चीन और जापान में भूकंप के जोरदार झटके; 6.3 रही तीव्रता, एक की मौत और 4 घायल
चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र के अनुसार, भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर थी। राज्य मीडिया के मुताबिक, इस भूकंप में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हो गए। यह भूकंप उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्र में आया।

चीन और जापान में मंगलवार को भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। चीन के उत्तर-पश्चिमी प्रांत किंगहाई के हासी में 6.3 तीव्रता का भूकंप आया। चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र के अनुसार, भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर थी। राज्य मीडिया के अनुसार, इस भूकंप में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। भूकंप उच्च ऊंचाई वाले इलाके में आया, जिसके बाद कई आफ्टरशॉक्स भी दर्ज किए गए, जिनमें 4.9 तीव्रता का एक आफ्टरशॉक भी शामिल है।
चीन भूकंप प्रशासन ने इमरजेंसी रिस्पांस शुरू कर दिया है। एपिसेंटर के पास स्थित कोयला खदानों के सभी कर्मचारियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। बचाव दल मौके पर पहुंचकर फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। अधिकारी अभी भी हताहतों और संपत्ति के नुकसान का पूरा आकलन कर रहे हैं।
मंगलवार को ही इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप पर 6.7 तीव्रता के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिससे कई जगहों पर नुकसान हुआ और शहर के लोग सड़कों पर निकल आए। सुलावेसी द्वीप का पालू शहर आठ साल पहले आए भूकंप और सुनामी से तबाह हो गया था। सेंट्रल सुलावेसी प्रांत की राजधानी पालू में और उसके आस-पास के इलाके में रहने वाले लोगों को तेज कंपन महसूस हुआ। पालू में करीब चार लाख लोग रहते हैं। एहतियात के तौर पर कई अस्पतालों ने मरीजों को बाहर खुले स्थानों में स्थानांतरित कर दिया, जिनमें से कुछ को ड्रिप भी लगी हुई थी।
भूकंप क्यों आता है?
भूकंप मुख्य रूप से पृथ्वी की बाहरी परत के टेक्टोनिक प्लेट्स के हिलने-डुलने से आता है। पृथ्वी की क्रस्ट कई विशाल प्लेट्स में विभाजित है जो मैग्मा की ऊपरी परत पर तैरती रहती हैं। ये प्लेट्स लगातार धीरे-धीरे एक-दूसरे से दूर या पास आती रहती हैं। जब इन प्लेट्स की सीमाओं पर घर्षण बढ़ जाता है और वे अचानक फिसलती हैं, तो भारी ऊर्जा मुक्त होती है। इस ऊर्जा की लहरें पृथ्वी की सतह पर कंपन पैदा करती हैं, जिसे हम भूकंप कहते हैं। इसके अलावा ज्वालामुखी गतिविधि, बांध बनाना या खदान में ब्लास्टिंग जैसी मानवीय गतिविधियां भी छोटे भूकंप का कारण बन सकती हैं। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल से मापी जाती है। यह प्राकृतिक आपदा जान-माल की भारी क्षति कर सकती है, इसलिए भूकंप-प्रतिरोधी भवन बनाना और पूर्व चेतावनी प्रणाली जरूरी है।
लेखक के बारे में
Niteesh Kumarपत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।
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