जेफरी एपस्टीन की करोड़ों की वसीयत किसे मिलेगी? इस खूबसूरत लेडी डॉक्टर का नाम सबसे आगे
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि कारिना को अमेरिका में स्थायी रूप से रहने का दर्जा दिलाने के लिए 2013 में एपस्टीन ने अपनी एक महिला कर्मचारी के साथ उनका विवाह कराया। बाद में इसी विवाह के आधार पर उन्हें ग्रीन कार्ड मिला।

अमेरिका के कुख्यात कारोबारी और यौन तस्करी के आरोपी जेफरी एपस्टीन की मौत के 7 साल बाद उसकी गर्लफ्रेंड डॉ. करिना शुलियाक चर्चा में है। रिपोर्ट के मुताबिक, बेलारूस में जन्मी 37 वर्षीय डेंटिस्ट कारिना शुलियाक को एपस्टीन की वसीयत के तहत उसकी संपत्ति से 10 करोड़ डॉलर मिल सकता है। इसके अलावा उन्हें 33 कैरेट की हीरे की अंगूठी भी मिल सकती है, जिसे एपस्टीन ने विवाह के इरादे से उनके लिए रखा था। न्याय विभाग की ओर से हाल ही में करीब 30 लाख पन्नों के दस्तावेज सार्वजनिक किए गए थे। इनमें दोनों के बीच हजारों निजी ईमेल, संदेश और तस्वीरें सामने आई हैं। इनसे पता चलता है कि एपस्टीन की गिरफ्तारी से पहले और 2019 में जेल में मौत से ठीक पहले तक कारिना उनके बेहद करीब थीं। बताया गया है कि मौत से पहले एपस्टीन ने आखिरी फोन कॉल भी करिना को ही किया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, कारिना 2011 में बेलारूस से न्यूयॉर्क अंग्रेजी सीखने आई थीं और एक डेंटल असिस्टेंट के रूप में काम कर रही थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात एपस्टीन से हुई। शुरुआत में उन्होंने एपस्टीन की आर्थिक मदद लेने से इनकार किया, लेकिन बाद में उन्होंने उसकी सहायता स्वीकार कर ली। एपस्टीन ने उनकी पढ़ाई, रहने का खर्च और परिवार की आर्थिक मदद की। दस्तावेजों के अनुसार, उन्होंने कारिना को लगभग 10 लाख डॉलर की आर्थिक सहायता दी और उनके माता-पिता को भी हजारों डॉलर भेजे। ईमेल से यह भी सामने आया कि दोनों के बीच रिश्ते में प्रेम, आर्थिक निर्भरता और नियंत्रण जैसी स्थितियां मौजूद थीं। कारिना एपस्टीन की कई संपत्तियों और कर्मचारियों के मैनेजमेंट में भी सक्रिय भूमिका निभाने लगी थीं।
ग्रीन कार्ड दिलाने में की मदद
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि कारिना को अमेरिका में स्थायी रूप से रहने का दर्जा दिलाने के लिए 2013 में एपस्टीन ने अपनी एक महिला कर्मचारी के साथ उनका विवाह कराया। बाद में इसी विवाह के आधार पर उन्हें ग्रीन कार्ड मिला और 2018 में अमेरिकी नागरिकता भी हासिल हुई। इस दौरान एपस्टीन ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी के डेंटल स्कूल में उनका दाखिला कराने के लिए प्रभावशाली लोगों से संपर्क किया और विश्वविद्यालय को दान भी दिया। हालांकि, दस्तावेजों में यह भी आरोप है कि उन्हें प्रवेश परीक्षा से पहले संभावित प्रश्नों की जानकारी उपलब्ध कराई गई थी। बावजूद इसके, कारिना ने अपनी पढ़ाई पूरी की और डेंटिस्ट के रूप में योग्यता हासिल की।
न्यूयॉर्क में प्रैक्टिस का लाइसेंस मिला
2019 में एपस्टीन की गिरफ्तारी के समय कारिना यूरोप में थीं, जबकि एपस्टीन अमेरिका लौटते ही गिरफ्तार कर लिए गए। जेल से हुई अंतिम बातचीत में एपस्टीन ने उनसे मजबूत रहने और दूसरी जगह रहने की सलाह दी थी। अगले ही दिन एपस्टीन मृत पाए गए और जांच में उनकी मौत को आत्महत्या बताया गया। इसके बाद कारिना ने फिर से डेंटिस्ट के तौर पर काम शुरू किया। 2025 में उन्हें न्यूयॉर्क में प्रैक्टिस का लाइसेंस भी मिल गया। लेकिन जैसे ही न्याय विभाग की फाइलें सार्वजनिक हुईं और उनका नाम फिर चर्चा में आया, वह जिस क्लिनिक में काम कर रही थीं वहां से अचानक चली गईं और दोबारा वापस नहीं लौटीं। फिलहाल यह साफ नहीं है कि पीड़ितों को मुआवजा दिए जाने के बाद एपस्टीन की संपत्ति से उन्हें कितना धन मिलेगा।


