बांग्लादेश में यूनुस को लेकर बढ़ा विवाद, राष्ट्रपति के ऊपर हमलावर जमात; पूरा मामला

Feb 26, 2026 02:51 pm ISTUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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बांग्लादेश में तारिक रहमान के सत्ता में आने के बाद से यूनुस की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। हालांकि, राष्ट्रपति के हमले बाद यूनुस को जमात-ए-इस्लामी का समर्थन मिला है। जमात प्रमुख ने राष्ट्रपति पर पलटवार करते हुए पूछा कि आखिर उन्होंने 5 अगस्त को लेकर हुए घटनाक्रम की कई बातें क्यों छिपाईं।

बांग्लादेश में यूनुस को लेकर बढ़ा विवाद, राष्ट्रपति के ऊपर हमलावर जमात; पूरा मामला

बांग्लादेश में तारिक रहमान के सत्ता में आने के बाद यूनुस प्रशासन पर लगातार निशाना साधा जा रहा है। यूनुस सरकार के मंत्रियों की संपत्ति, स्वयं यूनुस की संपत्ति में हुई बढ्ढोत्तरी को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे थे। इसी बीच राष्ट्रपति शहाबुद्दीन की तरफ से उठाए गए सवालों ने यूनुस के लिए मामले को और भी ज्यादा बिगाड़ दिया है। हालांकि, अब यूनुस के समर्थन में जमात-ए-इस्लामी आ गई है। राष्ट्रपति द्वारा यूनुस के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बयान देने के बाद जमात ने राष्ट्रपति शहाबुद्दीन पर तीखा हमला बोला है।

फेसबुक पर लिखे एक पोस्ट में जमात प्रमुख और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष शफीकुर रहमान ने राष्ट्रपति पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर उनके साथ इतना ही गलत हो रहा था, तो वह बताएं कि आखिर उन्होंने शेख हसीना के सत्ता छोड़ने वाले दिन को लेकर सच्चाई क्यों छिपाई। जमात प्रमुख रहमान ने राष्ट्रपति पर हमला बोलते हुए लिखा, "राष्ट्रपति ने 5 अगस्त 2024 से संबंधित कई बातें दबा दीं। उन्होंने अपने वर्तमान बयान में यह स्वीकार नहीं किया कि गिरी हुई और फरार प्रधानमंत्री के इस्तीफे के बारे में उन्होंने उस दिन उपस्थित नेताओं से क्या कहा था और बाद में राष्ट्र से क्या कहा। उस दिन उन्होंने वह कुछ नहीं कहा जो अब कह रहे हैं।”

दरअसल, रहमान यहां पर हसीना के इस्तीफे को लेकर शहाबुद्दीन पर निशाना साध रहे थे। राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने 5 अगस्त को हसीना के जाने के बाद देश के नाम दिए अपने संबोधन में कहा था कि उन्होंने हसीना का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है, लेकिन दो महीने बाद उन्होंने कहा कि केवल सुना है कि इस्तीफा दिया गया है, लेकिन इसका मेरे पास कोई प्रमाण नहीं है।

यूनुस प्रशासन पर क्या कहा था राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने?

तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के बाद राष्ट्रपति और आंतरिम सरकार के प्रमुख रह चुके यूनुस के बीच में खींचतान साफतौर पर नजर आई। शहाबुद्दीन ने यूनुस के ऊपर कई बड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यूनुस के द्वारा बांग्लादेश और अमेरिका के बीच में एक गोपनीय समझौता किया गया था। उन्होंने कहा, "अमेरिका के साथ किए गए ऐसे किसी भी समझौते की जानकारी मुझे दी जानी चाहिए थी, लेकिन यूनुस ने ऐसा नहीं किया।"

राष्ट्रपति ने बीएनपी का धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रदर्शनों के दौरान वह केवल इसलिए राष्ट्रपति बने रह सके क्योंकि बीएनपी के वरिष्ठ नेताओं और सशस्त्र बलों ने उन्हें अपना समर्थन दिया था। उन्होंने कहा, "बीएनपी के एक वरिष्ठ नेता ने मुझे समर्थन का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा था कि हम संवैधानिक निरंतरता बनाए रखना चाहते हैं। हम किसी भी असंवैधानिक तरीके से राष्ट्रपति को हटाने के पक्ष में नहीं है।"

यूनुस पर हमले को लेकर जमात प्रमुख क्यों बोले?

बांग्लादेश में शेख हसीना के सत्ता से जाने के बाद यूनुस प्रशसान ने ही जमात ए इस्लामी और उसके छात्र संगठन छात्र शिविर पर से बैन हटाया था। ऐसा माना जाता रहा है, कि हसीना को सत्ता से उखाड़ फेंकने में इन्हीं दोनों का सबसे बड़ा योगदान है।

कई रिपोर्ट्स में ऐसा दावा किया गया कि इन इस्लामिक संगठनों और अंतरिम प्रशासन के बीच पहले से ही एक समझ बन चुकी थी। इसलिए यूनुस प्रशासन ने भी इनका ज्यादा विरोध नहीं किया। अब जबकि यूनुस जा चुके हैं, तो राजनीति की जिम्मेदारी जमात के ऊपर है। यूनुस के ऊपर किसी सवाल का जवाब जमात ही देता नजर आता है।

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