डील के बाद ही खुलेंगे अरबों डॉलर के रास्ते; ईरान को लेकर ट्रंप का बड़ा ऐलान
Trump News Today: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि ईरान के साथ कोई भी अस्थायी या आंशिक समझौता नहीं होगा। अंतिम और व्यापक समझौता होने तक तेहरान की फ्रीज संपत्तियां नहीं छोड़ी जाएंगी और न ही आर्थिक प्रतिबंधों में कोई ढील दी जाएगी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान के साथ अंतिम और व्यापक समझौता होने तक तेहरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को रिहा नहीं किया जाएगा और न ही आर्थिक प्रतिबंधों में कोई ढील दी जाएगी। एनबीसी न्यूज के कार्यक्रम 'मीट द प्रेस' में दिए गए विशेष साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि आर्थिक दबाव में कोई कमी तभी आएगी, जब ईरान एक व्यापक समझौते पर सहमत होगा और अपनी सभी प्रतिबद्धताओं का सख्ती से पालन करेगा।
जब उनसे पूछा गया कि क्या किसी अस्थायी समझौते से पहले प्रतिबंधों में ढील या फ्रीज संपत्तियों तक पहुंच दी जा सकती है, तो ट्रंप ने जवाब दिया कि बाद में... हां। अगर वे अच्छा व्यवहार करेंगे और सही काम करेंगे तो हम आगे बढ़ेंगे। इस दौरान ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि वे लेबनान को तेहरान के साथ किसी अल्पकालिक समझौते में शामिल करने के लिए कोई दबाव नहीं डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि वे इसे देखना चाहेंगे, लेकिन मैं इस पर जोर नहीं दे रहा हूं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि भविष्य के किसी भी समझौते में ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने के अलावा अन्य महत्वपूर्ण शर्तें भी शामिल होंगी। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका और ईरान मिलकर ईरान के अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम को हटाने और नष्ट करने का काम करेंगे। ट्रंप ने कहा कि अगर हम यह समझौता कर लेते हैं कि अब हम मित्रवत हैं, तो हम सब साथ जाएंगे। यह हमारा उपकरण होगा। हम इसे बाहर निकालेंगे और नष्ट कर देंगे... चाहे वह परिसर में हो या बाहर ले जाया जाए। उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर बातचीत विफल रही तो अमेरिका 'सैन्य रूप से बहुत सख्ती' से कार्रवाई करेगा।
दूसरी ओर, ईरान ने ट्रंप के दावों का लगातार खंडन किया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि समृद्ध यूरेनियम को कहीं स्थानांतरित करने का कोई समझौता नहीं हुआ है और न ही बातचीत में ऐसा कोई प्रस्ताव रखा गया था। बता दें कि अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने 28 फरवरी को ईरान पर हमले शुरू किए थे। हमलों के बाद ईरान के परमाणु स्थलों को लेकर काफी अनिश्चितता बनी हुई है।
अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के अनुसार, हमलों से पहले जून 2025 में ईरान के पास लगभग 440 किलोग्राम 60 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम था, जो 2015 के परमाणु समझौते की निर्धारित सीमा से कहीं अधिक है। फिलहाल अभी दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन दोनों ओर से सख्ती बरती जा रही है।
लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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