
बुल्गारिया में विरोध-प्रदर्शन के बीच गिरी सरकार, भारी मन से प्रधानमंत्री ने किया इस्तीफे का ऐलान
प्रधानमंत्री ने संसद में पत्रकारों से भारी मन से कहा कि आज होने वाले अविश्वास प्रस्ताव से पहले हम सरकार का इस्तीफा दे रहे हैं। सरकार-विरोधी प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री जेल्याजकोव ने कहा कि राष्ट्रीय सभा के फैसले तभी सार्थक होते हैं जब वे जनता की इच्छा को प्रतिबिंबित करें।
सोफिया की सड़कों पर पिछले कई दिनों से गूंज रहा 'इस्तीफा दो' का नारा आखिरकार रंग लाया। बुल्गारिया में भ्रष्टाचार, ऊंचे करों और एलिट क्लास के दखल के खिलाफ महीनों से चले आ रहे जन-आंदोलन ने गुरुवार को बड़ा झटका दिया, जब प्रधानमंत्री रोसेन जेल्याजकोव के नेतृत्व वाली GERB सरकार ने संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान से महज मिनटों पहले इस्तीफा दे दिया। यह घटनाक्रम ठीक उसी समय हुआ जब बुल्गारिया कुछ ही हफ्तों में शेंगेन क्षेत्र में पूर्ण सदस्य बनने वाला था। अब देश एक बार फिर राजनीतिक अनिश्चितता और जल्दी चुनावों की ओर बढ़ता दिख रहा है।
प्रधानमंत्री रोसेन जेल्याजकोव ने संसद में पत्रकारों से भारी मन से कहा कि आज होने वाले अविश्वास प्रस्ताव से पहले हम सरकार का इस्तीफा दे रहे हैं। सरकार-विरोधी प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री जेल्याजकोव ने कहा कि राष्ट्रीय सभा के फैसले तभी सार्थक होते हैं जब वे जनता की इच्छा को प्रतिबिंबित करें। हम वहीं रहना चाहते हैं जहां समाज हमसे रहने की अपेक्षा करता है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि अविश्वास प्रस्ताव में उनकी सरकार को समर्थन मिलेगा, लेकिन राष्ट्रीय सभा का निर्णय तभी महत्वपूर्ण होते हैं जब वे संप्रभु (जनता) की इच्छा को दर्शाते हों।
बता दें कि जनवरी में सत्ता में आने के बाद से जेल्याजकोव की सरकार छह अविश्वास प्रस्तावों से बच निकली थी, लेकिन इस बार सड़कों पर उतरी भारी भीड़ ने स्थिति पूरी तरह पलट दी। शुक्रवार को सरकार संसद में औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंपेगी। इसके लिए संसद को एक प्रस्ताव पारित करना होगा। इसके बाद राष्ट्रपति रूमेन रादेव संसद के सबसे बड़े दल को नई सरकार बनाने का जनादेश देंगे। अगर वह असफल रहा तो दूसरे सबसे बड़े दल को मौका मिलेगा, और फिर राष्ट्रपति खुद उम्मीदवार चुनेंगे।
वहीं, विपक्षी गठबंधन 'वी कंटिन्यू द चेंज–डेमोक्रेटिक बुल्गारिया' के सह-नेता एसेन वासिलेव ने सरकार के इस्तीफे को बुल्गारिया को एक सामान्य यूरोपीय देश बनाने की दिशा में पहला कदम बताया। उन्होंने कहा कि अगला कदम निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराना है, न कि पिछले चुनावों जैसी धांधली वाले चुनाव।

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