नई सरकार में मोहम्मद यूनुस पर आई मुसीबत, 450 बच्चों की मौत के बाद टीकाकरण नीति पर सवाल
बांग्लादेश में नई सरकार बनने के बाद अब अंतरिम सरकार के मुखिया रहे मोहम्मद यूनुस सवालों के घेरे में हैं। उनके टीकाकरण अभियान पर सवाल खड़े किए गए हैं। कोर्ट ने आदेश दिया है कि जांच पूरी होने तक वह देश से बाहर नहीं जा सकते।

बांग्लादेश में तारिक रहमान की सरकार बनने के बाद अंतरिम सरकार के मुखिया रहे मोहम्मद यूनुस एक बड़ी मुसीबत में घिर गए हैं। उनके कार्यकाल के दौरान खसरा के टीकाकरण में लापरवाही के बाद बीते दो महीने में कम से कम 450 बच्चों की मौतों की वजह से उन्हें सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया गया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि जब तक जांच पूरी ना हो जाए मोहम्मद यूनुस और 24 अन्य लोग देश से बाहर नहीं जा सकते हैं। जानकारी के मुताबिक खसरा की वैक्सीन कम होने की जवह से 2024 और 25 में ठीक से टीकाकरण नहीं हो पाया। इसी वजह से बड़ी संख्या में बच्चों की मौत हो गई है।
इस ममले को लेकर बांग्लादेश के हाई कोर्ट में एक पीआईएल फाइल की गई है। सुप्रीम कोर्ट के वकील एम अशरफुल इस्लाम ने कहा है कि इस मामले की ठीक से जांच होनी चाहिए। बांग्लादेश के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का आरोप है कि अंतरिम सरकार में काफी लापरवाही थी और स्वास्थ्य कर्मचारी भी अपने काम को ठीक से नहीं कर रहे थे। उनका कहना है कि मोहम्मद यूनुस के साथ ही पूर्व स्वास्थ्य सलाहकार नूरजहां बेगम के खिलाफ भी जांच होनी चाहिए।
बता दें कि बांग्लादेश में शेख हसीन की सरकार गिरने के बाद मोहम्मद यूनुस को मुख्य सलाहकार बनाया गया था। इसके बाद फरवरी महीने में चुनाव करवाए गए और बीएनपी को जीत हासिल हुई। फिलहाल तारिक रहमान बांग्लादेश के प्रधानमंत्री हैं। मोहम्मद यूनुस की सरकार के दौरान बांग्लादेश में अराजकता का माहौल चरम सीमा को पार कर गया था। इस दौरान सैकड़ों हिंदुओं की हत्या कर दी गई और अल्पसंख्यकों का रहना मुहाल हो गया।
तारिक की सरकार बनने के बाद पहले के मुताबिक स्थिति ठीक दिखती है।
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अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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