Explainer: ईरान पहुंचे आसिम मुनीर तो शहबाज शरीफ तुर्की-सऊदी रवाना; युद्ध रुकवा पाएगा PAK?
पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर और गृह मंत्री मोहसिन नकवी प्रतिनिधिमंडल के साथ जारी मध्यस्थता प्रयासों के तहत तेहरान पहुंचे हैं। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बुधवार को सऊदी अरब, कतर और तु्र्की की आधिकारिक यात्राओं पर रवाना हुए।

अमेरिका और ईरान युद्ध में पाकिस्तान मध्यस्थता करने की कोशिशों में लगा हुआ है। इस्लामाबाद में पिछले दिनों हुई शांति वार्ता विफल होने के बाद पाकिस्तान की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा, जिसके बाद उसका नेतृत्व फिर से दोनों देशों को बातचीत की मेज पर लाने के लिए दौरे पर दौरे कर रहा है। जहां पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर बुधवार को ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचे तो प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ तुर्की, सऊदी अरब के दौरे पर रवाना हो गए। इन दोनों की यात्राओं से सवाल उठ रहे हैं कि क्या इनकी कोशिशें सफल होंगी या फिर पिछली शांति वार्ता की तरह फिर से दुनिया में पाकिस्तान की बेइज्जती होगी।
अचानक तेहरान क्यों पहुंचे मुनीर?
पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने तेहरान में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से मुलाकात की। इस दौरान पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी भी मौजूद थे। इससे पहले, पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के नेतृत्व में एक पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल बुधवार को तेहरान पहुंचा। यह प्रतिनिधिमंडल अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को सुलझाने के इस्लामाबाद के प्रयासों का हिस्सा है। सेना की मीडिया शाखा 'इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस' ने एक बयान में कहा कि मुनीर उस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं जिसमें गृह मंत्री मोहसिन नकवी भी शामिल हैं। इसमें कहा गया है, "फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और गृह मंत्री मोहसिन नकवी प्रतिनिधिमंडल के साथ जारी मध्यस्थता प्रयासों के तहत तेहरान पहुंचे हैं।"
तुर्की-सऊदी दौरे पर शहबाज शरीफ रवाना
मुनीर और नकवी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बुधवार को सऊदी अरब, कतर और तु्र्की की आधिकारिक यात्राओं पर रवाना हुए। विदेश कार्यालय ने कहा कि सऊदी अरब और कतर की ये यात्राएं द्विपक्षीय संदर्भ में होंगी, जहां प्रधानमंत्री दोनों देशों के नेतृत्व से मुलाकात करेंगे और जारी द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा पर चर्चा करेंगे।
क्यों दौरे पर दौरा कर रहा पाक नेतृत्व
पाकिस्तानी नेतृत्व के ये दौरे जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान को एक समझौते पर पहुंचने में मदद करने के प्रयासों का हिस्सा हैं। इससे पहले, अमेरिका और ईरान ने वीकेंड में पाकिस्तान में अपने संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से प्रत्यक्ष वार्ता की, लेकिन वार्ता रविवार सुबह बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई। एक अधिकारी के अनुसार, दूसरे दौर की वार्ता आने वाले दिनों में होने की उम्मीद है, जिसके लिए पाकिस्तान पूरा प्रयास कर रहा है।
जल्द हो सकती है दूसरे दौर की वार्ता
इस बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ दूसरे दौर की वार्ता इस्लामाबाद में अगले दो दिनों में आयोजित की जा सकती है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। ट्रंप ने 'द न्यूयॉर्क पोस्ट' को बताया, ''आपको वहीं रहना चाहिए, क्योंकि अगले दो दिनों में कुछ भी हो सकता है, और हम वहां जाने के लिए अधिक इच्छुक हैं।'' ट्रंप ने दूसरे दौर की वार्ता की संभावना का श्रेय पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के शानदार काम को दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ''इसकी संभावना अधिक है, जानते हैं क्यों? क्योंकि फील्ड मार्शल शानदार काम कर रहे हैं।'' फॉक्स न्यूज ने बताया कि ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी पर अमेरिका का फैसला तेहरान के बातचीत की मेज पर लौटने के कारणों में से एक था।
हालांकि शुरुआती बातचीत में किसी यूरोपीय जगह पर मिलने का सुझाव दिया गया था, लेकिन बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी पसंद में बदलाव का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि सात हफ्ते से चल रहे इस संघर्ष को खत्म करने के लिए सीधी बातचीत का दूसरा दौर इस्लामाबाद में होने की ज्यादा संभावना है। इस जगह पर बैठक होने की संभावना को और मजबूत करते हुए, सीएनएन ने इस मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया कि वॉशिंगटन अभी इस संभावित दूसरे दौर पर विचार कर रहा है। इस बातचीत में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व एक बार फिर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस कर सकते हैं। इस्लामाबाद में प्रस्तावित इस बैठक में ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के शामिल होने की उम्मीद है। ये दोनों ही लोग इस संघर्ष को खत्म करने के लिए कूटनीतिक रास्ता खोजने में अहम भूमिका निभाते रहे हैं।
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