Hindi Newsविदेश न्यूज़Boss fires employee for walking 16000 steps during sick leave due to foot pain
OMG! सिक लीव लेकर कर्मचारी चला 16000 कदम, बॉस ने कर दिया फायर; जानें फिर क्या हुआ

OMG! सिक लीव लेकर कर्मचारी चला 16000 कदम, बॉस ने कर दिया फायर; जानें फिर क्या हुआ

संक्षेप:

एक चीनी कर्मचारी को पैर दर्द का हवाला देकर छुट्टी लेने के बावजूद 16000 कदम चलने की जानकारी मिलने पर कंपनी ने नौकरी से निकाल दिया था। लेकिन अब उसने नियोक्ता के खिलाफ मुकदमा जीत लिया है। अदालत ने बर्खास्तगी को गैरकानूनी घोषित करते हुए कंपनी को 118779 युआन का मुआवजा देने का आदेश दिया।

Mon, 10 Nov 2025 05:31 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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अगर आप सिक लीव पर हैं और छुट्टी के दौरान 16000 कदम पैदल चल लेते हैं, तो हो सकता है कि आपकी नौकरी खतरे में पड़ जाए। सुनकर हैरान हुए? घबराइये नहीं, चीन में कुछ इसी तरह की घटना घटी। एक चीनी कर्मचारी को पैर दर्द का हवाला देकर छुट्टी लेने के बावजूद 16000 कदम चलने की जानकारी मिलने पर कंपनी ने नौकरी से निकाल दिया था। लेकिन अब उसने नियोक्ता के खिलाफ मुकदमा जीत लिया है। अदालत ने बर्खास्तगी को गैरकानूनी घोषित करते हुए कंपनी को 1,18,779 युआन (लगभग 15 लाख रुपये) का मुआवजा देने का आदेश दिया।

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साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पूरा मामला 2019 का है, जिसे हाल ही में चीन के न्याय मंत्रालय ने सार्वजनिक किया। इस घटना ने कर्मचारियों के अधिकारों पर जोरदार बहस छेड़ दी है। जिआंगसू प्रांत की एक कंपनी में काम करने वाले चेन नामक व्यक्ति ने फरवरी-मार्च 2019 में काम के दौरान पीठ में खिंचाव की शिकायत की और बीमारी की छुट्टी मांगी। अस्पताल के कागजात जमा करने के बाद एक महीने आराम किया, फिर ड्यूटी पर लौटा। लेकिन आधे दिन बाद ही दाहिने पैर में दर्द बताकर दोबारा छुट्टी ले ली। डॉक्टर ने एक सप्ताह आराम की सलाह दी थी।

रिपोर्ट के अनुसार, एक हफ्ते बाद चेन को एड़ी में चोट लगने का पता चला, जिससे छुट्टी बढ़ा दी गई। जब उसे नए मेडिकल रिकॉर्ड जमा करने के लिए ऑफिस बुलाया गया, तो सिक्योरिटी गार्ड ने रोक लिया। कुछ दिनों बाद कंपनी ने अनुपस्थिति और धोखाधड़ी का आरोप लगाकर उसे बर्खास्त कर दिया। कंपनी का दावा था कि चेन ने अपनी बीमारी को बढ़ा-चढ़ाकर बताया है। इसके समर्थन में उन्होंने साबित किया कि छुट्टी वाले दिन चेन ने 16000 से अधिक कदम चले थे।

इसके बाद चेन ने श्रम मध्यस्थता में शिकायत दर्ज की, जहां अधिकारियों ने उसके हक में फैसला दिया और कंपनी को मुआवजा देने को कहा। कंपनी अदालत गई और चेन के ऑफिस की ओर चलते हुए वीडियो फुटेज तथा चैट सॉफ्टवेयर से कदमों की गिनती के रिकॉर्ड पेश किए। चेन ने इन सबूतों को अमान्य बताते हुए कमर और पैर के एमआरआई स्कैन समेत विस्तृत अस्पताल दस्तावेज जमा किए। दो सुनवाइयों के बाद अदालत ने फैसला सुनाया कि बर्खास्तगी गैरकानूनी थी और मुआवजे का आदेश कायम रखा।

इस केस के खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई है। कई यूजर्स कंपनी के इस कदम की कड़ी निंदा कर रहे हैं। SCMP के अनुसार, एक सोशल मीडिया यूजर ने कहा कि ऐप पर बड़ी संख्या में कदम दिखना आम है, भले ही व्यक्ति ज्यादा न चला हो। अगर वाकई 16000 कदम चले भी हों, तो अस्पताल जाने या दवा लेने के लिए तो संभव है। दूसरे यूजर ने जोर देकर कहा कि कंपनी को कर्मचारियों के निजी डेटा, जैसे कदमों की संख्या की जांच करने का हक नहीं है, नौकरी छीनने की तो बात ही अलग है।

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap
देवेन्द्र कश्यप, लाइव हिंदुस्तान में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर। पटना से पत्रकारिता की शुरुआत। महुआ न्यूज, जी न्यूज, ईनाडु इंडिया, राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे बड़े संस्थानों में काम किया। करीब 11 साल से डिजिटल मीडिया में कार्यरत। MCU भोपाल से पत्रकारिता की पढ़ाई। पटना व‍िश्‍वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस से ग्रेजुएशन। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में नेशनल, इंटरनेशनल डेस्क पर सेवा दे रहे हैं। और पढ़ें

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