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फर्श पर पड़ी रूसी महिला, ऊपर बैठे ब्रिटिश राजा के भाई एंड्रयू; US ने जारी कीं सनसनीखेज तस्वीरें

फर्श पर पड़ी रूसी महिला, ऊपर बैठे ब्रिटिश राजा के भाई एंड्रयू; US ने जारी कीं सनसनीखेज तस्वीरें

संक्षेप:

एंड्रयू ब्रिटिश राजपरिवार के एक प्रमुख सदस्य रहे हैं। वह ब्रिटेन के वर्तमान राजा के सगे भाई हैं। उन्हें लंबे समय तक 'ड्यूक ऑफ यॉर्क' के रूप में जाना जाता था, लेकिन विवादों के कारण उनसे उनके शाही विशेषाधिकार वापस ले लिए गए।

Jan 31, 2026 09:50 am ISTAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, लंदन
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अमेरिकी न्याय विभाग ने जेफरी एपस्टीन के केस से जुड़ी नई फाइलें रिलीज कीं हैं। इन्हें दस्तावेजों को 'एपस्टीन फाइल्स' के नाम से भी जाना जाता है। इन फाइल्स में ब्रिटिश राजपरिवार के पूर्व प्रिंस एंड्र्यू माउंटबैटन-विंडसर की ऐसी तस्वीरें आई हैं कि सबके होश उड़ गए। एक फोटो में एंड्र्यू को चारों हाथ-पैरों के बल एक महिला के ऊपर झुके दिखाया गया है। जारी किए गए दस्तावेजों में प्रिंस एंड्रयू की तीन तस्वीरें शामिल हैं, जो काफी आपत्तिजनक मानी जा रही हैं। ईमेल्स से पता चलता है कि दिवंगत सेक्स अपराधी जेफरी एपस्टीन ने एंड्रयू को 26 साल की एक रूसी महिला के साथ डिनर करने के लिए इनवाइट किया था। आइए इस सनसनीखेज मामले को विस्तार से समझते हैं।

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सबसे पहले- कौन हैं एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर?

एंड्रयू अल्बर्ट क्रिश्चियन एडवर्ड ब्रिटिश राजपरिवार के एक प्रमुख सदस्य रहे हैं। वह ब्रिटेन के वर्तमान राजा चार्ल्स तृतीय के सगे भाई हैं। उन्हें लंबे समय तक 'ड्यूक ऑफ यॉर्क' के रूप में जाना जाता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में विवादों के कारण उनसे उनकी सैन्य उपाधियां और शाही विशेषाधिकार वापस ले लिए गए हैं। वह महारानी एलिजाबेथ द्वितीय और प्रिंस फिलिप की तीसरी संतान और दूसरे बेटे हैं। उन्होंने 1986 में सारा फर्ग्यूसन से शादी की थी। उनकी दो बेटियां हैं- राजकुमारी बीट्राइस और राजकुमारी यूजीनी। हालांकि, 1996 में एंड्रयू और सारा का तलाक हो गया, लेकिन वे आज भी एक-दूसरे के काफी करीब माने जाते हैं।

प्रिंस एंड्रयू के करियर का सबसे काला अध्याय उनका अमेरिकी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ संबंध रहा है। वर्जीनिया गफ्रे नामक महिला ने एंड्रयू पर आरोप लगाया था कि जब वह नाबालिग थी, तब एपस्टीन ने उसे प्रिंस एंड्रयू के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया था। 2019 में बीबीसी के 'न्यूजनाइट' इंटरव्यू में एंड्रयू ने इन आरोपों का बचाव करने की कोशिश की, लेकिन उनकी दलीलों और एपस्टीन के साथ दोस्ती को सही ठहराने की कोशिश ने उनकी छवि को पूरी तरह बर्बाद कर दिया।

विवादों के बाद 2019 मेंउन्होंने अपनी सार्वजनिक शाही भूमिकाओं से हटने की घोषणा की। 2022 में महारानी एलिजाबेथ ने उनसे उनकी सैन्य उपाधियां और 'हिज रॉयल हाइनेस' का संबोधन वापस ले लिया। उन्होंने वर्जीनिया गफ्रे के खिलाफ चल रहे नागरिक मुकदमे को अदालत के बाहर एक बड़ी राशि देकर सुलझाया, हालांकि उन्होंने कभी अपनी गलती स्वीकार नहीं की। आजकल प्रिंस एंड्रयू सार्वजनिक जीवन से लगभग पूरी तरह दूर हैं। वह शाही कार्यक्रमों में नजर नहीं आते और उनकी वित्तीय स्थिति व उनके रहने के स्थान (जैसे रॉयल लॉज) को लेकर अक्सर मीडिया में चर्चा बनी रहती है।

अब बात तस्वीरों की- क्या है इनमें?

इन तस्वीरों में एंड्रयू फर्श पर लेटी एक महिला के ऊपर झुकते हुए दिखाई दे रहे हैं। एक तस्वीर में वह सीधे कैमरे की ओर देख रहे हैं, जबकि दूसरी में उनका हाथ महिला के पेट पर है। वह नंगे पैर हैं और उन्होंने सफेद पोलो शर्ट और जींस पहनी हुई है। हालांकि ये तस्वीरें कब और कहां ली गईं, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। कमरे में एक अन्य व्यक्ति भी दिखाई दे रहा है जो तेंदुए के प्रिंट वाली कुर्सी पर पैर फैलाकर बैठा है।

फर्श पर लेटी महिला की बात करें तो उसके हाथ फैले हुए हैं और उसने सफेद टीशर्ट और काली पैंट पहनी हुई है। फिलहाल महिला का चेहरा पूरी तरह ब्लैकआउट किया गया है। लेकिन एक तस्वीर में एंड्र्यू कैमरे की तरफ सीधे घूर रहे हैं और उनका बायां हाथ महिला के पेट के पास रखा हुआ।

ईमेल्स में क्या लिखा है? बकिंघम पैलेस में डिनर का आमंत्रण

11 और 12 अगस्त 2010 के ईमेल्स में 'द ड्यूक' नामक अकाउंट और एपस्टीन के बीच बातचीत दिखाई देती है। ईमेल के जरिए यह खुलासा हुआ है कि प्रिंस एंड्रयू ने नाबालिग से संबंध बनाने के केस में सजा काटने के बाद एपस्टीन को बकिंघम पैलेस में रात के खाने पर बुलाया था। एक मेल में एपस्टीन लिखता है कि वह एक 26 वर्षीय रूसी महिला को 'A' (एंड्रयू) से मिलवाना चाहता है, जिसके साथ वह डिनर का आनंद ले सकता है। वह यह भी बताता है कि महिला अगस्त 2010 में लंदन में होगी।

इसके जवाब में 'द ड्यूक' लिखता है कि वह 22 अगस्त की सुबह तक जिनेवा में रहेगा, लेकिन मिलने में खुशी होगी। वह यह भी पूछता है कि क्या वह महिला एपस्टीन की ओर से कोई 'संदेश' लाएगी और क्या उसके बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी है। एपस्टीन न में जवाब देता है और लिखता है कि 26 वर्षीय रूसी महिला समझदार, सुंदर, भरोसेमंद है और उसके पास अपना ईमेल मौजूद है।

सितंबर 2010 में हुए पत्राचार में एंड्रयू ने एपस्टीन को प्राइवेसी का आश्वासन दिया था। एंड्रयू ने लिखा था- हम बकिंघम पैलेस में डिनर कर सकते हैं, वहां काफी प्राइवेसी रहेगी। फाइल्स के अनुसार, एंड्रयू ने एपस्टीन से मिलने के लिए काफी उत्सुकता दिखाई थी और उसे किसी भी समय आने के लिए आमंत्रित किया था।

 epstein files

दस्तावेजों में प्रिंस एंड्रयू की पूर्व पत्नी सारा फर्ग्यूसन (डचेस ऑफ यॉर्क) और उनकी बेटियों के नाम भी सामने आए हैं। सारा फर्ग्यूसन ने अपने कर्ज चुकाने के लिए एपस्टीन से आर्थिक मदद ली थी। एक ईमेल में उन्होंने एपस्टीन को 'एक ऐसा भाई जो मैं हमेशा से चाहती थी' और 'लेजेंड' कहकर संबोधित किया है।

एपस्टीन की साथी गिसलेन मैक्सवेल के साथ एंड्रयू के घनिष्ठ संबंध भी उजागर हुए हैं। एक ईमेल में मैक्सवेल ने मजाक में कहा था कि अगर एंड्रयू मिलने नहीं आते हैं, तो वहां मौजूद पांच आकर्षक लाल बालों वाली महिलाएं निराश होंगी।

बिल गेट्स और डोनाल्ड ट्रंप का जिक्र

इन फाइल्स ने केवल शाही परिवार ही नहीं, बल्कि अन्य प्रभावशाली हस्तियों को भी घेरे में लिया है। फाइल्स के मुताबिक, एपस्टीन ने दावा किया था कि माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स को रूसी महिलाओं से यौन संचारित रोग (STD) हुआ था। एक मसाज पार्लर कर्मी ने बताया कि उसने एंड्रयू और डोनाल्ड ट्रंप को एपस्टीन के पास देखा था। हालांकि, ट्रंप और एंड्रयू दोनों ने हमेशा किसी भी गलत काम से इनकार किया है।

प्रिंस एंड्रयू ने 2019 में एक टीवी इंटरव्यू में दावा किया था कि वह 2010 में एपस्टीन से केवल इसलिए मिलने गए थे ताकि वह उनसे अपनी दोस्ती खत्म कर सकें। लेकिन नए ईमेल से पता चलता है कि वह दोस्ती खत्म करने के बजाय एपस्टीन के साथ योजनाएं बनाने और समय बिताने के लिए काफी उत्साहित थे। बता दें कि अमेरिकी न्याय विभाग ने लगभग 30 लाख से अधिक दस्तावेज जारी किए हैं।

Amit Kumar

लेखक के बारे में

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डिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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