कौन है फैसल करीम मसूद? छात्र नेता हादी को मारने का मुख्य आरोपी, हसीना की पार्टी से संबंध
बांग्लादेश में जारी हिंसा के बीच स्थानीय पुलिस ने छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के लिए एक और छात्र नेता फैसल करीम मसूद को जिम्मेदार माना है। उसके ऊपर 50 लाख टका का ईनाम घोषित किया गया है। हालांकि, वह अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
बांग्लादेश में इस समय पर अराजकता फैली हुई है। भारत विरोधी छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद लगातार हिंसा हो रही है। इसका निशाना मुख्य तौर पर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी सदस्य या फिर उनकी इमारतें बन रही हैं। हादी की हत्या के पीछे बांग्लादेशी अधिकारी जिस व्यक्ति को जिम्मेदार बता रहे हैं, उसका नाम फैसल करीम मसूद है। अधिकारियों के मुताबिक हादी की हत्या के पीछे मसूद ही मुख्य आरोपी है उसके खिलाफ पूरे बांग्लादेश में लुकआउट नोटिस जारी कर दिया गया है इसके साथ ही उसकी यात्रा पर भी प्रतिबंध है।
स्थानीय मीडिया के मुताबिक रविवार को बांग्लादेश पुलिस मुख्यालय में हुई बैठक में बीजीबी और पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मसूद को पकड़ने के अधिकतम प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि अधिकारियों ने बताया कि अभी तक उसके बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है। एक अधिकारी ने बताया, "मसूद की अंतिम लोकेशन के बारे में पता लगाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि हमारे पास को खास जानकारी फिलहाल नहीं है। हमारी एजेंसियां और खुफिया तंत्र इसका पता लगाने में जुटा हुआ है। अभी तक इस बात की कोई विश्वसनीय जानकारी भी सामने नहीं आई है कि वह देश छोड़कर भाग गया है।
कौन है फैसल करीम मसूद?
बांग्लादेश में शेख हसीना की सत्ता को पलटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इंकिलाब मंच के प्रवक्ता उस्मान हादी की 12 दिसंबर को हत्या कर दी गई थी। 18 दिसंबर को सिंगापुर में उसकी मौत हो गई। फर्स्ट पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक इसके बाद फैसल हादी का नाम सामने आया। बांग्लादेशी मीडिया ने बताया कि फैसल, हादी के अभियान में शामिल ही उसकी हत्या करने के लिए हुआ था।
बांग्लादेशी मीडिया के मुताबिक शुरुआती जांच में सामने आया की फैसल मसूद पहले आवामी लीग के छात्र शाखा का नेता था। बाद में जब शेख हसीना सत्ता छोड़कर भारत आ गईं और आवामी लीग पर प्रतिबंध लग गया था फैसल भी आवामी लीग की छात्र शाखा को छोड़ आवामी लीग का सदस्य बन गया। उसकी लिंक्डन प्रोफाइल के मुताबिक उसने 2013 में ढाका की एक यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में डिग्री ली उसके बाद एक दूसरे कॉलेज से एमबीए भी किया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक 2024 में जब शेख हसीना के नेतृत्व में सरकार तथाकथित छात्र आंदोलन को कुचलने के प्रयास कर रही थी, तो उस काम में भी मसूद ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक मसूद को इसी साल एक डकैती के सिलसिले में भी गिरफ्तार किया गया था, हालांकि बाद में उसे रिहा कर दिया गया।
एजेंसियों को मसूद पर शक क्यों?
बांग्लादेशी एजेंसियों के मुताबिक मसूद ही वह व्यक्ति है, जिसने चुनाव प्रचार के लिए निकले दाही पर गोली चलाई थीत। हादी 2024 का शेख हसीना को हटाने के लिए हुए आंदोलन का प्रमुख चेहरा था, वह अपने भारत विरोधी रुख के लिए भी जाना जाता था।
हादी की हत्या के सिलसिले में जारी किए गए एक वीडियो के मुताबिक 12 दिसंबर को हादी चुनाव प्रचार के दौरान एक बैटरी रिक्शा से जा रहा था, उसी वक्त बाइक सवार दो हमलावरों ने उसके सिर में गोली मार दी। इसके बाद उसे ढाका मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां से फिर सिंगापुर भेज दिया गया। हालांकि वहां पर उसकी मौत हो गई।
अधिकारियों के मुताबिक गोलीबारी के एक दिन पहले मसूद ने कथित तौर पर अपनी गर्लफ्रेंड से कहा था कि कल कुछ ऐसा होने वाला है, जो पूरे बांग्लादेश को हिलाकर रख देगा।
पुलिस ने इस खोजबीन में अभी तक कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इसमें मसूद के परिवार वाले भी शामिल हैं। मसूद के ऊपर 50 लाख टका के इनाम का ऐलान भी किया गया। हालांकि, अभी तक पुलिस के हाथ में कुछ नहीं लगा है।

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Upendra Thapakलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




