मस्लिम देश का पाकिस्तान को एक और झटका, एयरलाइन ने बंद कर दीं उड़ानें; जानें वजह

Amit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, दुबई
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UAE की एयरलाइन फ्लाईदुबई ने पाकिस्तान को बड़ा झटका देते हुए इस्लामाबाद, लाहौर और पेशावर के लिए 26 अक्टूबर तक अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं। जानें इस फैसले के पीछे की असली वजह और पूरी डिटेल।

मस्लिम देश का पाकिस्तान को एक और झटका, एयरलाइन ने बंद कर दीं उड़ानें; जानें वजह

यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) की लो-कॉस्ट एयरलाइन फ्लाईदुबई (Flydubai) ने पाकिस्तान को एक बड़ा झटका दिया है। एयरलाइन ने 'ऑपरेशनल कारणों' का हवाला देते हुए पाकिस्तान के तीन प्रमुख शहरों के लिए अपनी उड़ानें 26 अक्टूबर तक के लिए सस्पेंड कर दी हैं। इनमें राजधानी इस्लामाबाद, लाहौर और पेशावर शामिल हैं। हालांकि, एयरलाइन ने यह साफ किया है कि कराची से आने-जाने वाली उड़ानों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा और वे पहले की तरह ही जारी रहेंगी।

इन रूट्स पर कैंसिल हुईं उड़ानें

एविएशन मॉनिटर 'फ्लाइटरडार24' के मुताबिक, कम से कम 7 मई से ही इन तीन शहरों के लिए फ्लाईदुबई की उड़ानें कैंसिल चल रही हैं। प्रभावित होने वाली उड़ानों की डिटेल इस प्रकार है:

इस्लामाबाद-दुबई: फ्लाइट नंबर FZ353 और FZ354

लाहौर-दुबई: फ्लाइट नंबर FZ359 और FZ360

पेशावर-दुबई: फ्लाइट नंबर FZ375 और FZ376

आपको बता दें कि फ्लाईदुबई ने जुलाई 2024 में इस्लामाबाद और लाहौर में अपना ऑपरेशन शुरू किया था, जबकि पेशावर के लिए बीते साल मई में उड़ानें शुरू की गई थीं।

एयरलाइन ने यात्रियों को दी ये सलाह

ईरान युद्ध शुरू होने के कुछ दिन बाद, 31 मार्च को फ्लाईदुबई की वेबसाइट पर एक बयान जारी किया गया था। इसमें बताया गया था कि एयरलाइन "फिलहाल अपने नेटवर्क पर घटे हुए शेड्यूल के साथ उड़ानें संचालित कर रही है।"

एयरलाइन ने यात्रियों को सलाह दी है कि एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले वे लेटेस्ट अपडेट्स और अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लें। कंपनी ने अपने बयान में 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों से भड़के मध्य पूर्व संघर्ष का सीधा जिक्र तो नहीं किया, लेकिन यह जरूर कहा: हम स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए हैं और उसी के मुताबिक अपने फ्लाइट शेड्यूल को अपडेट कर रहे हैं। यात्रियों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

ईंधन संकट: हवाई यात्रा पर मंडरा रहा बड़ा खतरा

अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते जेट फ्यूल (विमान ईंधन) की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। इसके कारण एविएशन सेक्टर में बीते कई सालों का सबसे बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) ने भी पिछले महीने चेतावनी दी थी कि ईरान युद्ध से उपजे जेट फ्यूल संकट की सबसे बड़ी मार सबसे पहले एशिया पर पड़ सकती है। IATA के प्रमुख विली वॉल्श ने कहा, "मुझे लगता है कि ईंधन की संभावित कमी को देखते हुए, गर्मियों के पीक सीजन में एयरलाइंस अपनी उड़ानों के शेड्यूल में कटौती करना शुरू कर देंगी।"

कर्ज वापसी के बाद अब टेलीकॉम सेक्टर से भी UAE का किनारा

एविएशन सेक्टर में मिले इस झटके से ठीक पहले यूएई आर्थिक मोर्चे पर भी पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ा चुका है। बीते दिनों यूएई ने पाकिस्तान से अपने 3.5 अरब डॉलर के भारी-भरकम कर्ज की अचानक वापसी करा ली थी। यह वही कर्ज था जिसे यूएई पिछले कई सालों से रोल-ओवर कर रहा था ताकि पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार दिवालिया होने से बचा रहे।

कर्ज वापसी के झटके से पाकिस्तान उबर भी नहीं पाया था कि अब यूएई की दिग्गज टेलीकॉम कंपनी ईएंड (e& जिसे पहले एतिसलात के नाम से जाना जाता था) ने भी पाकिस्तान से अपना बोरिया-बिस्तर समेटने की तैयारी शुरू कर दी है। एतिसलात के पास पाकिस्तान की सरकारी टेलीकॉम कंपनी पीटीसीएल (PTCL) में 26 फीसदी हिस्सेदारी और मैनेजमेंट कंट्रोल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी अपनी निवेश रणनीति की समीक्षा कर रही है और अपने शेयर बेचकर पाकिस्तान के टेलीकॉम मार्केट से बाहर निकलने की योजना बना रही है।

दरअसल, पाकिस्तान सरकार और एतिसलात के बीच 2005 से 800 मिलियन डॉलर (करीब 6.6 खरब पाकिस्तानी रुपये) का एक बड़ा वित्तीय विवाद अनसुलझा है। इसके अलावा यूएई अपनी नई ग्लोबल 'स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी' के तहत भी पाकिस्तान से अपने निवेश वापस खींच रहा है।

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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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