'हम तुम्हारे बैन को नहीं मानेंगे...' 5 कंपनियों पर अमेरिकी ऐक्शन से भड़ा चीन; सीधी चेतावनी
चीन ने ईरानी तेल खरीदने वाली अपनी 5 कंपनियों पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को मानने से साफ इनकार कर दिया है। डोनाल्ड ट्रंप के चीन दौरे से ठीक पहले बीजिंग के इस बड़े फैसले ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ा दिया है।
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने शनिवार को स्पष्ट रूप से घोषणा की है कि वह ईरान से तेल खरीदने के कारण अपनी पांच कंपनियों पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों का पालन नहीं करेगा। चीन हमेशा से ईरानी तेल का एक प्रमुख और महत्वपूर्ण ग्राहक रहा है। चीन में ईरान से यह तेल मुख्य रूप से स्वतंत्र 'टीपॉट' रिफाइनरियों के माध्यम से खरीदा जाता है। ये छोटी और स्वतंत्र रिफाइनरियां होती हैं जो इस्लामिक गणराज्य (ईरान) से भारी छूट पर कच्चा तेल खरीदती हैं। दूसरी तरफ, अमेरिका का मुख्य लक्ष्य ईरान की अर्थव्यवस्था और उसकी आय के स्रोतों को पूरी तरह से बंद करना है, इसीलिए उसने इस तरह की तेल खरीद करने वाली रिफाइनरियों पर प्रतिबंध कड़े कर दिए हैं।
चीन का कड़ा रुख और तर्क
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने पिछले साल से अलग-अलग समय पर घोषित हुए इन अमेरिकी प्रतिबंधों के खिलाफ एक आधिकारिक आदेश जारी किया है।
प्रतिबंधों को अस्वीकार करना: चीन ने साफ कहा है कि अमेरिकी उपायों को चीन द्वारा "मान्यता नहीं दी जाएगी, लागू नहीं किया जाएगा या उनका पालन नहीं किया जाएगा।"
अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला: मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका के ये प्रतिबंध अनुचित रूप से चीनी कंपनियों को तीसरे देशों के साथ सामान्य आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियां करने से रोकते हैं। चीन का मानना है कि यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी नियमों का सीधा उल्लंघन है।
एकतरफा कार्रवाई का विरोध: चीन ने यह भी स्पष्ट किया कि वह हमेशा से उन एकतरफा प्रतिबंधों का कड़ा विरोध करता रहा है जिन्हें संयुक्त राष्ट्र (UN) की मंजूरी प्राप्त नहीं है।
किन कंपनियों पर है अमेरिका का निशाना?
चीनी मंत्रालय के इस आदेश के तहत जिन पांच प्रमुख कंपनियों को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचाया जा रहा है, वे हैं:
शेडोंग प्रांत की तीन कंपनियां:
- शेडोंग जिनचेंग पेट्रोकेमिकल ग्रुप
- शेडोंग शौगुआंग ल्यूकिंग पेट्रोकेमिकल
- शेडोंग शेंगक्सिंग केमिकल
चीन के अन्य हिस्सों की दो कंपनियां
- हेंगली पेट्रोकेमिकल (डालियान) रिफाइनरी
- हेबेई सिन्हुआ केमिकल ग्रुप
अमेरिका की ताजा कार्रवाई
इसी बीच, शुक्रवार को अमेरिका ने एक और चीनी फर्म पर नए प्रतिबंध लगा दिए। अमेरिका का दावा है कि इस फर्म ने ईरानी कच्चे तेल के "करोड़ों बैरल" का आयात किया है, जिससे तेहरान को अरबों डॉलर की कमाई हुई है। इस फर्म का नाम किंगदाओ हैये ऑयल टर्मिनल कं, लिमिटेड है। हालांकि, चीनी वाणिज्य मंत्रालय के हालिया आदेश में इस कंपनी का जिक्र नहीं किया गया था।
भू-राजनीतिक स्थिति और आगामी कूटनीति
यह प्रतिबंध और विवाद ऐसे तनावपूर्ण माहौल में सामने आए हैं।अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत पूरी तरह से ठप है। फरवरी के अंत में ईरान पर हुए अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद से शुरू हुए इस विवाद का फिलहाल कोई स्थायी समाधान नजर नहीं आ रहा है।
ट्रंप का चीन दौरा: इस बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस महीने के अंत में चीनी नेता शी जिनपिंग के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बातचीत के लिए चीन का दौरा करने वाले हैं। इस बैठक में व्यापार और प्रतिबंधों का मुद्दा अहम होने की उम्मीद है।
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