Hindi Newsविदेश न्यूज़Bangladesh violence Chhayanaut office set on fire rare books destroyed
बांग्लादेश में बेकाबू हो गई हिंसा, छायानट के ऑफिस में लगा दी आग; दुर्लभ किताबें जलकर खाक

बांग्लादेश में बेकाबू हो गई हिंसा, छायानट के ऑफिस में लगा दी आग; दुर्लभ किताबें जलकर खाक

संक्षेप:

बांग्लादेशी नेता उस्मान हादी की मौत के बाद पूरा बांग्लादेश जल रहा है। उपद्रवियों ने बांग्लादेश की सबसे पुरानी सांस्कृतिक संस्था छायानट के ऑफिस में भी आग लगा दी और कई दुर्लभ किताबें और इंस्ट्रूमेंट तोड़ डाले।

Dec 19, 2025 01:17 pm ISTAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

बांग्लादेश एक बार फिर हिंसा की आग में जल उठा है। शेख हसीना और भारत विरोधी नेता उस्मान हादी की मौत के बाद पूरे बांग्लादेश में आक्रोश है। प्रदर्शनकारियों ने डेली स्टार और प्रोथोम अलो अखबारों के ऑफिस में घुसकर आग लगा दी और जमकर तोड़फोड़ की। इसके अलावा ईशनिंदा के आरोप में एक हिंदू को पीट-पीटकर मार डाला गया और फिर शव को पेड़ से लटकाकर आग लगा दी गई। बांग्लादेश में सबसे पुरानी सांस्कृतिक संस्था छायानट पर भी उपद्रवियों ने हमाल कर दिया। धनमंडी स्थित छायानट के कार्यालय में पहले तोड़फोड़ की गई और फिर आग लगा दी गई। यहां मौजूद संगीत के वाद्य भी धूं-धूं कर जल गए। संस्था के मुताबिक बहुत सारी दुर्लभ किताबों, वाद्य यंत्रों और सांस्कृतिक सामग्रियों को आग लगा दी गई। छायानट के महासचिव लैसा अहमद ने इस हमले की निंदी की है और जांच की मांग की है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

अहमद ने कहा, हम इस हमले की निंदा करते हैं। बहुत ही कम समय में इतना ज्यादा नुकसान कर दिया गया है कि इसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। बता दें कि छायानट की स्थापना रवींद्रनाथ टैगोर की जन्म शताब्दी के मौके पर 1961 में की गई थी। इस संस्था का उद्देश्य बंगाली साहित्य और संस्कृति को प्रसारित करना था। इसके अलावा गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की शिक्षाओं और साहित्य को लेकर भी यहां काम होता था। वंचितों और पिछड़ों के लिए भी यह एक ओपन संस्था है।

बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के समय छायानट की तरफ से स्वतंत्रता सेनानियों और शरणार्थियों के लिए कार्यक्रम आयोजित करवाए जाते थे। इससे उनमें उत्साह का संचार होता था। इसके अलावा यह बंगाली संस्कृति, संगीत और साहित्य के दिशा में लगातार काम करने वाली संस्था है। इंकलाब मंच के नेता उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा में बांग्लादेश को बड़ा नुकासन पहुंचा है। उपद्रवियों ने शेख मुजीबुर्रहमान की प्रतिमा तोड़ डाली। इसके अलावा टीवी चैनल के कार्यालयों को भी निशाना बनाया गया।

बीती रात एक फेसबुक पोस्ट में छायानट की तरफ से कहा गया था कि इस तरह से आगजनी औऱ उपद्रव करके यही दर्शाया जा रहा है कि बांग्लादेश की स्वतंत्रता चली गई है और यहां की सरकार बेकार है। हमारी संप्रभुता और स्वतंत्रता को तार-तार किया जा रहा है। हादी देश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव में उम्मीदवार थे और पिछले सप्ताह ढाका के विजयनगर इलाके में चुनाव प्रचार शुरू करते समय नकाबपोश बंदूकधारियों ने उनके सिर में गोली मार दी थी। गोली मारे जाने के बाद हादी की हालत को ढाका के चिकित्सकों ने ‘‘बेहद नाजुक’’ बताया था जिसके बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने सोमवार को उन्हें बेहतर उपचार के लिए एयर एंबुलेंस से सिंगापुर भेजा था जहां कोमा में रहने के बाद उनकी मौत हो गई।

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha
अंकित ओझा पिछले 8 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। अंकित ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से स्नातक के बाद IIMC नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा किया है। इसके बाद कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर डिग्री हासिल की है। राजनीति, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय डेस्क पर कार्य करने का उनके पास अनुभव है। इसके अलावा बिजनेस और अन्य क्षेत्रों की भी समझ रखते हैं। हिंदी, अंग्रेजी के साथ ही पंजाबी और उर्दू का भी ज्ञान है। डिजिटल के साथ ही रेडियो और टीवी के लिए भी काम कर चुके हैं। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।