
कंडोम और गर्भनिरोधकों पर देना होगा भारी-भरकम टैक्स, जन्म दर बढ़ाने के लिए चीन की नई तरकीब
नए टैक्स नियम में माता-पिता बनने वाले लोगों को कई राहतें भी दी गई हैं। अब चाइल्ड केयर सर्विस, डे-केयर, प्री-स्कूल, एल्डर केयर, डिसेबिलिटी सर्विस और मैरेज सर्विस पर टैक्स नहीं लगेगा।
चीन में गिरता जन्म दर सरकार के लिए बड़ी सिरदर्दी बनी हुई है। कई तरह के उपायों के बाद चीन ने हाल ही में जन्म दर बढ़ाने के लिए एक नई तरकीब निकली है। अब चीन कंडोम और इस तरह के दूसरे गर्भनिरोधक प्रोडक्ट्स पर भारी भरकम टैक्स लगाएगा। नया बदलाव जनवरी से लागू होगा। गौरतलब है कि पिछले 3 साल से देश की आबादी लगातार घट रही है। 2024 में सिर्फ 9.54 लाख बच्चों का जन्म हुआ, जबकि दस साल पहले यह संख्या 18.8 लाख थी।
जानकारी के मुताबिक नए वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) कानून के तहत चीन में अब कंडोम समेत सभी गर्भनिरोधक उपकरणों और दवाओं पर 13 फीसदी टैक्स देना पड़ेगा। इससे पहले 1993 से अब तक इन प्रोडक्ट्स पर कोई VAT नहीं लगता था। तब चीन में सख्त वन-चाइल्ड पॉलिसी लागू थी और सरकार ही परिवार नियोजन को बढ़ावा देती थी।
दूसरी तरफ, नए टैक्स नियम में माता-पिता बनने वालों को कई राहतें भी दी गई हैं। अब चाइल्ड केयर सर्विस, डे-केयर, प्री-स्कूल, एल्डर केयर, डिसेबिलिटी सर्विस और मैरेज सर्विस पर टैक्स नहीं लगेगा। चीन इससे पहले इस तरह की कई नीतियां लागू कर चुका है। मां बाप को कैश देने से लेकर चाइल्ड केयर और उनके लिए लंबी छुट्टियों की भी घोषणा की गई है। यहां तक कि सरकार ने उन अबॉर्शन को कम करने की गाइडलाइन भी जारी की है जो डॉक्टर की नजर में जरूरी नहीं हैं। यह इसीलिए अहम है कि क्योंकि चीन के वन-चाइल्ड सिस्टम के दौर में जबरन अबॉर्शन और नसबंदी काफी आम थी।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि VAT हटाना सिर्फ एक प्रतीकात्मक कदम है। इससे जन्म दर पर खास असर नहीं पड़ेगा। यह सिर्फ समाज में बच्चे पैदा करने को लेकर माहौल बदलने की कोशिश है। विशेषज्ञों के मुताबिक सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि चीन दुनिया में बच्चों को पालने के लिए सबसे महंगे देशों में गिना जाता है। बीजिंग स्थित यूवा पॉपुलेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट की 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक एक बच्चे को 18 साल तक पालने में करीब 5.38 लाख युआन करीब 76 हजार डॉलर) खर्च होता है। वहीं युवा कमजोर अर्थव्यवस्था और अस्थिर नौकरी को देखते हुए परिवार शुरू करने से बच रहे हैं। कई युवा अपनी नौकरी और भविष्य पर निवेश करना ज्यादा जरूरी मान रहे हैं।
दूसरी ओर इस टैक्स को लेकर चीन में सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है। कई लोग कह रहे हैं कि इससे अनचाहे गर्भ और सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज का खतरा बढ़ सकता है। यह कदम ऐसे समय में भी उठाया गया है जब चीन में HIV के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जबकि दुनिया में यह घट रहे हैं। 2002 से 2021 के बीच चीन में HIV और AIDS के केस 0.37 से बढ़कर 8.41 प्रति 1 लाख हो गए हैं।

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