
…तो नहीं होने देंगे चुनाव, बांग्लादेश में छात्रों ने अब क्यों थमाया नया अल्टीमेटम; टेंशन में आई यूनुस सरकार
Bangladesh Protest New Ultimatum: शाहबाग में नेशनल म्यूजियम के सामने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इंकलाब मंच के सदस्य सचिव अब्दुल्ला अल जाबेर ने चेतावनी दी कि हादी की हत्या के मामले में ट्रायल पूरा हुए बिना कोई भी चुनाव नहीं होने देंगे।
Bangladesh Protest New Ultimatum: पड़ोसी देश बांग्लादेश में हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। शरीफ उस्मान हादी की मौत का बवाल अभी शांत भी नहीं हुआ था कि एक और छात्र नेता को गोली मार दी गई है। बांग्लादेश के दक्षिण-पश्चिमी शहर खुलना में सोमवार को अज्ञात बंदूकधारियों ने एक अन्य छात्र नेता के सिर में गोली मार दी। छात्र नेताओं पर गोलीबारी की ये घटनाएं चुनाव का ऐलान होने के बाद बढ़ी हैं। इन घटनाओं खासकर हादी की मौत से बौखलाए छात्रों के इंकलाब मंच ने मोहम्मद यूनुस सरकार को अल्टीमेटम थमा दिया है कि चुनाव से पहले तक अगर हादी की मौत की गुत्थी नहीं सुलझाई गई तो अगले साल होने वाले चुनावों को बाधित करेंगे।
इंकलाब मोर्चा के इस ऐलान ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को चिंता में डाल दिया है क्योंकि अभी तक हादी के हमलावरों का कोई सुराग नहीं मिल सका है। बहरहाल, मामले को शांत कराने के लिए बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने सोमवार को उस्मान हादी की हत्या के मामले में फास्ट-ट्रैक ट्रायल की घोषणा की है। यह घोषणा इंकलाब मंच के नेताओं द्वारा देश के अगले चुनाव को तब तक बाधित करने की धमकी देने के कुछ घंटे बाद की गई, जब तक कि मतदान से पहले न्याय नहीं मिल जाता।
ट्रायल पूरा हुए बिना कोई भी चुनाव नहीं होने देंगे
शाहबाग में नेशनल म्यूजियम के सामने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इंकलाब मंच के सदस्य सचिव अब्दुल्ला अल जाबेर ने चेतावनी दी कि हादी की हत्या के मामले में ट्रायल पूरा हुए बिना कोई भी चुनाव नहीं होने देंगे। जाबेर ने ये भी धमकी दी और घोषणा की कि अगर इस मांग को नजरअंदाज किया गया तो आंदोलन सड़कों पर उतर जाएगा। छात्रों के इस अल्टीमेटम से यूनुस सरकार सकते में आ गई है।
18 दिसंबर को हादी की मौत हो गई थी
बता दें कि उस्मान हादी पिछले साल तथाकथित छात्रों के जुलाई विद्रोह का एक मुख्य आयोजक और इंकलाब मंच का संयोजक था। वह अगले साल होने वाले चुनाव की तैयारियों में था और खुद ढाका-8 सीट से चुनाव लड़ने वाला था लेकिन 12 दिसंबर को ढाका के पलटन इलाके में बॉक्स कल्वरट रोड पर अज्ञात हमलावरों ने उसे गोली मार दी थी। इलाज के लिए हादी को एयरलिफ्ट करके सिंगापुर ले जाया गया लेकिन 18 दिसंबर को उसकी मौत हो गई। हादी की मौत के बाद उसके गुनहगारों को सजा दिलाने की मांग पर छात्र हंगामा कर रहे हैं।
यूनुस सरकार न्याय सुनिश्चित कराने में विफल
प्रथम आलो के हवाले से जाबेर ने कहा, "न्याय मिलने से पहले कोई चुनाव नहीं होगा।" जाबेर ने ये भा कही कि मंच बाद में शाहबाग से सेंट्रल शहीद मीनार तक विरोध मार्च के बाद अपनी अगली कार्रवाई की घोषणा करेगा। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम तय करेगा कि इंकलाब मंच अंतरिम प्रशासन का समर्थन जारी रखेगा या उसके खिलाफ एक बड़ा आंदोलन शुरू करेगा। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस का जिक्र करते हुए जाबेर ने कहा कि बांग्लादेशी लोगों ने उन्हें देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा करने का काम सौंपा है। हालांकि, यूनुस ने हादी के अंतिम संस्कार में उनके प्रति सहानुभूति व्यक्त की थी, जाबेर ने कहा कि वह यह बताने में विफल रहे कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।

सरकार से दो बड़ी मांगें
जाबेर ने सरकार के सामने दो मुख्य मांगें रखीं हैं। पहली- हादी की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों पर मुकदमा चलाने के लिए 24 घंटे के अंदर एक स्पेशल ट्रिब्यूनल का गठन किया जाए और अगर ज़रूरत हो, तो विश्वसनीय जांच सुनिश्चित करने के लिए FBI या स्कॉटलैंड यार्ड जैसी अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों को शामिल किया जाए। उन्होंने मांग की कि अगर हादी के हत्यारे बांग्लादेश में हैं तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए, और अगर वे विदेश भाग गए हैं तो उनका प्रत्यर्पण कराया जाए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी की कि इंकलाब मंच अनिश्चितकालीन सड़क पर धरना शुरू करेगा।

लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।
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