'कोई जल्दी नहीं'; पीएम तारिक रहमान की भारत यात्रा पर बोला बांग्लादेश, क्या खिचड़ी पक रही?
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत यात्रा को लेकर ढाका ने कहा है कि वह किसी तरह की जल्दबाजी में नहीं है। उन्होंने कहा कि दोनों देश लगातार बातचीत कर रहे हैं, जैसे ही बातचीत बेहतर स्तर पर पहुंचेगी, पीएम अगले हफ्ते भारत दौरे पर जाएंगे।

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत यात्रा को लेकर लगातार कयास लगाए जा रहे हैं। भारत सरकार द्वारा यह साफ किया जा चुका है कि उन्होंने बांग्लादेश के पीएम को द्विपक्षीय और ब्रिक्स समिट में शामिल होने का न्योता दे चुका है। लेकिन बांग्लादेश की तरफ से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। अब खबर आ रही है कि बांग्लादेश सरकार का कहना है कि उन्हें तारिक रहमान की भारत यात्रा को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं है। वह दोनों देशों के बीच रिश्तों को पटरी पर आने का इंतजार कर रहे हैं।
बांग्लादेशी मीडिया के मुताबिक विदेश राज्य मंत्री हुमांयू कबीर ने शनिवार को पीएम तारिक रहमान की संभावित भारत यात्रा को लेकर सरकार की राय बताई। कबीर ने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत में पर्याप्त प्रगति होने के बाद ही तारिक रहमान भारत यात्रा पर जाएंगे। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश, नई दिल्ली के साथ अच्छे संबंध चाहता है, लेकिन वह अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा।
भारत ने दिया है तारिक रहमान को न्योता
हुमांयू कबीर का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब तारिक रहमान के भारत दौरे को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। भारत ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को द्विपक्षीय दौरे के साथ-साथ 12-13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के 'आउटरीच' सत्र में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। इस बहुप्रतीक्षित दौरे को भारत-बांग्लादेश संबंधों को फिर से बेहतर बनाने के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि अगस्त 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के गिरने के बाद इन संबंधों में गिरावट आई थी।
तारिक रहमान की सरकार लगातार शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रही है, जबकि भारत का कहना है कि वह इस अनुरोध पर कानूनी प्रक्रियाओं के तहत विचार कर रहा है।
भारत के लिए शेख हसीना को प्रत्यर्पित करना आसान नहीं
बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के दौर को नई दिल्ली और ढाका के रिश्तों का स्वर्णिम युग कहा जा सकता है। दोनों देशों के बीच में लगातार सहयोग और दोस्ती की बानगी देखी गई थी। लेकिन अगस्त 2024 में शेख हसीना के तख्तापलट के बाद हसीना भागकर भारत आ गईं। तब से लेकर अब तक वह भारत में ही हैं। ऐसे में बांग्लादेश और भारत के रिश्ते परेशानी में बने हुए हैं। विशेषज्ञों की मानें तो भारत के लिए शेख हसीना को बांग्लादेश को सौंप देना आसान भी नहीं है। क्योंकि यहां पर बात भारत की उस ऐतिहासिक नीति की आती है, जिसमें मेहमान की किसी भी हालत में सुरक्षा की जाती है। नई दिल्ली यह जानती है कि अगर शेख हसीना का प्रत्यर्पण किया जाता है, तो यह उन्हें मौत के मुंह में धकेलने के बराबर होगा।
बांग्लादेश के साथ रिश्ते सुधारने की कोशिश में भारत
शेख हसीना के प्रत्यर्पण के अलावा भारत बांग्लादेश को दोस्ती बढ़ाने का हर मौका दे रहा है। आम चुनाव के बाद तारिक रहमान की सरकार को मान्यता देने वाले देशों में भारत पहले नंबर पर था। इससे पहले जब खालिदा जिया की मृत्यु हुई उस वक्त भी विदेश मंत्री जयशंकर ने वहां जाकर शिरकत की थी। भारत ने बांग्लादेश में अभी वरिष्ठ नेता दिनेश त्रिवेदी को राजदूत बनाकर भेजा है, जो कि एक बड़ा कदम है। इसके अलावा तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में भी लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और विदेश सचिव विक्रम मिस्री गए थे। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद भी भारत ने तारिक रहमान को नई दिल्ली आने का न्योता दे दिया था। लेकिन इसके बाद भी बात नहीं बनी।
भारत की तरफ से तारिक रहमान के नई दिल्ली दौरे को सकारात्मक दृष्टि से देखा जा रहा है। बांग्लादेश में भारतीय राजदूत ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं कि तारिक रहमान का भारत दौरा यादगार रहे। उन्होंने जोर देकर कहा कि पीएम मोदी ने उनसे खुद इस बात को कहा है। लेकिन बांग्लादेश सौदेबाजी का संकेत देता हुआ नजर आ रहा है।
तारिक रहमान की चीन यात्रा
तारिक रहमान ने सबसे पहले भारत की यात्रा न करके मलेशिया और चीन की यात्रा की। दूसरी तरफ बांग्लादेश ने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किए के मक्का पैक्ट को लेकर भी सकारात्मक संकेत दिए। यह भारत को एक तरीके से ब्लैकमेल करने की तरकीब नजर आती है। इसके अलावा तारिक रहमान के भारत दौरे को लेकर बांग्लादेशी मंत्रियों की तरफ से लगातार बयानबाजी की जा रही है। कबीर से जब पूछा गया कि तारिक रहमान कब भारत यात्रा पर जा सकते हैं, तो उन्होंने कहा, "अगर हम कल अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर किसी समझौते पर पहुंच जाते हैं, तो हम अगले सप्ताह या उसके अगले सप्ताह (भारत) जा सकते हैं। यहां कोई जल्दबाजी नहीं है।''
हाल ही में विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी तारिक रहमान की भारत यात्रा को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि किसी भी रिश्ते के सफल होने के लिए उसे ''आपसी हित'' की कसौटी पर खरा उतरना होगा। यह बात उन्होंने बांग्लादेश और अन्य पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंधों के संदर्भ में कही थी।
फिलहाल दोनों देशों के बीच में बयानबाजी का दौर जारी है। तारिक रहमान के भारत दौरे को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। अगर यह दौरा होता है, तो इसे भारत और बांग्लादेश के रिश्तों की एक नई शुरुआत माना जाएगा।


