला है। इससे स्थिति और ज्यादा बिगड़ सकती है।

चीन और ताइवान के बीच क्या है विवाद

चीन का ताइवान पर दावा 'एक चीन सिद्धांत' पर आधारित है, जिसके अनुसार दुनिया में केवल एक चीन है। ताइवान उसका अभिन्न अंग है और पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना पूरे चीन की एकमात्र वैध सरकार है। ऐतिहासिक रूप से, 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जापान से ताइवान चीन को लौटाया गया था। 1949 में गृहयुद्ध के बाद कम्युनिस्टों ने मुख्यभूमि पर पीआरसी स्थापित की, जबकि राष्ट्रवादी ताइवान भाग गए। चीन का दावा है कि PRC ने रिपब्लिक ऑफ चाइना की जगह ली और ताइवान पर संप्रभुता प्राप्त की। चीन 'एक देश, दो व्यवस्था' के तहत आवश्यकता पड़ने पर बल प्रयोग की धमकी भी देता है। मगर, ताइवान खुद को अलग संप्रभु इकाई मानता है।

Niteesh Kumar

लेखक के बारे में

Niteesh Kumar
नीतीश 7 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024 की कवरेज कर चुके हैं। पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से ग्रैजुएशन किया। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। और पढ़ें

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