
चीन का खतरनाक 'माइक्रोवेव' हरिकेन-3000, 3KM दूर ड्रोन्स के झुंड को झटके में 'भून' देगा
हरिकेन 3000 को पहली बार 2024 में झुहाई एयर शो में हरिकेन 2000 सिस्टम के साथ प्रदर्शित किया गया था। हरिकेन 2000 भी एक हाई-पावर माइक्रोवेव हथियार सिस्टम है, जिसकी रेंज दो किलोमीटर है। यह हल्के और छोटे ड्रोन्स का पता लगा सकता है, उन्हें ट्रैक कर सकता है, जाम कर सकता है और निष्क्रिय कर सकता है।
एक समय था जब युद्ध मैदान पर सैनिकों के बीच लड़े जाते थे, लेकिन समय के साथ युद्ध का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। अब युद्ध तकनीक के दम पर लड़े जा रहे हैं। इसी वजह से हर देश नई-नई तकनीकों के साथ आधुनिक हथियार विकसित कर रहा है। इस मामले में चीन उन प्रमुख देशों में शामिल है जो आधुनिक हथियारों के विकास के लिए विश्व प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि चीन के पास एक से बढ़कर एक बड़े और उन्नत हथियार हैं, जिन्हें वह समय-समय पर दुनिया के सामने प्रदर्शित करता रहता है। इसी श्रृंखला में चीन ने एक ऐसा हथियार विकसित किया है जो 3 किलोमीटर की रेंज में ड्रोन समूहों को नष्ट करने में सक्षम है।
इस हथियार का नाम 'हरिकेन 3000' है। इसे पहली बार 2024 में झुहाई एयर शो में छोटे हरिकेन 2000 सिस्टम के साथ प्रदर्शित किया गया था। अब हाल ही में इसके डेवलपर, सरकारी रक्षा कंपनी नोरिन्को ने इस नए हाई-पावर माइक्रोवेव हथियार सिस्टम के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की है। नोरिन्को के विशेषज्ञ यू जियानजुन ने शंघाई की न्यूज साइट गुआंचा से बातचीत में कहा कि हल्के और छोटे ड्रोन्स तथा उनके समूहों के खिलाफ हरिकेन 3000 की इंटरसेप्शन रेंज लगभग तीन किलोमीटर (1.86 मील) से अधिक है। उनका दावा है कि यही खासियत इस हथियार को सबसे अलग बनाती है।
बता दें कि हरिकेन 3000 को पहली बार 2024 में झुहाई एयर शो में हरिकेन 2000 सिस्टम के साथ प्रदर्शित किया गया था। हरिकेन 2000 भी एक हाई-पावर माइक्रोवेव हथियार सिस्टम है, जिसकी रेंज दो किलोमीटर है। यह हल्के और छोटे ड्रोन्स का पता लगा सकता है, उन्हें ट्रैक कर सकता है, जाम कर सकता है और निष्क्रिय कर सकता है। इससे एक कदम आगे हरिकेन 3000 काफी बड़ा और अधिक शक्तिशाली हथियार है। यू जियानजुन के अनुसार, इसके तकनीकी पैरामीटर्स में सुधार किया गया है, जिसमें पता लगाना, ट्रैकिंग, युद्ध सहनशक्ति और ऑटोमेशन शामिल हैं।
यू जियानजुन ने आगे बताया कि यह नया सिस्टम मूविंग टारगेट्स का पता लगाने और ट्रैक करने के लिए रडार का उपयोग करता है। इसके बाद सटीक विजुअल पहचान के लिए इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर सक्रिय हो जाते हैं। एक बार सिस्टम लॉक हो जाने पर, यह अपने एंटीना पैनल के माध्यम से हाई-पावर माइक्रोवेव रेडिएशन उत्सर्जित करता है, जिससे टारगेट तुरंत निष्क्रिय हो जाता है। गौरतलब है कि हरिकेन 3000 ड्रोन के खिलाफ एक लेयर्ड एयर डिफेंस सिस्टम का हिस्सा है, जिसमें मिसाइलें और लेजर भी शामिल हैं।

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