अब लंदन में मोहन भागवत के कार्यक्रम का विरोध, 20 संगठनों ने लिखा मेयर को लेटर

लाइव हिन्दुस्तान, लंदन
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अमेरिका के बाद अब आरएसएस चीफ मोहन भागवत का कार्यक्रम लंदन में होने वाला है। हालांकि इसको लेकर विरोध के सुर उठने लगे हैं। करीब 20 सिविल सोसायटी ग्रुप ने लंदन के मेयर, साकिब खान को इस बारे में चिट्ठी लिखी है।

Mohan Bhagwat RSS
लंदन में मोहन भागवत के कार्यक्रम का हो रहा विरोध।

अमेरिका के बाद अब आरएसएस चीफ मोहन भागवत का कार्यक्रम लंदन में होने वाला है। हालांकि इसको लेकर विरोध के सुर उठने लगे हैं। करीब 20 सिविल सोसायटी ग्रुप ने लंदन के मेयर, साकिब खान को इस बारे में चिट्ठी लिखी है। इसमें ग्रेटर लंदन अथॉरिटी से आरएसएस के कार्यक्रमों का बायकॉट करने की गुजारिश की गई है। पिछले हफ्ते लंदन के कई हिंदू ग्रुपों ने भी आरएसएस के कार्यक्रम का विरोध किया। इस कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत लंदन में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करेंगे। बता दें कि आरएसएस का यह कार्यक्रम यूनिवर्सल ओपेननेस सेलिब्रेशंस, न्यूयॉर्क सिटी के मैडिसन स्क्वॉयर गार्डन में हो चुका है।

अमेरिका में हुआ था विरोध

मेयर को चिट्ठी लिखने वाले सिविल सोसायटी ग्रुपों ने उनसे कहा है कि वह आरएसएस के कार्यक्रम के लिए वेन्यू देने से मना कर दें। बता दें कि मोहन भागवत का यह टूर, आरएसएस के सौ साल पूरे होने पर इंटरनेशनल आउटरीच प्रोग्राम का हिस्सा है। कनाडा और अमेरिका भी इस टूर का हिस्सा हैं। बता दें कि अमेरिका में मोहन भागवत के कार्यक्रम को लेकर भी काफी विवाद हुआ था। ब्रिटिश अखबार द इंडिपेंडेंट के मुताबिक लंदन के मेयर को चिट्ठी लिखने वालों ने आरएसएस को एक तानाशाही और सैन्यतंत्रीय समूह बताया है। इसमें यह भी कहा गया है कि यह यूरोपीय फासीवाद से प्रेरित है। साथ ही अधिकारियों से आग्रह किया कि वे ब्रिटेन की बहुसांस्कृतिक समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

पत्र में क्या-क्या लिखा

ब्रिटेन के विदेश कार्यालय को लिखे गए एक पत्र में, इन संगठनों ने कहाकि भागवत की यात्रा जनसंपर्क अभियान का हिस्सा थी। इसे उनके सहयोगियों ने ब्रिटेन में समर्थन दिया। इस लेटर पर हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स, यूके-इंडियन मुस्लिम काउंसिल, इंडिया लेबर सॉलिडैरिटी और साउथ एशिया सॉलिडैरिटी ग्रुप समेत अन्य संगठनों के हस्ताक्षर थे। इसने मेट्रोपोलिटन पुलिस द्वारा समुदायों की सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी भी मांगी। रिपोर्ट के मुताबिक पत्र में लिखा गया है कि ब्रिटेन में आरएसएस द्वारा उत्पन्न खतरे वास्तविक हैं। साथ ही लिखा है कि भागवत का दौरा ब्रिटेन में आरएसएस के सहयोगियों को नफरत भरे भाषण फैलाने, भारतीय प्रवासी समाज को और अधिक विभाजित करने, और देश भर में संवेदनशील समुदायों के लिए डर और डराने वाला माहौल बनाने के लिए उत्साहित करेगा।

बताया तानाशाही वाला संगठन

पूर्व लेबर नेता जेरेमी कॉर्बिन ने कहाकि ब्रिटेन को एक ऐसी नफरत फैलाने वाली समूह के नेता की मेजबानी नहीं करनी चाहिए जिसका अलोकप्रिय इतिहास है और जो दक्षिणपंथी हिंसा में शामिल रहा है। इसमें आगे कहा गया है कि यह एक गहरी तानाशाही, बहिष्कृत करने वाला और भेदभावपूर्ण संगठन है जिसने धार्मिक स्वतंत्रता को दबाया है और अल्पसंख्यकों पर भयानक हमलों को प्रेरित किया है। एक अन्य ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन ने कहाकि उन्हें यह सुनकर खुशी हुई कि आरएसएस प्रमुख ने संगठन के भविष्य पर अपने विचार साझा किए। ब्लैकमैन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहाकि आज शाम आरएसएस प्रमुख डॉ मोहन भागवत द्वारा आरएसएस के भविष्य के लिए विचार और आइडियाज सुनकर अच्छा लगा।

Deepak Mishra

लेखक के बारे में

Deepak Mishra

मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

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