जब चाहूं, खत्म कर दूंगा ईरान युद्ध ! डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा; इसके पीछे की असली वजह भी बताई

Mar 11, 2026 08:27 pm ISTPramod Praveen रॉयटर्स, वॉशिंगटन
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Iran War will end soon: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है क्योंकि अमेरिका और उसके सहयोगियों ने अपने प्रमुख सैन्य लक्ष्यों को काफी हद तक पूरा कर लिया है।

जब चाहूं, खत्म कर दूंगा ईरान युद्ध ! डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा; इसके पीछे की असली वजह भी बताई

Iran War will end soon: ईरान युद्ध पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है और कहा है कि ईरान के खिलाफ चल रहा युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान में अब “निशाना बनाने के लिए लगभग कुछ भी नहीं बचा है”, इसलिए संघर्ष जल्दी खत्म होने की संभावना है। अमेरिकी समाचार वेबसाइट Axios से बातचीत में ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिकी और सहयोगी सेनाओं के लगातार हमलों के बाद ईरान की कई सैन्य क्षमताओं को गंभीर नुकसान पहुंचा है। उन्होंने ये भी कहा है कि जब चाहूं, जंग खत्म कर दूंगा।

ट्रंप के अनुसार, हालिया अभियानों में ईरान के कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों, मिसाइल लॉन्चर और सैन्य ढांचे को निशाना बनाया गया है। ट्रंप ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है क्योंकि अमेरिका और उसके सहयोगियों ने अपने प्रमुख सैन्य लक्ष्यों को काफी हद तक पूरा कर लिया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्र में अभी भी तनाव बना हुआ है और हालात पूरी तरह शांत होने में समय लग सकता है।

क्षेत्रीय तनाव अब भी जारी

हालांकि, इस संघर्ष के दौरान इजरायल और ईरान के बीच मिसाइल और ड्रोन हमले लगातार जारी रहे हैं। वहीं खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बता दें कि एक दिन पहले भी अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा था कि यह ट्रंप पर निर्भर करता है कि युद्ध कब तक चलेगा। उन्होंने कहा था, “युद्ध की शुरुआत है, बीच में है या अंत, इसका फैसला ट्रंप करेंगे।” उनसे पहले ट्रंप ने सोमवार को हाउस रिपब्लिकन की एक मीटिंग में एक भाषण के दौरान, ईरान युद्ध को “शॉर्ट-टर्म एक्सकर्शन” कहा था जो जल्द ही खत्म हो सकता है, और फिर कहा कि “हमने अभी काफी नहीं जीता है।”

ईरान ने भी तेज किए हमले

विश्लेषकों का कहना है कि युद्ध के जल्द खत्म होने के दावे के बावजूद मध्य-पूर्व की स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है और आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, यह काफी हद तक राजनीतिक और सैन्य निर्णयों पर निर्भर करेगा। आज ही ईरान ने जंग को और तेज करते हुए और पलटवार करते हुए होर्मुज स्ट्रेट के पास तीन जहाज़ों पर अनजान प्रोजेक्टाइल से हमला किया। इससे पहले, US मिलिट्री ने कहा था कि उसने स्ट्रेट के पास ईरान के माइन लगाने वाले जहाज़ों को नष्ट कर दिया है। सूत्रों ने CNN को बताया कि तेहरान ने मुख्य जलमार्ग में माइन बिछाना शुरू कर दिया है।ई

ईरान में अबतक 1,300 से ज़्यादा लोगों की मौत

उधर, इजरायल ने कहा कि उसने आज (बुधवार को) तेहरान में टारगेट पर हमलों की “एक और लहर” शुरू की है। राजधानी तेहरान के बाहर, उत्तरी ईरान में रात में लगभग एक घंटे तक हवाई हमले देखने को मिले हैं। इस बीच ईरान के UN एम्बेसडर ने कहा है कि संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान में 1,300 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं।

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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