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चीन का डिजिटल तानाशाही मॉडल अब टूटने की कगार पर, रिपोर्ट में बड़ा दावा

चीन का डिजिटल तानाशाही मॉडल अब टूटने की कगार पर, रिपोर्ट में बड़ा दावा

संक्षेप:

सोशल मीडिया पर वीडियो, ऑडियो क्लिप और अफवाहें तेजी से फैलीं। इनमें एलन यू को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता काई छी से जोड़ा जा रहा था। इससे जनता का शक और गहरा गया। इस पर चीनी सेंसरशिप मशीनरी ने तेजी से काम किया।

Dec 07, 2025 09:22 pm ISTNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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चीन का डिजिटल सर्विलांस और सेंसरशिप सिस्टम अब ढहने का संकेत दे रहा है। ताइवान के मेनलैंड अफेयर्स काउंसिल (MAC) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में यह बात कही है। इसमें कहा गया कि चीन का डिजिटल तानाशाही मॉडल टूटने की कगार पर है। अब यह दमन व अटकलों के चक्र में फंस चुका है। MAC ने चीनी एक्टर एलन यू की 11 सितंबर को बीजिंग में हुई संदिग्ध मौत को इस व्यवस्था में बढ़ती दरारों का साफ उदाहरण बताया। अधिकारियों ने उनकी मौत को शराब पीने के बाद गलती से गिरने से हुई दुर्घटना बताया, लेकिन जनता को यह सफाई विश्वसनीय नहीं लगी।

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सोशल मीडिया पर वीडियो, ऑडियो क्लिप और अफवाहें तेजी से फैलीं। इनमें एलन यू को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) के सीनियर नेता काई छी से जोड़ा जा रहा था। इससे जनता का शक और गहरा गया। इसके जवाब में चीनी सेंसरशिप मशीनरी ने तेजी से काम किया। पोस्ट्स हटाई गईं, कमेंट्स डिलीट किए गए और आगे जांच-पड़ताल पर रोक लगा दी गई। चीन के साइबरस्पेस एडमिनिस्ट्रेशन ने सिना वीबो, डौयिन और क्वैशौ जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स के अधिकारियों को तलब किया। उन पर जुर्माना लगाया और ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर और सख्त निगरानी के आदेश दिए।

रिपोर्ट में बदलाव की ओर साफ इशारा

मेनलैंड अफेयर्स काउंसिल के अनुसार, यह घटना चीन की डिजिटल नियंत्रण रणनीति की मूलभूत खामी को उजागर करती है। जितना अधिक दमन किया जाता है, जनता को आधिकारिक बयान पर उतना ही कम यकीन होता है। MAC ने कहा कि अब सेंसरशिप खुद ही खबर बन गई है, जिससे षड्यंत्र सिद्धांतों को बल मिल रहा है। सरकारी संस्थाओं में विश्वास कम हो रहा है। रिपोर्ट में यह भी जोर दिया गया कि चीन के मनोरंजन उद्योग में कलाकारों की स्वायत्तता नाममात्र की है। उनकी लोकप्रियता राजनीतिक हितों के अनुसार ऊपर-नीचे होती रहती है। एलन यू की मौत पर जनाक्रोश से साबित होता है कि CCP की आक्रामक सेंसरशिप उलटी पड़ रही है। वह उत्सुकता और नाराजगी को दबाने की बजाय बढ़ा रही है।

Niteesh Kumar

लेखक के बारे में

Niteesh Kumar
नीतीश 7 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024 की कवरेज कर चुके हैं। पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से ग्रैजुएशन किया। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। और पढ़ें

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