कहां हैं मोजतबा खामेनेई? ईरान के विदेश मंत्री के बयान से सु्प्रीम लीडर पर गहराया सस्पेंस
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई कहां हैं? यह सवाल हर किसी की जुबां पर है। अमेरिका के साथ फिर से ईरान की भिड़ंत की खबरें आ रही हैं। मोजतबा खामेनेई का बयान आ रहा है। लेकिन वह खुद सामने नहीं आ रहे हैं।
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई कहां हैं? यह सवाल हर किसी की जुबां पर है। अमेरिका के साथ फिर से ईरान की भिड़ंत की खबरें आ रही हैं। मोजतबा खामेनेई का बयान आ रहा है। लेकिन वह खुद सामने नहीं आ रहे हैं। अब तो ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बयान ने भी सस्पेंस बढ़ा दिया है। अराघची ने अपने बयान में कहाकि वह खुद भी अभी तक मोजतबा से मिल नहीं पाए हैं। गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद मोजतबा को ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनाया गया। हालांकि मोजतबा के भी अमेरिकी हमलों में बुरी तरह से घायल होने की खबरें आती रही हैं।
चौंकाने वाला दावा
अब ईरान की समाचार एजेंसी मेहर के साथ बातचीत में विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चौंकाने वाला दावा किया है। अराघची ने कहाकि ईरान का सुप्रीम लीडर बनने के बाद से सिर्फ चंद लोग ही मोजतबा से मिल पाए हैं। अराघची ने कहाकि उन्हें खुद अभी तक उनसे मुलाकात का इंतजार है। यह बयान अराघची के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सुरक्षा में जिस लापरवाही के चलते अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हुई थी, उसे अभी तक ठीक नहीं किया जा सका है। अल अरबिया के साथ इंटरव्यू में ईरानी विदेश मंत्री ने कहाकि अमेरिका के साथ युद्ध के शुरुआती दौर में अयातुल्लाह खामेनेई की मौत इसलिए हुई, क्योंकि हमलावर को उनकी सटीक लोकेशन की जानकारी थी।
आम लोगों की नजरों से दूर हैं मोजतबा
बता दें कि मोजतबा खामेनेई लंबे अरसे से आम लोगों की नजरों से दूर हैं। खासतौर पर 28 फरवरी को सीनियर खामेनेई की मौत के बाद वह और अधिक सतर्कता बरत रहे हैं। यहां तक कि वह अपने पिता के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुए। आई24 न्यूज के मुताबिक जब तक अमेरिका के साथ युद्ध चल रहा है, मोजतबा इसी तरह से गुमनाम जिंदगी जीते रहेंगे। ऐसी भी खबरें हैं कि उन्हें काफी ज्यादा चोटें लगी हैं और वह खुद को ठीक करने में जुटे हुए हैं।
ट्रंप ने मोजतबा पर क्या कहा
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते दावा किया कि ईरान ने युद्ध के दौरान अपनी नौसेना, वायु सेना, एयर डिफेंस सिस्टम और वरिष्ठ सैन्य कमांडरों को खो दिया है। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज के साथ इंटरव्यू में कहाकि उनकी कोई नौसेना नहीं है। उनकी कोई वायु सेना नहीं है। सब कुछ खत्म हो गया। उनका एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम खत्म हो गया। उनके नेता सभी मार दिए गए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि युद्ध के दौरान ईरान ने अपना शीर्ष नेतृत्व खो दिया है। ट्रंप ने कहाकि उनके सबसे अच्छे नेता मारे गए हैं। वे चले गए। खामेनेई चले गए हैं। ऐसा लगता है कि ट्रंप ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई का जिक्र कर रहे थे। मोजतबा का उल्लेख करते हुए, ट्रंप ने कहाकि उनका बेटा 90 फीसदी चला गया है।
दोनों देश फिर से आमने-सामने
उधर अमेरिका ने रविवार को ईरान में हवाई हमले किए। वहीं, ईरान की ओर से जॉर्डन की तरफ दागी गई मिसाइल के कारण संघर्ष के पड़ोसी देश इजरायल तक फैलने का खतरा बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने कहाकि ताजा हमलों में ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड को निशाना बनाया गया और यह कार्रवाई जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला लेने के लिए की गई। पिछले महीने हुए अस्थायी समझौते के विफल होने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुई सैन्य झड़पों से संघर्ष और तेज हो गया है।
यह अभियान अब दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। इसकी शुरुआत होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर संघर्ष से हुई थी। अमेरिका ने ईरान में पुलों, बिजली प्रतिष्ठानों और अन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया है, जबकि तेहरान ने पश्चिम एशिया में अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमले करके जवाबी कार्रवाई की है।
लेखक के बारे में
Deepak Mishraमूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।
आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।
यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।
जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।
अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।
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