चीन को चुनावी मुद्दा मत बनाइए, सारे आरोप बेबुनियाद; डोनाल्ड ट्रंप पर क्यों भड़का बीजिंग
लिन जियान ने अमेरिका से अपने आचरण पर विचार करने, चीन के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाने से बचने और चुनावी राजनीति में चीन का इस्तेमाल बंद करने की अपील की। संबंध बेहतर बनाने के लिए US को कदम उठाने चाहिए।
चीन ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि बीजिंग ने 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में दखल दिया था। ट्रंप ने दावा किया कि चीन ने चुनाव से जुड़े लगभग 22 करोड़ मतदाताओं की व्यक्तिगत जानकारी वाले रिकॉर्ड अवैध तरीके से हासिल किए थे और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की थी। हालांकि, चीन ने इन आरोपों को पूरी तरह मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण बताया। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि चीन हमेशा दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने की नीति का पालन करता है और उसने कभी भी अमेरिकी चुनावों में दखल नहीं दिया।
लिन जियान ने अमेरिका पर पलटवार करते हुए कहा कि पूरी दुनिया जानती है कि कौन-सा देश लंबे समय से दूसरे देशों की सरकारों, कंपनियों और आम नागरिकों की निगरानी करता रहा है। साथ ही, बड़े पैमाने पर विदेशी नागरिकों का डेटा जुटाता है। उन्होंने अमेरिका से अपने आचरण पर विचार करने, चीन के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाने से बचने और चुनावी राजनीति में चीन का इस्तेमाल बंद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध बेहतर बनाने के लिए अमेरिका को सकारात्मक कदम उठाने चाहिए। चीन ने दोहराया कि वह अमेरिका के चुनावी मुद्दों का हिस्सा नहीं बनना चाहता और न ही उसे इसमें कोई रुचि है।
अमेरिका की यात्रा पर जाने वाले हैं जिनपिंग
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब सितंबर में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की प्रस्तावित अमेरिका यात्रा को लेकर चर्चा तेज है। ट्रंप ने मई में चीन की यात्रा के दौरान राष्ट्रपति शी से मुलाकात की थी। उस बैठक के बाद दोनों नेताओं ने आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को स्थिर रखने, विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने और आपसी चिंताओं का समाधान करने पर सहमति जताई थी। बाद में ट्रंप ने जिनपिंग को सितंबर में अमेरिका आने का निमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया था। हालांकि अब ट्रंप के ताजा बयान के बाद इस यात्रा पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारों का मानना है कि ट्रंप के हालिया बयान दोनों देशों के रिश्तों में नई जटिलताएं पैदा कर सकते हैं। प्रोफेसर झाओ मिंगहाओ का कहना है कि ट्रंप घरेलू राजनीतिक दबाव और इस वर्ष होने वाले मध्यावधि चुनावों को ध्यान में रखते हुए चीन के खिलाफ सख्त रुख दिखा रहे हैं। रेनमिन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर दियाओ दामिंग ने कहा कि मई में हुई शिखर वार्ता के बाद जो सकारात्मक माहौल बना था, उस पर इस तरह के बयान नकारात्मक असर डाल सकते हैं। उनके अनुसार अगर इस तरह की बयानबाजी जारी रही तो अमेरिका और चीन के बीच संबंधों में आई स्थिरता फिर से कमजोर पड़ सकती है।
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Niteesh Kumarपत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।
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